UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था को लेकर बांदा के व्यापारियों में नाराजगी सामने आई है। सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

UP News : UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को लेकर बांदा के व्यापारियों की चिंता अब खुलकर सामने आ गई है। सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। व्यापारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR लागू होने की चर्चा छोटे, मध्यम और फुटकर कारोबारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती है। व्यापारियों के मुताबिक किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और दवा जैसे कारोबार पहले ही सीमित मुनाफे के बीच संचालित हो रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क जुड़ने से कारोबार की लागत बढ़ने के साथ व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ सकती है। UP News
व्यापार मंडल के अनुसार अतिरिक्त शुल्क का भार अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।इससे वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ने और डिजिटल भुगतान के बजाय नकद लेनदेन को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई गई। UP News
व्यापारियों ने छोटे कारोबारियों के लिए UPI को शुल्क मुक्त रखने,केवल लेनदेन की राशि के आधार पर सीमा निर्धारित न करने और कारोबार की प्रकृति के आधार पर नियम तय करने की मांग की।इसके साथ ही व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों से परामर्श करने की मांग भी रखी गई।ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ,महामंत्री कमल कुमार गुप्ता,प्रांतीय संयुक्त महामंत्री चारुचंद्र खरे,वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय यदि उस पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डाला गया,तो इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है। UP News
विज्ञापन