बीजेपी के रणनीतिकार मानते हैं कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और कठिन चुनावी राज्य में प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा ऐसा होना चाहिए जो ओबीसी, पिछड़े और निचले वर्गों तक संदेश दे सके कि पार्टी संगठन उनके सामाजिक प्रतिनिधित्व को तवज्जो दे रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश बीजेपी में नए प्रदेश अध्यक्ष की खोज ने अब खुलकर सियासी रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से पूर्व सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुकीं साध्वी निरंजन ज्योति की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए कयासों को हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर को लेकर अब सवाल उठ रहा है – क्या यही मुलाकात उत्तर प्रदेश बीजेपी की कमान बदलने का इशारा है?
उत्तर प्रदेश यूनिट में लंबे समय से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर मंथन चल रहा है। संगठन के भीतर से इशारे मिल रहे हैं कि दो–तीन दिनों के अंदर यूपी बीजेपी के नए कप्तान का नाम सामने आ सकता है। विधानसभा चुनाव 2027, लोकसभा 2029 और शहरी निकाय चुनावों की तैयारी के लिहाज से उत्तर प्रदेश में संगठन की नई टीम को पार्टी हाईकमान बेहद रणनीतिक निर्णय मान रहा है।
साध्वी निरंजन ज्योति ने गुरुवार को दिल्ली में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी और नड्डा की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में “प्रचंड विजय” के लिए उन्हें बधाई दी। यहीं से उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि क्या यह केवल औपचारिक भेंट थी, या फिर यूपी संगठन के भविष्य को लेकर कोई गंभीर बातचीत भी हुई।
साध्वी निरंजन ज्योति उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से आती हैं और अति पिछड़े निषाद–मल्लाह समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो पूर्वी और मध्य यूपी की कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। मोदी सरकार में मंत्री रह चुकीं साध्वी निरंजन ज्योति को हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ सह–पर्यवेक्षक बनाया गया था। बीजेपी के रणनीतिकार मानते हैं कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और कठिन चुनावी राज्य में प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा ऐसा होना चाहिए जो ओबीसी, पिछड़े और निचले वर्गों तक संदेश दे सके कि पार्टी संगठन उनके सामाजिक प्रतिनिधित्व को तवज्जो दे रही है। इसी समीकरण में साध्वी निरंजन ज्योति का नाम और भी मज़बूत दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की रेस में केशव प्रसाद मौर्य, धर्मपाल सिंह, बाबूराम निषाद, रामशंकर कठेरिया, दिनेश शर्मा और स्वतंत्र देव सिंह जैसे कई दिग्गज नेताओं के नाम लगातार चर्चा में हैं। फिर भी, नड्डा से ताज़ा मुलाकात, बिहार चुनाव में सक्रिय भूमिका और अति पिछड़े वर्ग की पृष्ठभूमि ने साध्वी निरंजन ज्योति को इस दौड़ में फिलहाल सबसे चर्चित चेहरा बना दिया है। प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकार मानते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश में संगठन को नए सामाजिक समीकरण के साथ रीसेट करना है, तो पार्टी किसी ऐसे ही चेहरे की तलाश में है, जो उत्तर प्रदेश की ग्रामीण, पिछड़ी और नदी–किनारे बसे समाजों की नब्ज़ को समझता हो।
फिलहाल बीजेपी की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ भी घोषित नहीं किया गया है। पार्टी ने साफ़ संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में प्रदेश अध्यक्ष का चयन पूरी राजनीतिक और सामाजिक गणित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। अब सबकी नजर इसी बात पर टिकी है कि बिहार जीत की गूंज के बीच दिल्ली की इस मुलाकात से निकला संदेश आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन की कमान साध्वी निरंजन ज्योति के हाथों में सौंपता है या तस्वीर किसी और दिशा में मुड़ती है। UP News