UPSC CSE 2025 के परिणाम में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े 6 छात्रों ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। जानिए फ्री कोचिंग, भागीदारी भवन और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम की पूरी कहानी।

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी फ्री कोचिंग पहल मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। इस योजना से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने फाइनल मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। 6 मार्च 2026 को घोषित परिणामों के अनुसार इन सभी छात्रों ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से मार्गदर्शन प्राप्त किया था। यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई नहीं कर पाते।
लखनऊ स्थित भागीदारी भवन आवासीय कोचिंग संस्थान और अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन में पढ़ाई करने वाले इन छह छात्रों ने अलग अलग रैंक हासिल की है। विमल कुमार ने 107वीं रैंक प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया है। विपिन देव यादव को 316वीं रैंक मिली है। मानसी ने 444वीं रैंक हासिल कर चयन सूची में जगह बनाई है। महेश जायसवाल ने 590वीं रैंक प्राप्त की है। अदिति सिंह को 859वीं रैंक मिली है, जबकि तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है। इन सफल उम्मीदवारों में विमल कुमार और विपिन देव यादव ने लखनऊ के गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग के तहत तैयारी की थी, जबकि अन्य अभ्यर्थियों ने अभ्युदय योजना के विशेषज्ञ पैनल के साथ मॉक इंटरव्यू सत्र में भाग लिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई अभ्युदय योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब और मध्यम वर्ग के मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत UPSC, UPPSC, JEE और NEET जैसी प्रमुख परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाती है। यहां अनुभवी आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के साथ विषय विशेषज्ञ छात्रों को मार्गदर्शन देते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में सही दिशा मिलती है।
लखनऊ के भागीदारी भवन जैसे संस्थानों में छात्रों को न केवल मुफ्त कोचिंग दी जाती है बल्कि रहने और खाने की भी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है। इसके अलावा मुख्य परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए दिल्ली और लखनऊ में विशेष मॉक इंटरव्यू सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और इंटरव्यू के लिए बेहतर तैयारी हो पाती है।
इन छात्रों की सफलता पर उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने सभी चयनित उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प है कि संसाधनों की कमी किसी भी मेधावी युवा के सपनों के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने भी छात्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस वर्ष UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं जैसे IAS, IPS और IFS के लिए चयनित किया गया है। उत्तर प्रदेश के इन छह छात्रों की सफलता यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, अवसर और मेहनत के साथ छोटे शहरों और साधारण परिवारों से आने वाले युवा भी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।