लखनऊ में मीटिंग, मगर अपर्णा गायब! खाली कुर्सी ने बढ़ाई चर्चा
उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों यादव परिवार से जुड़ी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। वजह है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कबेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से सामने आया एक पोस्ट, जिसमें अपर्णा यादव से तलाक की बात कही गई है। पोस्ट के सामने आते ही लखनऊ से लेकर नोएडा तक राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी तेज हो गई और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक में अपर्णा यादव की गैरहाजिरी ने इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है।
बैठक में खाली रही कुर्सी
बुधवार, 21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला और मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं, मगर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव नजर नहीं आईं। मीटिंग हॉल में उनकी कुर्सी खाली रही और यही खाली कुर्सी देखते-देखते प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक चर्चा का बड़ा संकेत बन गई। उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।
क्या निजी विवाद का असर दिखा?
प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। लखनऊ के राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग इसे दांपत्य जीवन में कथित खटास से जोड़कर देख रहे हैं और हर तरफ क्या चल रहा है? जैसे सवाल तैर रहे हैं। हालांकि, अब तक अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां एक पोस्ट भी सियासी संकेत मान लिया जाता है, वहां यह मामला तेजी से हेडलाइंस और बहस का विषय बनता जा रहा है।
कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव, प्रतीक यादव की पत्नी हैं और मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। उनका जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रहीं अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ। अपर्णा यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल के दिनों में ही उनकी प्रतीक यादव से दोस्ती हुई थी और कम उम्र में ही दोनों के रिश्ते की शुरुआत हो गई थी।
विदेश शिक्षा से लेकर संगीत तक मजबूत पहचान
स्कूलिंग के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका झुकाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और ठुमरी शैली में उनकी पकड़ बताई जाती है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की सगाई 2011 में हुई थी और उसी साल दिसंबर में दोनों की शादी सैफई (इटावा, उत्तर प्रदेश) में हुई। यह शादी काफी चर्चा में रही थी। दोनों की एक बेटी भी है।
राजनीतिक सफर भी रहा सुर्खियों में
अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भी उत्तर प्रदेश में हमेशा कौतुहल और चर्चा का विषय रहा है। मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े होने के बावजूद उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों में कई बार मुख्यधारा से अलग सुर सुनाई दिए। वे समय-समय पर भाजपा की कुछ पहलों और नेतृत्व की तारीफ करती नजर आईं। इन संकेतों के बीच 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया। यह फैसला ऐसा था, जिसने लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश तक सियासी बहस को नया मुद्दा दे दिया कि अपर्णा यादव सिर्फ परिवार की बहू नहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक स्वतंत्र राजनीतिक लाइन भी गढ़ रही हैं।
प्रतीक यादव के पोस्ट से बढ़ा सियासी तापमान
अब एक बार फिर प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट ने माहौल गरमा दिया है। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव को लेकर तलाक का जिक्र किया और उन पर निजी आरोप भी लगाए। इसके बाद से राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में जहां निजी रिश्तों की खबरें भी राजनीतिक रंग ले लेती हैं, वहां यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। महिला आयोग की बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने इसे और गंभीर बहस में बदल दिया है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों यादव परिवार से जुड़ी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। वजह है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कबेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से सामने आया एक पोस्ट, जिसमें अपर्णा यादव से तलाक की बात कही गई है। पोस्ट के सामने आते ही लखनऊ से लेकर नोएडा तक राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी तेज हो गई और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक में अपर्णा यादव की गैरहाजिरी ने इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है।
बैठक में खाली रही कुर्सी
बुधवार, 21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला और मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं, मगर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव नजर नहीं आईं। मीटिंग हॉल में उनकी कुर्सी खाली रही और यही खाली कुर्सी देखते-देखते प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक चर्चा का बड़ा संकेत बन गई। उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।
क्या निजी विवाद का असर दिखा?
प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। लखनऊ के राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग इसे दांपत्य जीवन में कथित खटास से जोड़कर देख रहे हैं और हर तरफ क्या चल रहा है? जैसे सवाल तैर रहे हैं। हालांकि, अब तक अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां एक पोस्ट भी सियासी संकेत मान लिया जाता है, वहां यह मामला तेजी से हेडलाइंस और बहस का विषय बनता जा रहा है।
कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव, प्रतीक यादव की पत्नी हैं और मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। उनका जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रहीं अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ। अपर्णा यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल के दिनों में ही उनकी प्रतीक यादव से दोस्ती हुई थी और कम उम्र में ही दोनों के रिश्ते की शुरुआत हो गई थी।
विदेश शिक्षा से लेकर संगीत तक मजबूत पहचान
स्कूलिंग के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका झुकाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और ठुमरी शैली में उनकी पकड़ बताई जाती है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की सगाई 2011 में हुई थी और उसी साल दिसंबर में दोनों की शादी सैफई (इटावा, उत्तर प्रदेश) में हुई। यह शादी काफी चर्चा में रही थी। दोनों की एक बेटी भी है।
राजनीतिक सफर भी रहा सुर्खियों में
अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भी उत्तर प्रदेश में हमेशा कौतुहल और चर्चा का विषय रहा है। मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े होने के बावजूद उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों में कई बार मुख्यधारा से अलग सुर सुनाई दिए। वे समय-समय पर भाजपा की कुछ पहलों और नेतृत्व की तारीफ करती नजर आईं। इन संकेतों के बीच 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया। यह फैसला ऐसा था, जिसने लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश तक सियासी बहस को नया मुद्दा दे दिया कि अपर्णा यादव सिर्फ परिवार की बहू नहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक स्वतंत्र राजनीतिक लाइन भी गढ़ रही हैं।
प्रतीक यादव के पोस्ट से बढ़ा सियासी तापमान
अब एक बार फिर प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट ने माहौल गरमा दिया है। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव को लेकर तलाक का जिक्र किया और उन पर निजी आरोप भी लगाए। इसके बाद से राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में जहां निजी रिश्तों की खबरें भी राजनीतिक रंग ले लेती हैं, वहां यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। महिला आयोग की बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने इसे और गंभीर बहस में बदल दिया है। UP News













