कब्र खोदने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने घोषणा कर दी है कि यदि नेता तुरंत नहीं सुधरा तो उसे कब्र में जिंदा ही दफना दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश वालों ने जिस जिंदा नेता की कब्र खोदी है वह नेता उत्तर प्रदेश का रहने वाला नहीं है।

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से एक बड़ी खबर आई है। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को प्रेम तथा मोहब्बत की नगरी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की इसी प्रेम की नगरी आगरा में लोगों ने बाकायदा एक जिंदा नेता के लिए कब्र खोल दी है। कब्र खोदने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने घोषणा कर दी है कि यदि नेता तुरंत नहीं सुधरा तो उसे कब्र में जिंदा ही दफना दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश वालों ने जिस जिंदा नेता की कब्र खोदी है वह नेता उत्तर प्रदेश का रहने वाला नहीं है।
उत्तर प्रदेश में जिंदा नेता की कब्र खोदने का यह मामला पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार है। TMC के विधायक हुमायूँ कबीर ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह उत्तर प्रदेश में शहीद की गई बाबरी मस्जिद का निर्माण पश्चिम बंगाल में कराएंगे। TMC के विधायक हुमायूं कबीर की घोषणा से पूरे देश के हिन्दुवादी संगठन आक्रोश में है। इसी आक्रोश के कारण उत्तर प्रदेश हिन्दू महासभा ने आगरा में कब्र खोदकर घोषणा कर दी है कि यदि हुमायूँ कबीर तुरंत नहीं सुधरा तो उसे जिंदा कब्र में दफना दिया जाएगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में संत परमहंस आचार्य ने टीएमसी(TMC) विधायक हुमायूँ कबीर के ऊपर एक करोड़ रूपये के इनाम की घोषणा कर दी थी।
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में ताजमहल स्थापित है। ताजमहल के पीछे यमुना किनारा रोड पर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने एक गहरा गड्ढा खोदकर इसे 'कब्र' का रूप दिया है। संगठन का कहना है कि यह प्रतीकात्मक संदेश है कि जो भी बाबरी मस्जिद दोबारा बनाने की बात करेगा, उसे इसी कब्र में दफन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में गठित हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने अयोध्या के संत के इनाम का समर्थन करते हुए कहा, "जो हुमायूं कबीर को जिंदा या मुर्दा आगरा लाकर देगा, मैं उसे सोने के कंगन भेंट करूंगी। " उन्होंने चेतावनी दी कि सपना देखने वालों को यही कब्र मुबारक होगी। हिंदू महासभा के नेता सौरव शर्मा ने भी इस दौरान तीखा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "पश्चिम बंगाल क्या, कश्मीर से कन्याकुमारी तक कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे। " उन्होंने आगे कहा कि "बाबर का नाम लेने वालों के लिए हमने यह कब्र तैयार की है। "
उत्तर प्रदेश में जिंदा नेता को दफनाने के लिए खोदी गई कब्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रही है। हर कोई वायरल तस्वीरों को फारवर्ड कर रहा है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी TMC के विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया था। 6 दिसंबर वही तारीख है जब 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी। TMC विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि इबादत के नाम पर बनी मस्जिद का हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। हुमायूँ कबीर के बयान को सस्ती लोकप्रियता पाने का हथियार माना जा रहा है।