अलग–अलग मार्गों से जय श्री राम के गगनभेदी नारों के बीच जब श्रद्धालु राम मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते नजर आए, तो पूरी अयोध्या, और खासकर उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक–आध्यात्मिक पहचान, भक्ति, उमंग और अद्वितीय भावनात्मक उल्लास के रंगों में डूबी दिखाई दी।

उत्तर प्रदेश की आस्था की राजधानी अयोध्या में मंगलवार का दिन सचमुच इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। विवाह पंचमी के शुभ संयोग पर रामनगरी की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे देश तक पहुंचाया। तय मुहूर्त पर प्रधानमंत्री ने मंदिर के शिखर पर विशेष ध्वज स्थापित किया, तो ऐसा लगा मानो सदियों से इस घड़ी की प्रतीक्षा कर रहे करोड़ों राम भक्तों का सपना एक साथ सच हो उठा हो। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 3000 विशिष्ट अतिथि सुबह से ही अयोध्या की ओर उमड़ते रहे। अलग–अलग मार्गों से जय श्री राम के गगनभेदी नारों के बीच जब श्रद्धालु राम मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते नजर आए, तो पूरी अयोध्या, और खासकर उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक–आध्यात्मिक पहचान, भक्ति, उमंग और अद्वितीय भावनात्मक उल्लास के रंगों में डूबी दिखाई दी।
अयोध्या पहुंचे मेहमानों ने बातचीत में खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश की धरती आज उस लंबे संघर्ष की साक्षी बन रही है, जिसके बारे में पीढ़ियों तक सिर्फ कहानियों और आस्था के रूप में सुना जाता था। पूर्वी उत्तर प्रदेश से पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे इस दिन को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य मानते हैं।
लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक इच्छाशक्ति और नेतृत्व के कारण अयोध्या में 500 वर्षों से चले आ रहे विवाद और संघर्ष का अंत हुआ और राम मंदिर अपनी पूर्ण भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के लिए तैयार हो पाया। बस्ती जिले से अयोध्या पहुंचे विशिष्ट अतिथि ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा-राम मंदिर के लिए न जाने कितने राम भक्तों ने अपना बलिदान दिया। आज लगता है उनकी आत्मा को भी शांति मिल रही होगी। हम ध्वजारोहण कार्यक्रम का हिस्सा बनकर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। हमारा संदेश है कि हर हिंदू एकजुट रहे। अब काशी और मथुरा की बारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो काम किया है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। कई लोग तो उन्हें भगवान का अवतार मानते हैं। अयोध्या में उपस्थित कई अन्य मेहमानों ने भी इसी तरह की भावनाएँ व्यक्त करते हुए मोदी और योगी की जोड़ी को उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए परिवर्तनकारी नेतृत्व बताया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही आए शंकर वर्मा ने राम मंदिर की पूर्णता को हिंदुत्व और आस्था के लिए ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताया। उन्होंने कहा- आज मंदिर को इस रूप में देखकर दिल गद्गद हो उठा है। 1990 में सुदर्शन जी ने कहा था कि 30 साल बाद मंदिर बनकर तैयार होगा। आज उनकी बात सच होती दिख रही है। हम विशिष्ट मेहमान के तौर पर अंदर जा रहे हैं, यह हमारे लिए उत्तर प्रदेश की धरती पर जन्म लेने का सबसे बड़ा सौभाग्य है। वहीं, एक अन्य आमंत्रित अतिथि प्रेम बिहारी ने कहा कि ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर के शिखर पर ध्वज लहराता है, तो ऐसा लगता है मानो पूरे उत्तर प्रदेश और देश की आत्मा एक साथ हरष–उल्लास से भर उठती है।