पोस्ट में काला कानून वापस लो और Boycott BJP जैसे नारे लिखे होने की चर्चा है। पोस्ट वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल और तेज हो गई और फिर इस्तीफे की खबर ने इस पूरे मामले को और बड़ा बना दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश में गणतंत्र दिवस (सोमवार) को बरेली से निकली एक खबर ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। उत्तर प्रदेश के बरेली में तैनात PCS अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के पद छोड़ने (इस्तीफा देने) की चर्चा सामने आते ही लखनऊ तक अटकलों का दौर शुरू हो गया। सूत्रों के मुताबिक, इस कदम को प्रयागराज के माघ मेले से जुड़े एक विवाद और UGC के नए नियमों के विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस्तीफा किस औपचारिक प्रक्रिया के तहत किस स्तर पर पहुंचा है और उसे स्वीकार किया गया या नहीं इस पर फिलहाल उत्तर प्रदेश शासन/प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स/सूत्रों के अनुसार, बरेली में तैनात PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री प्रयागराज के माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार की चर्चाओं से गहरे आहत बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस घटनाक्रम को सम्मान, मर्यादा और धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए नाराजगी जाहिर की थी। उत्तर प्रदेश में माघ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से जुड़े इस विवाद ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है, और यही वजह है कि पूरे प्रकरण पर बरेली से लेकर लखनऊ तक चर्चाएं तेज हैं।
इस्तीफे से कुछ घंटे पहले अधिकारी की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई, जिसमें UGC के फैसलों/नियमों के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पोस्ट में काला कानून वापस लो और Boycott BJP जैसे नारे लिखे होने की चर्चा है। पोस्ट वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल और तेज हो गई और फिर इस्तीफे की खबर ने इस पूरे मामले को और बड़ा बना दिया।
उत्तर प्रदेश में किसी कार्यरत सिटी मजिस्ट्रेट का इस तरह सार्वजनिक तौर पर सरकार/नीतियों के खिलाफ तीखे तेवर अपनाना और पद छोड़ने की बात कहना असामान्य माना जा रहा है। अलंकार अग्निहोत्री को लेकर यह भी चर्चा है कि उनकी पहचान एक सख्त अधिकारी के रूप में रही है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। अब निगाहें इस पर हैं कि शासन स्तर पर इस इस्तीफे पर क्या निर्णय होता है और पूरे प्रकरण को लेकर आधिकारिक पक्ष कब सामने आता है। UP News