नोटिस का सही जवाब ना देने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कानूनी कार्यवाही की चेतावनी भी दी है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। नोटिस में सख्त कानूनी कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों के ऊपर घोटालेबाज पानी फेर रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के एक बड़े जिले में की गई खास प्रकार की भर्ती में बड़ा घोटाला होने का मामला प्रकाश में आया है। इस घोटाले का मास्टर माइंड जिले के जिला कृषि अधिकारी को बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि निदेशालय ने जिला कृषि अधिकारी को नोटिस जारी करके कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। नोटिस में सख्त कानूनी कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
भर्ती में घोटाले का यह मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है। बरेली जिले से आई मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर की गई आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती से जुड़ा हुआ है। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिस जारी करके तुरंत पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। नोटिस का सही जवाब ना देने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कानूनी कार्यवाही की चेतावनी भी दी है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदों की भर्ती में भ्रष्टाचार का मामला उत्तर प्रदेश शासन तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) मनोज कुमार को नोटिस जारी कर सात बिंदुओं पर सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तैनात जिलाधिकारी ने लापरवाही, शिथिलता, उदासीनता और मनमर्जी के आरोप में डीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसी का संज्ञान लेकर निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने डीपीओ को नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस के मुताबिक, पिछले साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त 311 पदों के सापेक्ष 301 पदों पर भर्ती हुई थी। डीपीओ ने इसकी निगरानी नहीं की। इस वजह से भर्ती से जुड़ीं 168 शिकायतें आईं। इनमें 21 सही पाई गईं। 21 चयन निरस्त करने पड़े। तीन लेखपाल निलंबित हुए। सात लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई।
उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए इस घोटाले की जद में अनेक सरकारी अधिकारी व कर्मचारी आ चुके हैं। बरेली जिले के जिला समन्वयक धर्मपाल के विरुद्ध रिश्वत लेने की पुष्टि होने पर सात जुलाई को उसकी संविदा समाप्त की गई। सीडीपीओ श्रीकृष्ण चंद्र के रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ। सीडीओ की रिपोर्ट पर उसे 16 अप्रैल को निलंबित किया गया। भर्ती प्रक्रिया डीपीओ की निगरानी में हुई, लेकिन इन्होंने घोर लापरवाही बरती। न उन्होंने निरीक्षण की रिपोर्ट दी, न ही सीडीपीओ की निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराई। निदेशक ने डीपीओ से कहा है कि कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को कुपोषण मुक्त करना संभव नहीं हो पाया है। इस मामले में पूर्व में सीडीओ ने डीपीओ को विभिन्न तारीखों में 11 बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। निदेशालय से भी वर्ष 2024 में 21 जून को चेतावनी, 16 व 19 जुलाई एवं 26 सितंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। फिर भी डीपीओ ने कार्यशैली में सुधार नहीं किया। UP News