उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रयागराज स्थित अपने कार्यालय में एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम शुरू किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रयागराज स्थित अपने कार्यालय में एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम शुरू किया है। इस नई व्यवस्था के जरिए उत्तर प्रदेश भर में आयोजित होने वाली आगामी परीक्षाओं पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। आयोग की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक के सहारे इतना मजबूत बनाया जाए कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम से कम रह जाए।
प्रयागराज में स्थापित यह कमांड कंट्रोल रूम उत्तर प्रदेश की परीक्षा प्रणाली के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्घाटन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने किया। इस मौके पर आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, सदस्य, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, उपसचिव और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर जो सवाल उठते रहे हैं, उनके बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में आयोग द्वारा आयोजित हर परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कक्ष की निगरानी एआई आधारित कैमरों से की जाएगी। केवल परीक्षा हॉल तक ही नहीं, बल्कि केंद्र के आसपास की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। इसका मकसद यह है कि उत्तर प्रदेश में यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि, नकल का प्रयास या बाहरी हस्तक्षेप नजर आए, तो उसे तुरंत चिन्हित किया जा सके। इससे परीक्षा संचालन अधिक अनुशासित और नियंत्रित ढंग से कराया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश में अब परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की मौजूदगी को केवल प्रवेश पत्र और दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि बायोमैट्रिक सत्यापन के जरिए भी मजबूत किया जाएगा। कंट्रोल रूम से अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और सत्यापन प्रक्रिया का सीधा रिकॉर्ड आयोग कार्यालय में उपलब्ध रहेगा। इससे उत्तर प्रदेश में फर्जी अभ्यर्थियों, पहचान बदलकर परीक्षा देने और उपस्थिति से जुड़ी गड़बड़ियों पर कड़ी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी परीक्षा केंद्र पर अगर कोई अनियमितता दिखती है, तो कंट्रोल रूम से उसी समय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। यानी अब सिर्फ बाद में जांच होने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि रियल टाइम निगरानी के आधार पर तत्काल हस्तक्षेप संभव होगा। इससे उत्तर प्रदेश में परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।