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उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से नई नियमावली लागू कर दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से नई नियमावली लागू कर दी है। इसके तहत अब पूरे पंजीकरण सिस्टम को सख्त समय-सीमा और शुल्क संरचना के दायरे में लाया गया है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा अनुभाग-7 की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब किसी भी जन्म, मृत्यु या मृत-जन्म की घटना की सूचना 21 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर पंजीकरण न कराने पर अलग-अलग स्तर पर विलंब शुल्क और अनुमति प्रक्रिया लागू की जाएगी। UP News
नई नियमावली के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन की अवधि के बाद लेकिन 30 दिन के भीतर कराया जाता है तो 20 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा। वहीं 30 दिन से लेकर एक वर्ष तक की देरी पर संबंधित प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी और 50 रुपये शुल्क देना होगा। अगर पंजीकरण में एक वर्ष से अधिक की देरी होती है तो एसडीएम, जिला मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद 100 रुपये शुल्क जमा कर पंजीकरण कराया जा सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाणपत्र में किसी भी प्रकार के संक्षिप्त नाम (abbreviation) स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड को अधिक स्पष्ट और मानकीकृत बनाना है। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सामान्य रूप से 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था में ऑनलाइन पंजीकरण, रिकॉर्ड के सुरक्षित संरक्षण, त्रुटि सुधार और प्रमाणपत्र निर्गमन की प्रक्रिया को भी सरल और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। UP News
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक पहचान के महत्वपूर्ण आधार हैं। जन्म प्रमाणपत्र किसी व्यक्ति की उम्र, पहचान और नागरिकता का पहला आधिकारिक प्रमाण होता है। स्कूल में दाखिले से लेकर सरकारी योजनाओं और नौकरी तक, हर जगह इसकी आवश्यकता होती है। वहीं मृत्यु प्रमाणपत्र कानूनी रूप से किसी व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि करता है। यह दस्तावेज संपत्ति के हस्तांतरण, बीमा दावों और पेंशन जैसी प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है। UP News
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