लखनऊ में मीटिंग, मगर अपर्णा गायब! खाली कुर्सी ने बढ़ाई चर्चा

उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

अपर्णा यादव
अपर्णा यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Jan 2026 04:12 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों यादव परिवार से जुड़ी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। वजह है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कबेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से सामने आया एक पोस्ट, जिसमें अपर्णा यादव से तलाक की बात कही गई है। पोस्ट के सामने आते ही लखनऊ से लेकर नोएडा तक राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी तेज हो गई और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक में अपर्णा यादव की गैरहाजिरी ने इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है।

बैठक में खाली रही कुर्सी

बुधवार, 21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला और मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं, मगर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव नजर नहीं आईं। मीटिंग हॉल में उनकी कुर्सी खाली रही और यही खाली कुर्सी देखते-देखते प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक चर्चा का बड़ा संकेत बन गई। उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

क्या निजी विवाद का असर दिखा?

प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। लखनऊ के राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग इसे दांपत्य जीवन में कथित खटास से जोड़कर देख रहे हैं और हर तरफ क्या चल रहा है? जैसे सवाल तैर रहे हैं। हालांकि, अब तक अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां एक पोस्ट भी सियासी संकेत मान लिया जाता है, वहां यह मामला तेजी से हेडलाइंस और बहस का विषय बनता जा रहा है।

कौन हैं अपर्णा यादव?

अपर्णा यादव, प्रतीक यादव की पत्नी हैं और मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। उनका जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रहीं अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ। अपर्णा यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल के दिनों में ही उनकी प्रतीक यादव से दोस्ती हुई थी और कम उम्र में ही दोनों के रिश्ते की शुरुआत हो गई थी।

विदेश शिक्षा से लेकर संगीत तक मजबूत पहचान

स्कूलिंग के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका झुकाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और ठुमरी शैली में उनकी पकड़ बताई जाती है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की सगाई 2011 में हुई थी और उसी साल दिसंबर में दोनों की शादी सैफई (इटावा, उत्तर प्रदेश) में हुई। यह शादी काफी चर्चा में रही थी। दोनों की एक बेटी भी है।

राजनीतिक सफर भी रहा सुर्खियों में

अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भी उत्तर प्रदेश में हमेशा कौतुहल और चर्चा का विषय रहा है। मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े होने के बावजूद उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों में कई बार मुख्यधारा से अलग सुर सुनाई दिए। वे समय-समय पर भाजपा की कुछ पहलों और नेतृत्व की तारीफ करती नजर आईं। इन संकेतों के बीच 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया। यह फैसला ऐसा था, जिसने लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश तक सियासी बहस को नया मुद्दा दे दिया कि अपर्णा यादव सिर्फ परिवार की बहू नहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक स्वतंत्र राजनीतिक लाइन भी गढ़ रही हैं।

प्रतीक यादव के पोस्ट से बढ़ा सियासी तापमान

अब एक बार फिर प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट ने माहौल गरमा दिया है। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव को लेकर तलाक का जिक्र किया और उन पर निजी आरोप भी लगाए। इसके बाद से राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में जहां निजी रिश्तों की खबरें भी राजनीतिक रंग ले लेती हैं, वहां यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। महिला आयोग की बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने इसे और गंभीर बहस में बदल दिया है। UP News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

संभल हिंसा के आरोपी शारिक साटा की कोर्ट के आदेश पर संपत्ति जब्त

दीपा सराय इलाके में स्थित शारिक साटा की चार मंजिला इमारत पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत नहीं, बल्कि केवल वही हिस्सा अटैच किया गया है जो सीधे तौर पर फरार आरोपी की मिल्कियत में है।

kurki 1
शारिक साटा 1
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 03:52 PM
bookmark

UP News : संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शारिक साटा की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट निदेर्शों के बाद की गई, जिसमें आरोपी के कोर्ट में पेश न होने को आधार बनाया गया।

भारी सुरक्षा के बीच हुई कुर्की

दीपा सराय इलाके में स्थित शारिक साटा की चार मंजिला इमारत पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत नहीं, बल्कि केवल वही हिस्सा अटैच किया गया है जो सीधे तौर पर फरार आरोपी की मिल्कियत में है। यह संपत्ति शहर के पॉश इलाकों में गिनी जाती है।

गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शारिक साटा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हत्या की साजिश, हिंसा फैलाने और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप भी उस पर लगाए गए हैं। कोर्ट में लगातार गैरहाजिर रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।

बवाल में चली थी गोली, कई लोगों की मौत

हिंसा के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसके बाद जांच की दिशा और गहरी हुई। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से पाकिस्तान और अमेरिका में बने कारतूसों के खोखे बरामद किए गए। इससे मामले में अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका मजबूत हुई। तकनीकी सर्विलांस और विशेषज्ञ जांच के आधार पर पुलिस शारिक साटा और उसके गिरोह तक पहुंची।

गुर्गों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद

शारिक साटा के करीबी सहयोगी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिंसा में इस्तेमाल हुए हथियार शारिक साटा ने ही उपलब्ध कराए थे। मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।

