सामान्य नाम नहीं है उत्तर कुमार का, गिरफ्तारी के बाद बड़ी चर्चा
भारत
चेतना मंच
15 Sep 2025 03:25 PM
उत्तर प्रदेश के रहने वाले देहाती फिल्मों के सुपर स्टार उत्तर कुमार की गिरफ्तारी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दरसअल उत्तर कुमार कोई सामान्य नाम नहीं है। उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक उत्तर कुमार के करोड़ों फैंस मौजूद हैं। उत्तर कुमार वह कलाकार हैं जिसने बड़ी-बड़ी हिन्दी फिल्मों के मुकाबले देहाती फिल्मों को स्थापित करने का बहुत बड़ा काम किया है। उत्तर कुमार की धाकड़ छोरा के शीर्षक से बनी देहाती फिल्म के करोड़ों दर्शक उत्तर कुमार को भी धाकड़ छोरा के नाम से जानते हैं। UP News
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है उत्तर कुमार को
आपको बता दें कि रविवार की देर रात उत्तर प्रदेश पुलिस ने उत्तर कुमार को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस का दावा है कि उत्तर कुमार पर गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में रहने वाली एक अभिनेत्री के साथ रेप और शारीरिक शोषण के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, उत्तर कुमार को अमरोहा स्थित फार्महाउस से हिरासत में लिया गया है। पीडि़ता ने आरोप लगाया है कि साल 2020 में हरियाणवी एल्बम में काम दिलाने के बहाने अभिनेता ने उसका शारीरिक शोषण किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि पीडि़ता ने 2020 में हरियाणवी एल्बम में काम किया था। UP News
उसने उत्तर कुमार पर फिल्म में रोल दिलाने के नाम पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इस मामले में गाजियाबाद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने के बाद पीडि़त एक्टर्स ने पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। जब पीडि़ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में आत्महदाह का प्रयास किया था तब गाजियाबाद पुलिस हरकत में आई और उत्तर कुमार को अमरोहा के फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तर कुमार पर लगे आरोपों को सच नहीं मान रहे हैं फैंस
उत्तर कुमार की गिरफ्तारी पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे उत्तर भारत में उत्तर कुमार की गिरफ्तारी की चर्चा हो रही है। उत्तर कुमार के करोड़ों फैंस उनके हीरो पर लगे आरोपों को सच मानने को तैयार नहीं है। उत्तर कुमार के फैंस का कहना है कि उत्तर कुमार की प्रसिद्धी से डरकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई है। उत्तर कुमार के फैंस को यकीन है कि यदि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस पूरे मामले की ईमानदारी से जांच पड़ताल की तो उत्तर कुमार पर लगे हुए सारे आरोप झूठे साबित हो जाएंगे। UP News
पाठक शायद यकीन ना करें किन्तु यह बिल्कुल सच्ची घटना है। मात्र 8 वर्ष की उम्र में एक बच्चे ने फिल्मी हीरो बनने का सपना देखा और आज वह बच्चा देश ही नहीं दुनिया में करोड़ों दर्शकों का पसंदीदा कलाकार बन गया है। उसी कलाकार का नाम है उत्तर कुमार। 7 अक्टूबर 1973 को गाजियाबाद जनपद के एक छोटे से गांव बेहटा हाजीपुर में पैदा हुआ एक बच्चा आज हरियाणवी सिनेमा (देहाती फिल्मों) का बेताज बादशाह बना हुआ है। यह कलाकार जब मात्र 8-9 वर्ष का था तो इसने भारतीय सिनेमा के ही-मैन नाम से प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेन्द्र की फिल्म मॉं देखी थी। UP News
