राम मंदिर परिसर और आसपास साधु–संतों ने विशेष पूजा अर्चना कर इस दिन को सदियों की साधना और प्रतीक्षा का प्रतिफल बताते हुए न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए ‘अद्वितीय आध्यात्मिक पर्व’ घोषित कर दिया। श्रद्धालु भावुक होकर कह रहे हैं कि ध्वजारोहण के इस अलौकिक क्षण का साक्षी बन पाना उनके जीवन

उत्तर प्रदेश की आस्था नगरी अयोध्या मंगलवार 25 नवंबर 2025 को एक बार फिर इतिहास रचने की देहरी पर खड़ी है। विवाह पंचमी के शुभ संयोग पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ‘धर्म ध्वज’ फहराने की तैयारी चरम पर है। सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरणें मंदिर के कलश पर पड़ीं, पूरा परिसर सुनहरी रोशनी से नहलाया हुआ दिखा और उत्तर प्रदेश की यह पावन धरती एक बार फिर गगनभेदी ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठी। तड़के से ही अयोध्या की संकरी गलियों, पवित्र घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के दूर-दराज जिलों से आए भक्त जन प्रभु श्रीराम के चरणों में नतमस्तक नजर आए। राम मंदिर परिसर और आसपास साधु–संतों ने विशेष पूजा अर्चना कर इस दिन को सदियों की साधना और प्रतीक्षा का प्रतिफल बताते हुए न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए ‘अद्वितीय आध्यात्मिक पर्व’ घोषित कर दिया। श्रद्धालु भावुक होकर कह रहे हैं कि ध्वजारोहण के इस अलौकिक क्षण का साक्षी बन पाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।
अयोध्या में ध्वजारोहण के लिए चंद्र मास के अनुसार अत्यंत शुभ माने जाने वाले अभिजीत मुहूर्त का चयन किया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक यह मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा। इसी पावन घड़ी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ‘धर्म ध्वज’ फहराया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश की धरती से उठकर पूरे देश तक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश पहुंचाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। अधिकारियों के अनुसार अयोध्या और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के बहुस्तरीय और सख्त इंतज़ाम किए गए हैं। करीब 6,970 सुरक्षाकर्मी जिनमें एटीएस कमांडो, एनएसजी स्नाइपर्स, साइबर टीम और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं को अलग–अलग पॉइंट्स पर तैनात किया गया है, ताकि उत्तर प्रदेश की इस ऐतिहासिक घड़ी पर ज़रा सी भी चूक की गुंजाइश न रहे। कार्यक्रम के प्रोटोकॉल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे सप्तमंदिर, वशिष्ठ, विश्वामित्र, वाल्मीकि, निषादराज गुहा, माता शबरी और शेषावतार मंदिरों में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे सुबह 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लेंगे। पूरे समय उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अफसर मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि अयोध्या में चल रहे इस भव्य धार्मिक आयोजन की हर व्यवस्था बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
निर्धारित अभिजीत मुहूर्त के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ‘धर्म ध्वज’ का ध्वजारोहण करेंगे। यह ध्वज समकोण त्रिभुजाकार होगा, जिस पर सूर्य, कोविदारा वृक्ष और ‘ॐ’ का चिह्न अंकित रहेगा। अयोध्या में फहरता यह विशेष ध्वज न केवल राम मंदिर की पवित्रता का प्रतीक होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैदिक परंपरा को भी नई ऊंचाई देगा।