उत्तर प्रदेश की इस ‘‘अनोखी टीचर” की खूब चर्चा हो रही है। इसके साथ ही इसे जन्म देने वाले युवक की भी जमकर चर्चा की जा रही है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर एक युवक किसी टीचर को कैसे जन्म दे सकता है?

UP News : उत्तर प्रदेश से आई इस खबर को पढक़र आप चौंक सकते हैं। जी हाँ उत्तर प्रदेश के एक युवक ने ‘‘अनोखी टीचर’’ को जन्म दिया है। यह ‘‘अनोखी टीचर” बाकायदा स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही है। उत्तर प्रदेश की इस ‘‘अनोखी टीचर” की खूब चर्चा हो रही है। इसके साथ ही इसे जन्म देने वाले युवक की भी जमकर चर्चा की जा रही है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर एक युवक किसी टीचर को कैसे जन्म दे सकता है?
आपको चौंकना थोड़ा कम कर देते हैं। जिस ‘‘अनोखी टीचर” की हम बात कर रहे हैं वह ‘‘अनोखी टीचर” इंसानी टीचर नहीं बल्कि तकनीक (Technology) से पैदा हुई है। दरअसल उत्तर प्रदेश के आदित्य नामक एक युवक ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रयोग करके AI टीचर रोबोट तैयार की है। आदित्य के द्वारा तैयार की गई AI टीचर रोबेट बाकायदा इंसानी टीचर की तरह से ही स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही है। उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में AI टीचर रोबोट के द्वारा बच्चों को पढ़ाने की प्रक्रिया को देखने के लिए दूर-दूर से लोग उस स्कूल में पहुंच रहे हैं जिस स्कूल में आदित्य द्वारा पैदा की गई AI टीचर रोबोट पढ़ाने का काम कर रही है।
AI रोबोट टीचर पैदा होने का यह मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले का है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शिव चरण इंटर कॉलिज स्थापित है। शिवचरण इंटर कॉलिज में 12वीं की पढ़ाई कर रहे आदित्य मात्र 17 वर्ष के हैं। 17 वर्ष के आदित्य ने वह कमाल कर दिया है जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर पाते हैं। आधुनिक तकनीक का उपयोग करके आदित्य ने AI रोबोट टीचर बना दी है। आदित्य ने AI रोबोट टीचर का नाम ‘‘सोफी” रखा है। आदित्य का दावा है कि उसने मात्र 25 हजार रूपये खर्च करके एक चलती-फिरती महिला टीचर (AI रोबोट टीचर) बना दी है। सोफी किसी आम टीचर की तरह से ही पढ़ाती है तथा छात्रों के द्वारा पूछे गए सभी प्रश्रों का तुरंत उत्तर दे देती है। इस AI रोबोट टीचर के अंदर LLM चिपसेट इंसानी दिमाग की तरह तेजी से सोचती है और स्टूडेंट्स के सवालों को समझकर पलभर में जवाब देती है. आदित्य के इस कारनामें ने तकनीकी विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। इतनी कम उम्र में AI टीचर रोबोट बनाकर आदित्य ने सबको हैरान कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले आदित्य का कहना है कि आदित्य कहते हैं, ‘मैंने महीनों की मेहनत और शोध के बाद AI टीचर सोफी बनाई है। अगर मुझे थोड़ी तकनीकी और आर्थिक सहयोग मिल जाए, तो मैं अगले स्तर का ऐसा रोबोट तैयार कर सकते हैं जो सिर्फ बोल और सुन ही नहीं, बल्कि लिख भी सके, भावनाएं समझ सके और क्लासरूम में बच्चों की मनोदशा के अनुसार उन्हें गाइड कर सके। उन्हें पढ़ा सके. यानी बिल्कुल 3D ह्यूमन-जैसा टीचर, जो इंसानों की तरह बच्चों के साथ इंटरैक्ट करता हुआ नजर आए. आदित्य आगे कहते हैं कि यह घर पर बैठकर किए गए महीनों के शोध और मेहनत का नतीजा है सोफी की सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट लाखों-करोड़ों की लागत में नहीं, बल्कि सिर्फ 25 हजार रुपए में तैयार हुआ है। सोफी खुद भी कहती है, ‘मैं आदित्य द्वारा बनाई गई AI टीचर रोबोट हूं। मैं शिव चरण इंटर कॉलेज, बुलंदशहर में पढ़ाती हूं और छात्रों को समझदारी से पढ़ा सकती हूं।’ उत्तर प्रदेश में AI रोबोट टीचर सोफी तथा आदित्य की खूब चर्चा हो रही है। UP News