लखनऊ में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के 37वें स्थापना दिवस पर उन्नत बीजों, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक शोध से खेती को लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) का 37वां स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान, उन्नत बीजों और नई तकनीकों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता के कार्यकाल का यह आठवां कार्यक्रम था। जिसमें से चार कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे तथा दो कार्यक्रमों में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन मौजूद रही थी।
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कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद पिछले कई वर्षों से किसानों के हित में नई तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक शोध के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में यह आठवां स्थापना दिवस समारोह है। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुभवों और शोध के माध्यम से खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में काम करने पर बल दिया गया। UP News:
स्थापना दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव एमके शनमुगा सुंदरम, उपकार के महानिदेशक संजय सिंह और गन्ना शोध संस्थान के निदेशक एसएन सुशील सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। UP News:
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कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य किसानों तक कृषि अनुसंधान के परिणाम पहुंचाना और उन्हें आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराना रहा। उन्नत बीजों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और किसानों के बीच बेहतर समन्वय को खेती की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जाता है। ऐसे आयोजन किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर नई संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करते हैं। UP News:
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