विदेश से गिरोह संचालन का आरोप

पुलिस के अनुसार शारिक साटा दुबई में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। उस पर वाहन चोरी, अवैध हथियारों की तस्करी, सोने और नकली नोटों की सप्लाई जैसे कई संगीन आरोप पहले से दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क रहे हैं, जिसको लेकर दिल्ली में भी मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी हिंसा का मकसद संभल में भय का माहौल बनाना और हालात इस कदर बिगाड़ना था कि कर्फ्यू लगाना पड़े। साजिश विदेश में बैठकर रची गई और स्थानीय स्तर पर हथियारों के जरिए उसे अंजाम दिया गया। फिलहाल संपत्ति कुर्की के साथ-साथ आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश का यह लाडला हीरो कर रहा है बड़ा कमाल, पेश किया आदर्श

देहाती फिल्मों के सुपरस्टार उत्तर कुमार के साथ काम करते हुए उत्तर प्रदेश के इस लाडले बेटे ने हाल ही में बड़ा कमाल किया है। उत्तर प्रदेश के इस बेटे ने समाज के सामने एक शानदार आदर्श पेश किया है।

उत्तर प्रदेश का लाडला बेटा
उत्तर प्रदेश का लाडला बेटा डॉक्टर अरविंद मलिक
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar21 Jan 2026 02:54 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश का एक लाडला बेटा इन दिनों बड़ा कमाल कर रहा है। उत्तर प्रदेश का यह लाडला बेटा कोई साधारण बेटा नहीं है, बल्कि एक देहाती हीरो है। उत्तर प्रदेश का यह लाडला बेटा देहाती हरियाणवी फिल्मों का बहुत ही शानदार हीरो है। देहाती फिल्मों के सुपरस्टार उत्तर कुमार के साथ काम करते हुए उत्तर प्रदेश के इस लाडले बेटे ने हाल ही में बड़ा कमाल किया है। उत्तर प्रदेश के इस बेटे ने समाज के सामने एक शानदार आदर्श पेश किया है।

फिल्म ‘आदर्श’ के जरिए पेश किया गया शानदार व्यक्तित्व

उत्तर प्रदेश के जिस लाडले बेटे की हम चर्चा कर रहे हैं, उस हीरो का पूरा नाम डॉक्टर अरविंद मलिक है। डॉक्टर अरविंद मलिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के फुगाना गांव के रहने वाले हैं। डॉ. अरविंद मलिक पिछले 20 वर्षों से देहाती फिल्मों में एक्टिंग कर रहे हैं। हाल ही में उनकी एक फिल्म यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर बनाए गए एएम फिल्म नामक चैनल पर प्रसारित हुई है। इस फिल्म का नाम ‘आदर्श’ रखा गया है। फिल्म ‘आदर्श’ में डॉक्टर अरविंद मलिक ने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो वास्तव में हर मामले में आदर्श व्यक्तित्व का प्रमाण है। ‘आदर्श’ फिल्म को देखने वाले दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म वास्तव में एक अद्भुत फिल्म है।

हर मामले में अवॉर्ड विनिंग फिल्म है डॉक्टर अरविंद मलिक की फिल्म

एक आदर्श बेटा, आदर्श भाई, आदर्श पुत्र, आदर्श दोस्त, आदर्श प्रेमी, यहां तक कि एक आदर्श सामाजिक नागरिक जैसे सारे आदर्श डॉक्टर अरविंद मलिक की फिल्म में दर्शाए गए हैं। ‘आदर्श’ फिल्म प्रत्येक दृष्टिकोण से अवॉर्ड विनिंग फिल्म की श्रेणी में रखी जा सकती है। इस फिल्म को यूट्यूब पर तीन भागों में प्रसारित किया गया है। फिल्म ‘आदर्श’ को अब तक 4.30 मिलियन से अधिक दर्शक देख चुके हैं। फिल्म देखने वालों का दावा है कि यह फिल्म प्रत्येक दृष्टि से एक शानदार फिल्म है। फिल्म में कुछ सीन दर्शकों को हंसाते हैं तो कुछ सीन दर्शकों को रुलाने का काम भी करते हैं। इस फिल्म में डॉक्टर अरविंद मलिक मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ देहाती फिल्मों के सुपरस्टार उत्तर कुमार के भांजे सोनू धनकर, मेघा चौधरी, पूजा, राजीव सिरोही तथा आकांक्षा चौधरी ने भी बेहतरीन भूमिका निभाई है।

अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानते हैं डॉक्टर अरविंद मलिक

देहाती फिल्म ‘आदर्श’ को डॉक्टर अरविंद मलिक अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानते हैं। इससे पहले डॉक्टर अरविंद मलिक 40 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। चेतना मंच के साथ बातचीत में डॉक्टर अरविंद मलिक ने बताया कि उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में सुपरस्टार उत्तर कुमार के साथ की थी। ‘भगदड़’, ‘रोशनी’, ‘उलझन’, ‘जीत’, ‘रिश्ते-नाते’ तथा ‘दर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने बताया कि समाज को शानदार संदेश तथा उचित दिशा देने के मकसद से ही वह फिल्में बनाते हैं। वर्तमान में वह पांच अलग-अलग फिल्मों पर काम कर रहे हैं। उनकी नई फिल्म जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है। डॉक्टर अरविंद मलिक को पूरे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान के दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। उनका दावा है कि उनकी फिल्म ‘आदर्श’ वास्तव में समाज में आदर्श स्थापित करने वाली फिल्म है। UP News

 

संबंधित खबरें