उत्तर प्रदेश में हो गया बड़ा घोटाला, CBI जाँच की मांग
भारत
चेतना मंच
27 Oct 2025 02:39 PM
उत्तर
प्रदेश
में
बड़ा
घोटाला
हो
गया
है।
उत्तर
प्रदेश
में
हुए
बड़े
घोटाले
की
CBI
से
जाँच
कराने
की
मांग
की
गई
है।
उत्तर
प्रदेश
की
बिजली
व्यवस्था
को
चलाने
वाले
उत्तर
प्रदेश
पॉवर
कॉरपोरेशन
में
बड़ा
घोटाला
होने
का
आरोप
लगा
है।
उत्तर
प्रदेश
पॉवर
कॉर्पोरेशन
के
घोटाले
का
यह
आरोप
राज्य
विद्युत
उपभोक्ता
परिषद
ने
लगाया
है।
घोटाले
का
आरोप
लगाते
हुए
परिषद
ने
पूरे
मामले
की
CBI
से
जांच
कराने
की
मांग
की
है।
UP News
उत्तर प्रदेश में घोटाले को लेकर लगाए बड़े आरोप
आपको
बता
दें
कि
उत्तर
प्रदेश
में
बिजली
के
प्रीपेड
स्मार्ट
मीटर
लगाने
को
लेकर
बड़ा
विवाद
चल
रहा
है।
उत्तर
प्रदेश
में
स्मार्ट
प्रीपेड
मीटर
के
मूल्य
को
लेकर
चल
रही
लड़ाई
तेज
होती
जा
रही
है।
राज्य
विद्युत
उपभोक्ता
परिषद
और
पॉवर
कॉर्पोरेशन
प्रबंधन
आमने
-
सामने
हैं।
दोनों
एक
दूसरे
पर
सवाल
उठा
रहे
हैं।
उपभोक्ता
परिषद
ने
पूरे
मामले
की
CBI
से
जांच
कराने
की
मांग
की
है।
दरअसल
उत्तर
प्रदेश
में
नए
कनेक्शन
पर
प्रीपेड
स्मार्ट
मीटर
अनिवार्य
कर
दिया
गया
है।
इस
मामले
को
लेकर
विद्युत
उपभोक्ता
परिषद
ने
नियामक
आयोग
में
याचिका
लगाई
है।
राज्य
विद्युत
उपभोक्ता
परिषद
के
अध्यक्ष
अवधेश
कुमार
वर्मा
ने
आरोप
लगाया
है
कि
केंद्र
सरकार
ने
परियोजना
की
कीमत
18885
करोड़
तय
की
थी
,
जिसका
टेंडर
27342
करोड़
में
किया
गया।
अवधेश
कुमार
वर्मा
की
मांग
है
कि
इस
मामले
की
CBI
जांच
हो।
उपभोक्ताओं
से
स्मार्ट
प्रीपेड
मीटर
की
कीमत
6016
रुपये
ली
जा
रही
है।
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उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इतना फर्क क्यों?
उत्तर
प्रदेश
में
चल
रहे
इस
विवाद
में
राजस्थान
प्रदेश
की
भी
चर्चा
हो
रही
है।
उत्तर
प्रदेश
राज्य
विद्युत
परिषद
के
अध्यक्ष
अवधेश
कुमार
वर्मा
ने
कहा
है
कि
वही
मीटर
एक
किलोवाट
के
उपभोक्ता
4002
हैं।
ऐसे
में
माहभर
में
मीटर
के
नाम
पर
13.20
करोड़
की
वसूली
की
जा
चुकी
है।
यह
नियमों
के
विपरीत
है।
उन्होंने
कहा
कि
राजस्थान
में
2500
रुपये
में
लग
रहे
हैं
तो
फिर
उत्तर
प्रदेश
में
6016
रुपये
क्यों
लिए
जा
रहे
हैं
?
महाराष्ट्र
और
हरियाणा
में
दरें
अधिक
हैं
तो
वह
मामला
अदालत
में
लंबित
है।
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इसी
तरह
हरियाणा
में
स्मार्ट
प्रीपेड
मीटर
लगवाने
वाले
को
बिल
में
पांच
फीसदी
छूट
मिलती
है
,
जबकि
उत्तर
प्रदेश
में
सिर्फ
दो
फीसदी।
बिहार
में
मीटर
लगाने
वाली
कंपनी
ने
एक
IAS
को
कार
दी
थी
,
जिसे
ED
ने
पकड़
लिया
था।
ऐसे
में
उत्तर
प्रदेश
में
स्मार्ट
प्रीपेड
मीटर
का
अधिक
मूल्य
लेने
वाले
अधिकारियों
की
भी
CBI
से
जांच
कराई
जाए।
CBI
जांच
कराने
की
यह
मांग
हर
रोज
जोर
पकड़
रही
है।
उत्तर
प्रदेश
राज्य
उपभोक्ता
परिषद
मीटर
के
इस
खेल
को
बहुत
बड़ा
घोटाला
बता
रहा
है।
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