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प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सिविल कोर्ट काम्प्लेक्स में अवैध चैंबरों के खिलाफ चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला लाठीचार्ज तक पहुंच गया।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सिविल कोर्ट काम्प्लेक्स में अवैध चैंबरों के खिलाफ चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला लाठीचार्ज तक पहुंच गया। घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है और आंदोलन की राह पकड़ ली गई है। UP News
नगर निगम की टीम करीब 200 से अधिक अवैध चेंबरों को हटाने पहुंची थी। प्रशासन की ओर से पहले ही इन निमार्णों को चिह्नित कर 16 मई तक हटाने का समय दिया गया था। कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में लंबित एक याचिका से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, मौके पर वकीलों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए बुलडोजर के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। घटना के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने आपात बैठक कर कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए हैं। UP News
पहला, 18 से 20 मई तक लखनऊ न्यायालय के वकील सामूहिक रूप से हड़ताल पर रहेंगे। दूसरा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री को हाईकोर्ट में पक्षकार बनकर वकालतनामा दाखिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, 20 मई को एक बड़ी बैठक बुलाने का निर्णय भी लिया गया है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। वकीलों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने बिना पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था दिए कार्रवाई की, जिससे स्थिति बिगड़ी। साथ ही ठाकुरगंज इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। UP News
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