‘हथियार लेकर रौब ...' लखनऊ मर्डर केस में पड़ोसियों ने बताई अंदर की बात

उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।

लखनऊ मर्डर केस में आया नया एंगल
लखनऊ मर्डर केस में आया नया एंगल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 11:08 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया है। नीट की तैयारी कर रहा युवक अक्षत अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि अक्षत अक्सर घर में पिता की बंदूक लेकर घूमता दिखाई देता था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह कई बार बंदूक के पार्ट खोलकर सफाई करता और निशाना साधने की कोशिश करता था। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि वह कभी-कभी कार में भी बंदूक लेकर बाहर निकल जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके इस व्यवहार से मोहल्ले के बच्चे तक सहमे रहते थे और उससे दूरी बनाकर रखते थे।

20 फरवरी से लापता थे मानवेंद्र

पुलिस के अनुसार, लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता बताए गए थे। उसी दिन उनके बेटे अक्षत ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

आरोपी ने पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी सुबह करीब 6 बजे पिता ने उसे जगाकर कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे। इसके बाद उनके तीनों मोबाइल बंद हो गए और वे वापस नहीं आए। गुमशुदगी के बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह की तलाश शुरू की। जांच में उनका आखिरी मोबाइल लोकेशन काकोरी की ओर मिला, लेकिन मोबाइल वहां बरामद नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस का शक बेटे पर बढ़ने लगा। पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी लगातार बयान बदलता रहापहले उसने अलग कहानी सुनाई, फिर कहा कि पिता ने आत्महत्या की, और आखिर में कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी सुबह करीब 4:30 बजे पिता से विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को तीसरे फ्लोर से नीचे एक खाली कमरे में लाया और टुकड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ हिस्सों को कार में रखकर वह बाहर सदरौना इलाके की तरफ फेंक आया और बाकी हिस्से नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिए।

‘नीला ड्रम’ बना सबसे बड़ा सबूत

पुलिस का कहना है कि आरोपी आगे भी शव के बाकी हिस्से ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही मामला खुल गया। सोमवार शाम पुलिस अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में रखा ड्रम खोलने पर मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ। पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने वारदात के बाद कार की सफाई भी की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की बहन घर में मौजूद थी, लेकिन डर के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है कि घटना के बाद घर के भीतर क्या-क्या हुआ और कौन-कौन कब तक अनजान बना रहा। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, गोली सिर में लगने की वजह से शव की हालत बेहद खराब थी और कमरे में खून फैला था। मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके पिता यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र की पत्नी का करीब एक साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में आरोपी बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है। मानवेंद्र का छोटा भाई भी उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत बताया जा रहा है। UP News

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सीएम योगी से मुलाकात के बाद संजय दत्त ने लिखी भावुक पोस्ट, सोशल मीडिया पर वायरल

सीएम योगी आदित्यनाथ और संजय दत्त हाथ मिलाते हुए बेहद खुश और आत्मीय नजर आ रहे हैं। अपनी इस मुलाकात का जिक्र करते हुए संजय दत्त ने एक भावुक पोस्ट लिखी।

CM Yogi Adityanath & sanjay Datt
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar24 Feb 2026 10:45 AM
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UP News : बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता संजय दत्त ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। सोमवार को संजय दत्त ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सीएम योगी के साथ अपनी इस मुलाकात की तस्वीर साझा की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

तस्वीर में नजर आया दोनों का आत्मीय संबंध

साझा की गई तस्वीर में सीएम योगी आदित्यनाथ और संजय दत्त हाथ मिलाते हुए बेहद खुश और आत्मीय नजर आ रहे हैं। अपनी इस मुलाकात का जिक्र करते हुए संजय दत्त ने एक भावुक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा, "ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात करने का अवसर मिला। यह एक बेहद सुखद अनुभव रहा। इस बातचीत और शुभकामनाओं के लिए आपका शुक्रिया।"

फैंस ने कहा- 'बेस्ट फोटो ऑफ द ईयर'

दोनों हस्तियों की इस तस्वीर को देखकर फैंस का उत्साह देखने लायक है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे 'बेस्ट फोटो ऑफ द ईयर' (साल की सबसे बेहतरीन तस्वीर) बताते हुए खूब पसंद किया। फैंस को बॉलीवुड स्टार और सीएम को एक फ्रेम में देखकर बहुत खुशी हुई।

