उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा फैसला, 24 परियोजनाओं को मंजूरी
रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी-रेरा) ने राज्य के 13 जिलों में 24 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। परियोजनाओं में करीब 6,841.85 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे हजारों आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी।

UP News : उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी-रेरा) ने राज्य के 13 जिलों में 24 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में करीब 6,841.85 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे हजारों आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी।
198वीं बैठक में लिया गया अहम फैसला
यह मंजूरी यूपी-रेरा मुख्यालय में आयोजित 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता संजय भूसरेड्डी ने की। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई और केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो सभी नियामकीय मानकों पर खरी उतरीं।
7,800 से ज्यादा यूनिट्स का होगा विकास
मंजूर परियोजनाओं के तहत राज्य में करीब 7,830 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। नए घरों और व्यावसायिक स्पेस की उपलब्धता बढ़ेगी। रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा आएगी। निवेश और परियोजनाओं के लिहाज से गौतम बुद्ध नगर जिला सबसे आगे रहा। यहां 5,218.41 करोड़ रुपये के निवेश से 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। कुल 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें व्यावसायिक, आवासीय और मिक्स्ड-यूज परियोजनाएं शामिल हैं।
लखनऊ, आगरा और गाजियाबाद में भी विस्तार
राजधानी लखनऊ में 132.65 करोड़ रुपये के निवेश से 4 परियोजनाएं, करीब 651 यूनिट्स का निर्माण होगा। इसी तरह आगरा में
3 आवासीय परियोजनाओं के तहत 312 यूनिट्स और गाजियाबाद में 3 परियोजनाओं के माध्यम से 468 यूनिट्स विकसित होंगी।
इनके अलावा मेरठ, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, हापुड़ और बाराबंकी जैसे जिलों में भी आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इससे विकास का दायरा बड़े शहरों से आगे छोटे जिलों तक फैलेगा।
निवेशकों और खरीदारों के लिए सकारात्मक संकेत
रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के अनुसार पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। गृह खरीदारों को सुरक्षा और विश्वास मिलेगा तथा रियल एस्टेट सेक्टर में संतुलित और नियोजित विकास सुनिश्चित होगा। इस समय राज्य की नीतियों का असर दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट में बढ़ता निवेश बाजार है। जिसमें सरकार की सुधारात्मक नीतियों
सरल अनुमोदन प्रक्रिया और सख्त निगरानी व्यवस्था का परिणाम है। इससे राज्य देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा दी गई यह मंजूरी न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी। आने वाले समय में इसका सीधा लाभ आम लोगों और निवेशकों दोनों को मिलेगा।
UP News : उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी-रेरा) ने राज्य के 13 जिलों में 24 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में करीब 6,841.85 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे हजारों आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी।
198वीं बैठक में लिया गया अहम फैसला
यह मंजूरी यूपी-रेरा मुख्यालय में आयोजित 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता संजय भूसरेड्डी ने की। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई और केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो सभी नियामकीय मानकों पर खरी उतरीं।
7,800 से ज्यादा यूनिट्स का होगा विकास
मंजूर परियोजनाओं के तहत राज्य में करीब 7,830 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। नए घरों और व्यावसायिक स्पेस की उपलब्धता बढ़ेगी। रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा आएगी। निवेश और परियोजनाओं के लिहाज से गौतम बुद्ध नगर जिला सबसे आगे रहा। यहां 5,218.41 करोड़ रुपये के निवेश से 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। कुल 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें व्यावसायिक, आवासीय और मिक्स्ड-यूज परियोजनाएं शामिल हैं।
लखनऊ, आगरा और गाजियाबाद में भी विस्तार
राजधानी लखनऊ में 132.65 करोड़ रुपये के निवेश से 4 परियोजनाएं, करीब 651 यूनिट्स का निर्माण होगा। इसी तरह आगरा में
3 आवासीय परियोजनाओं के तहत 312 यूनिट्स और गाजियाबाद में 3 परियोजनाओं के माध्यम से 468 यूनिट्स विकसित होंगी।
इनके अलावा मेरठ, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, हापुड़ और बाराबंकी जैसे जिलों में भी आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इससे विकास का दायरा बड़े शहरों से आगे छोटे जिलों तक फैलेगा।
निवेशकों और खरीदारों के लिए सकारात्मक संकेत
रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के अनुसार पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। गृह खरीदारों को सुरक्षा और विश्वास मिलेगा तथा रियल एस्टेट सेक्टर में संतुलित और नियोजित विकास सुनिश्चित होगा। इस समय राज्य की नीतियों का असर दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट में बढ़ता निवेश बाजार है। जिसमें सरकार की सुधारात्मक नीतियों
सरल अनुमोदन प्रक्रिया और सख्त निगरानी व्यवस्था का परिणाम है। इससे राज्य देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा दी गई यह मंजूरी न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी। आने वाले समय में इसका सीधा लाभ आम लोगों और निवेशकों दोनों को मिलेगा।












