युवती का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से अपना नाम और धर्म बदला है और अब वह अंशिका नाम से पहचानी जाना चाहती है। युवती का यह भी दावा है कि उसकी आस्था लंबे समय से हिंदू धर्म में रही है। वहीं युवक (मोनू) के साथ वह बालिग होने के नाते अपनी मर्जी से साथ रहने और विवाह करने की बात कह रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से प्रेम विवाह का एक मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा इलाके में बनी हुई है। मीरगंज क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमी के साथ विवाह के लिए सनातन धर्म अपनाने का दावा किया है। इसके बाद दोनों ने मढ़ीनाथ क्षेत्र स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी के बाद युवती ने परिजनों से खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। युवती का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से अपना नाम और धर्म बदला है और अब वह अंशिका नाम से पहचानी जाना चाहती है। युवती का यह भी दावा है कि उसकी आस्था लंबे समय से हिंदू धर्म में रही है। वहीं युवक (मोनू) के साथ वह बालिग होने के नाते अपनी मर्जी से साथ रहने और विवाह करने की बात कह रही है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में सामने आई इस कहानी की शुरुआत करीब पांच साल पहले बताई जा रही है। युवती जब अपनी बहन के ससुराल गई थी, उसी दौरान गांव में लगे मेले में उसकी मुलाकात मोनू से हुई। पहली मुलाकात सामान्य बातचीत से शुरू हुई, लेकिन फिर फोन पर संपर्क बढ़ा और रिश्ता धीरे-धीरे दोस्ती से प्यार में बदल गया। मोनू फिलहाल दिल्ली में रहकर फल-सब्जी के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि युवती बरेली में ही रहती थी। दोनों का कहना है कि जैसे ही उन्होंने शादी का फैसला लेकर परिवार को भरोसे में लेना चाहा, उत्तर प्रदेश के इस परिवारिक-सामाजिक दबाव वाले माहौल में विरोध तेज हो गया और यहीं से उनके रिश्ते की राह सबसे ज्यादा मुश्किल हो गई।
युवती का कहना है कि विवाह से पहले उसने उत्तर प्रदेश में बरेली के जिलाधिकारी कार्यालय में शपथ पत्र देकर अपने नाम और धर्म परिवर्तन की औपचारिक जानकारी दर्ज कराई। इसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ मढ़ीनाथ क्षेत्र स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। आश्रम से जुड़े पुजारी के मुताबिक, युवती बालिग है और उसने पूरी प्रक्रिया अपनी स्वेच्छा से अपनाई किसी तरह के दबाव या मजबूरी का कोई संकेत नहीं बताया गया।
दंपती के मुताबिक, विवाह से पहले धार्मिक रीति के अनुसार शुद्धिकरण, मंत्र-जाप और अन्य परंपरागत प्रक्रियाएं कराई गईं। इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए गए और विवाह की रस्में पूरी की गईं। विवाह के बाद दोनों ने दावा किया है कि उन्हें परिजनों की नाराजगी के चलते खतरे की आशंका है। इसी वजह से वे फिलहाल एक सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों अपने विवाह व संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपकर सुरक्षा की मांग कर सकते हैं। पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान/पुष्टि सामने नहीं आई है। UP News