उनका कहना था कि यह क्षेत्र कभी मुस्लिम लीग के कोषाध्यक्ष के अधीन था और पाकिस्तान के गठन में इसका सक्रिय योगदान रहा। वहीं, उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता की भी प्रशंसा की। योगी ने इस दौरान साफ संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को कमजोर करने वाले किसी भी तत्व को नजरअंदाज

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वंदे मातरम' का विरोध करने वालों पर कड़ा हमला बोलते हुए साफ संदेश दिया। उनका कहना था कि कुछ लोग देश में रहेंगे, भोग करेंगे, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएंगे, लेकिन जब बात 'वंदे मातरम' गाने की होगी, तो यही लोग विरोध करने लगेंगे। सीएम ने अपने भाषण की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के बुलंद नारों से की और साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को याद किया। उन्होंने अंग्रेजों और मुगलों की उस साजिश की ओर भी इशारा किया, जिन्होंने कभी देश को विभाजित करने की कोशिश की। सीएम योगी ने सीतापुर के महमूदाबाद स्टेट को 'शत्रु संपत्ति' करार देते हुए इसे ऐतिहासिक नजरिए से उजागर किया। उनका कहना था कि यह क्षेत्र कभी मुस्लिम लीग के कोषाध्यक्ष के अधीन था और पाकिस्तान के गठन में इसका सक्रिय योगदान रहा। वहीं, उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता की भी प्रशंसा की। सीएम ने बताया कि हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब अपने राज्यों को पाकिस्तान में शामिल करना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल की नीति और देशभक्ति ने उन्हें अपने मकसद से रोक दिया, और आखिरकार वे पाकिस्तान चले गए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश के 14 राज्यों ने सर्वसम्मति से सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें यह अवसर नहीं दिया। सीएम ने जोर देकर कहा कि परिवारवादी राजनीति, जातीय और मजहबी आधार पर राजनीति और विभाजनकारी नीतियाँ देश के सामूहिक हित के लिए खतरा हैं और इन्हें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। योगी ने इस दौरान साफ संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को कमजोर करने वाले किसी भी तत्व को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, और भविष्य में ऐसी राजनीति से देश को सतर्क रहना होगा।
बाराबंकी के विकास की तस्वीर को साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिले के किसान अब तेजी से आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने मेंथा की फसल पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर केवल 5% करने की घोषणा कर किसानों को बड़ी राहत दी। साथ ही, उन्होंने विकास के नए आयाम भी पेश किए - दरियाबाद विधानसभा में रामसनेही घाट के पास 232 एकड़ में इंडस्ट्रियल जोन का निर्माण और हैदरगढ़ विधानसभा के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल व स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की योजना साझा की। सीएम के इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि बाराबंकी सिर्फ कृषि ही नहीं, बल्कि उद्योग और कौशल विकास के क्षेत्र में भी तेजी से उभर रहा है, और जिले को समग्र विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “राष्ट्रीय एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारी आन, बान और शान है।” उन्होंने आगे बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के अवसर पर बाराबंकी में कुल ₹1,734 करोड़ की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस दौरान, विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और चेक भी वितरित किए गए। सीएम ने इस अवसर पर बाबा लोधेश्वर महादेव को कोटि-कोटि नमन भी किया, और संदेश दिया कि विकास और देशभक्ति के मूल्य आज भी हर नागरिक की जिम्मेदारी हैं।