UPI लेनदेन पर लागू किए जा रहे Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। जौनपुर व्यापार मंडल ने मर्चेंट लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क के प्रावधान का विरोध करते हुए सरकार और संबंधित संस्थाओं से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।

UP News : UPI लेनदेन पर लागू किए जा रहे Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। जौनपुर व्यापार मंडल ने मर्चेंट लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क के प्रावधान का विरोध करते हुए सरकार और संबंधित संस्थाओं से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। व्यापार मंडल के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में व्यापारी और उपभोक्ता रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI पर निर्भर हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, सुरक्षित और कम लागत वाली बनाए रखना जरूरी है। UP News
वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान MDR से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा छोटे व्यापारियों के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले भुगतान भी शुल्क-मुक्त रहेंगे। सरकार का कहना है कि करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं, निर्धारित श्रेणी के 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से वसूल किए जाने वाला कोई सरकारी टैक्स नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है। UP News
व्यापार मंडल का कहना है कि जिन कारोबारियों के यहां अपेक्षाकृत अधिक मूल्य के डिजिटल भुगतान होते हैं, उनके लिए अतिरिक्त लेनदेन लागत चिंता का विषय बन सकती है। संगठन का तर्क है कि छोटे और मध्यम कारोबारियों के मुनाफे का मार्जिन सीमित होता है और अतिरिक्त लागत का असर उनके कारोबार पर पड़ सकता है। इंद्रभान सिंह इंदु ने सरकार से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए अधिक सुगम बनाए रखने की मांग की। उनका कहना है कि UPI को अपनाने में व्यापारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागत से जुड़े मुद्दों पर संवाद जरूरी है। UP News
जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर व्यापार मंडल लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर इस मुद्दे पर समाधान निकालने की मांग की। व्यापार मंडल का कहना है कि डिजिटल भुगतान देश के व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसलिए किसी भी शुल्क व्यवस्था का निर्धारण करते समय छोटे कारोबारियों और व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। UP News
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। मंत्रालय के अनुसार, ग्राहक को UPI भुगतान करने के लिए कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा। बैंकों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि लागू MDR का बोझ ग्राहकों पर न डाला जाए। इस बीच व्यापारियों की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों के कारण UPI शुल्क व्यवस्था को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। जौनपुर व्यापार मंडल ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता दर्ज कराते हुए सरकार से व्यापारियों के साथ संवाद की मांग की है। UP News
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