लखनऊ में 'जय श्रीराम' के नारों से गूंजा रोड शो

संजय दत्त विधायक राजेश्वर सिंह के निमंत्रण पर लखनऊ पहुंचे थे। पिछले हफ्ते उन्होंने यहां 'जीरो नेट 2040' अभियान के लिए एक किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला। इस दौरान शहर में उनका फूलों की बारिश से स्वागत किया गया। रोड शो के दौरान जब भीड़ ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए, तो माहौल धार्मिक और उत्साहवर्धक हो गया। संजय दत्त ने इस अवसर पर युवाओं को पर्यावरण बचाने की भी अपील की। उनके रोड शो में बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बॉलीवुड और यूपी का बढ़ता रिश्ता

यह उल्लेखनीय है कि संजय दत्त से पहले बॉलीवुड के दूसरे बड़े सितारे गोविंदा भी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचे थे, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया था। यह कदम साफ जाहिर करता है कि उत्तर प्रदेश में फिल्म इंडस्ट्री के सितारों का खिंचाव लगातार बढ़ रहा है।

संजय दत्त का वर्कफ्रंट

पेशेवर मोर्चे पर बात करें, तो संजय दत्त आखिरी बार फिल्म 'धुरंधर' में नजर आए थे। अब वे जल्द ही 'धुरंधर 2', 'द गुड महाराजा' और 'केडी: द डेविल' जैसी बड़ी प्रोजेक्ट्स में दिखाई देंगे। उनकी इन आने वाली फिल्मों को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। UP News

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उत्तर प्रदेश में बेटा बना हैवान! गोमती ‘प्लान’ से पहले खुल गई पोल

लिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने, इसलिए उस पर NEET की तैयारी का लगातार दबाव था। आरोप है कि युवक दो बार NEET दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसी तनाव और घर के माहौल में बढ़ती तकरार के बीच 20 फरवरी की सुबह पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई थी ।

लखनऊ मर्डर केस
लखनऊ मर्डर केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 10:48 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। राजधानी लखनऊ स्तिथ आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक अक्षत पर आरोप है कि उसने NEET की तैयारी के दबाव और मानसिक तनाव के बीच अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद मामले को छिपाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में भरकर सीमेंट डाल दिया, और घर में मौजूद छोटी बहन को जान से मारने की धमकी देकर कई दिनों तक घर के अंदर कैद रखा। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आने का दावा किया है।

कैसे खुला राज? 

इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब कॉलोनी के लोगों को घर से जुड़ी गतिविधियां असामान्य लगीं। शक गहराने पर पड़ोसियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो घर के ऊपरी हिस्से में खून के निशान मिले। जांच आगे बढ़ी तो नीचे के एक कमरे में नीला ड्रम दिखाई दिया। ड्रम खोलने पर जो सामने आया, उसने पुलिसकर्मियों को भी सन्न कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने, इसलिए उस पर NEET की तैयारी का लगातार दबाव था। आरोप है कि युवक दो बार NEET दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसी तनाव और घर के माहौल में बढ़ती तकरार के बीच 20 फरवरी की सुबह पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई थी । गुस्से में आकर आरोपी ने कथित तौर पर पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उनके सिर में गोली मार दी।

वारदात के बाद सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह घटना के बाद घबरा गया था और शव को ठिकाने लगाने के तरीके खोज रहा था। शुरुआत में उसकी योजना गोमती नदी में शव बहाने की थी, लेकिन उसके मुताबिक यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद उसने कथित तौर पर शव को काटकर अलग-अलग तरीके से छिपाने की कोशिश की। पुलिस इन तमाम बिंदुओं की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के आधार पर पुष्टि कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात के निशान मिटाने के लिए खून से सनी चीजें हटाने की कोशिश की। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि उसने कुछ सामान को अमौसी की तरफ ले जाकर जलाने का प्रयास किया। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि आरोपी वारदात के बाद किन-किन जगहों पर गया और क्या-क्या सबूत नष्ट किए गए।

बहन को धमकाकर रखा बंद

घटना के समय आरोपी की छोटी बहन जो कक्षा 11 की छात्रा है अपने कमरे में मौजूद थी। गोली की आवाज सुनते ही जब वह घबराकर बाहर निकली, तो आरोप है कि अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर डराया और अगले 3-4 दिनों तक घर के अंदर ही रहने को मजबूर किया। पुलिस का कहना है कि छात्रा गहरे मानसिक सदमे में है, इसी वजह से उसकी काउंसलिंग कराई गई। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस टीम हत्या, सबूत मिटाने, शव ठिकाने लगाने की कोशिश और बहन को बंधक बनाने जैसे सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। UP News

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