उस फिल्म में धर्मेन्द्र की अदाकारी देखकर बच्चे के मन में एक सपना कौंध गया कि उसे भी बड़ा होकर ऐसा ही कलाकार बनना है। वह बच्चा थोड़ा बड़ा हुआ। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आज का यह नामी-गिरामी कलाकार उत्तर कुमार मायानगरी मुंबई चला गया। वहां फिल्मों में काम की तलाश में धक्के तो खूब खाए किन्तु अडियल स्वभाव के कारण काम मांगने किसी के दफ्तार में कभी नहीं गया। कुछ दिन मुंबई में भटकने के बाद इस युवक ने नोएडा के AAFT नामक संस्थान में लेखन व निर्देशन के क्षेत्र में दाखिला लिया। उस संस्थान से फिल्मों की बारीकियां सीखकर भी कहीं कोई काम नहीं मिला।
इस बीच अपने कुछ मित्रों के सहयोग से उस युवक ने एक हरियाणवी फिल्म बनाई। फिल्म का नाम था बावली दुर्भाग्य से फिल्म पूरी तरह से फ्लाप हो गयी। उत्तर कुमार को धाकड़ छोरा के नाम से भी जाना जाता है। उनके चाहने वाले उन्हें देशी फिल्मों का अमिताभ बच्चन भी कहते हैं। जिस फिल्म में उत्तर कुमार अभिनय करते हैं उन फिल्मों की दर्शक संख्या अकेले यू-टयूब पर 5 से 6 करोड़ तक होती है। आज फिल्मी दुनिया में कोई दूसरा ऐसा कलाकार नजर नहीं आता कि जिसकी देहाती फिल्में इतनी बड़ी तादात में दर्शक देखते हों।
उत्तर कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मैं आज जो भी हूं वह केवल अपने दर्शकों की बदौलत हूं। मुझे दर्शक व्यापक प्यार करते हैं। बावली फिल्म फ्लाप होने के बाद क्या हुआ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया था कि यह वर्ष-2004 के आसपास की बात है। दिल्ली व एनसीआर में काले बंदर का आतंक फैला हुआ था। मैं उसी आतंक पर फिल्म की कहानी लिख रहा था। फिर एक दिन दोस्तों में गप-शप हो रही थी। सभी मित्र अपने-अपने कॉलेज के किस्से सुना रहे थे। मेरा कोई किस्सा नहीं था। मैंने एक मित्र का किस्सा सुनाया जो सभी मित्रों को बहुत पसंद आया। UP News
दोस्तों की राय पर उसी किस्से पर आधारित एक कहानी लिखी जिसका नाम रखा गया धाकड़ छोरा उस कहानी पर फिल्म बनाई। वह फिल्म रातोंरात सुपरहिट हो गयी। फिर क्या था यह सिलसिला चल पड़ा। वे अब तक 60 से भी अधिक फिल्में बना चुके हैं। बातचीत में उत्तर कुमार बताते हैं कि फिल्म धाकड़ छोरा के निर्माण पर मात्र साढ़े चार लाख रूपए खर्च हुए थे। उस फिल्म ने चंद दिनों में ही पांच करोड़ रूपए कमा लिए थे। आज भी उस फिल्म से कमाई हो रही है। हरियाणवी फिल्म (देहाती सिनेमा) जगत में वह फिल्म मील का पत्थर साबित हुई है।
पूरे परिवार की फिल्म बनाते रहे हैं उत्तर कुमार
हरियाणवी फिल्मों के सुपर स्टार उत्तर कुमार बताते हैं कि उनकी फिल्मों का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर पूरे आनंद के साथ देख सकता है। हर आयु वर्ग के दर्शकों के लिए फिल्म में कुछ ना कुछ अवश्य होता है। प्रत्येक फिल्म में उनका प्रयास कोई ना कोई सामाजिक संदेश देने का अवश्य रहता है। उनका मत है कि फिल्में समाज का दर्पण बन चुकी है। वे यह भी बताते हैं कि आज हरियाणवी फिल्म उद्योग बॉलीवुड को ना केवल कड़ी टक्कर दे रहा है बल्कि कई मामलों में उनसे आगे निकल गया है। एक-एक फिल्म को 5 से 6 करोड़ दर्शक देख रहे हैं जो अपने आप में बड़ा रिकार्ड है। UP News