उत्तर प्रदेश में कोहरे की तबाही : सड़क हादसों में सात लोगों की मौत, दर्जनों घायल

इन हादसों में एक मासूम बच्चे समेत कम से कम सात लोगों की जान चली गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

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सड़क हादसे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 03:30 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शनिवार को राज्य के एक दर्जन से अधिक जिलों में दृश्यता लगभग शून्य रहने के कारण कई भीषण सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में एक मासूम बच्चे समेत कम से कम सात लोगों की जान चली गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। कोहरे के कारण एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय और राज्यमार्गों पर वाहन चालकों को सामने का रास्ता दिखाई नहीं दिया, जिससे तेज रफ्तार और लापरवाही ने हादसों को और भयावह बना दिया। 

विभिन्न जिलों में हुए हादसे

सुल्तानपुर : सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मजदूरों से भरी एक पिकअप को पीछे से अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक दुर्घटना के बाद वाहन लेकर फरार हो गया।

शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में घने कोहरे के बीच चार वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में दो टैंकर चालकों की जान चली गई। दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया।

मेरठ : मेरठ में कोहरे की वजह से कार अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 18 महीने के मासूम की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रयागराज : प्रयागराज में तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की जान चली गई। आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

बुलंदशहर : बुलंदशहर में भी कार की टक्कर से साइकिल सवार युवक की मौत हो गई और कार खाई में पलट गई।

प्रतापगढ़ : प्रतापगढ़ में माघ मेले के लिए प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप को बस ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 23 श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

अमरोहा : अमरोहा में नेशनल हाईवे पर कोहरे के कारण अलग-अलग स्थानों पर 10 से अधिक वाहन आपस में भिड़ गए। इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए और हाईवे पर घंटों तक यातायात बाधित रहा।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि घने कोहरे के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, वाहन धीमी गति से चलाएं और फॉग लाइट व इंडिकेटर का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। पुलिस और आपदा राहत टीमें लगातार अलर्ट मोड पर तैनात हैं।

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उत्तर प्रदेश का स्वाद अब बनेगा ग्लोबल, योगी सरकार लाएगी खास योजना

यूपी दिवस के अवसर पर योगी आदित्यनाथ सरकार ‘एक जनपद, एक व्यंजन (ODOC)’ योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। लक्ष्य साफ है उत्तर प्रदेश के हर जिले के खास स्वाद को संगठित ब्रांडिंग के जरिए देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाना।

सीएम योगी
सीएम योगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 01:36 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार अब एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) के बाद प्रदेश की पारंपरिक पाक-परंपरा को भी वैश्विक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। यूपी दिवस के अवसर पर योगी आदित्यनाथ सरकार ‘एक जनपद, एक व्यंजन (ODOC)’ योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। लक्ष्य साफ है उत्तर प्रदेश के हर जिले के खास स्वाद को संगठित ब्रांडिंग के जरिए देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाना।

मुख्यमंत्री योगी ने की तैयारियों की समीक्षा

प्रस्तावित ODOC योजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ODOP ने “ब्रांड यूपी” को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है और अब उसी मॉडल पर उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूज़ीन को एक व्यवस्थित ब्रांडिंग ढांचे के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।

हर जनपद की पहचान बनेगा उसका खास स्वाद

ODOC के जरिए उत्तर प्रदेश का हर जिला अपने विशिष्ट स्वाद और स्थानीय पहचान के साथ सामने आए यही योजना की मूल भावना है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, बाराबंकी की चंद्रकला, आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां जैसे व्यंजन उत्तर प्रदेश की विरासत का स्वाद हैं, जिन्हें अब व्यवस्थित पहचान और बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका, सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसे पारंपरिक व्यंजन केवल भोजन नहीं वे उत्तर प्रदेश की स्थानीय परंपरा, कौशल और अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं।

छोटे उद्यमियों के लिए खुलेगा नया बाजार

योगी सरकार ने संकेत दिए हैं कि ODOC को जमीन पर उतारने में गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर देने पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश के व्यंजन फूड सेफ्टी मानकों के अनुरूप प्रमाणित हों और ग्राहकों तक भरोसेमंद तरीके से पहुंचें।

GI टैगिंग से सुरक्षित होगी पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार की रणनीति में GI टैगिंग के जरिए स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने का भी रोडमैप शामिल है। साथ ही ग्राहकों की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने की तैयारी है। चुनिंदा व्यंजनों को चिन्हित कर उन्हें ‘क्यूज़ीन क्लस्टर’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश की क्यूज़ीन एक संगठित इकोसिस्टम के रूप में उभरे।

हर व्यंजन के साथ जुड़ेगा पहचान टैग

अफसरों ने समीक्षा बैठक में बताया कि ODOC की ब्रांडिंग रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश के हर जिले के साथ जिला-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी। हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और बनाने की विधि को दिखाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। यानी उत्तर प्रदेश का स्वाद अब कहानी के साथ पैक होकर बाजार में उतरेगा।

उत्तर प्रदेश के व्यंजन होंगे मार्केट-फ्रेंडली

उत्तर प्रदेश की ODOC योजना में पैकेजिंग को भी बड़ा हथियार बनाया जा रहा है। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की तैयारी है। इसके अलावा QR कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के जरिए उपभोक्ता जानकारी और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। त्योहारों और क्षेत्रीय थीम पर आधारित पैकेजिंग डिजाइनों पर भी काम होगा, ताकि उत्तर प्रदेश के व्यंजन बाजार में अलग पहचान बना सकें। UP News

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5 दिन की परिक्रमा के बाद बिगड़ी तबीयत, कुत्ते को मिली फ्रूट थेरेपी

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान उसने न कुछ खाया, न पानी पिया। लंबे समय तक भूखा-प्यासा रहने के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे पशु चिकित्सकों की निगरानी में लेकर इलाज शुरू कराया गया।

भूख-प्यास से कमजोर कुत्ते की हालत बिगड़ी
भूख-प्यास से कमजोर कुत्ते की हालत बिगड़ी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 11:36 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर में इन दिनों मंदिर परिसर से जुड़ा एक घटनाक्रम सुर्खियों में है, जिसने आस्था के साथ-साथ हैरानी भी बढ़ा दी है। नंदपुर गांव के प्राचीन मंदिर में एक आवारा कुत्ता कथित तौर पर लगातार पांच दिन (करीब 120 घंटे) तक हनुमान जी और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के चारों ओर परिक्रमा करता दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान उसने न कुछ खाया, न पानी पिया। लंबे समय तक भूखा-प्यासा रहने के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो उसे पशु चिकित्सकों की निगरानी में लेकर इलाज शुरू कराया गया।

नंदपुर मंदिर में कुत्ता बना आकर्षण का केंद्र 

ग्रामीणों के मुताबिक, कुत्ता बीते कई दिनों से मंदिर परिसर में ही मौजूद था और लगातार मूर्तियों की परिक्रमा करता दिखाई दिया। थकावट और कमजोरी बढ़ने पर जब वह निढाल होकर गिर पड़ा, तो मंदिर समिति और ग्रामीणों ने उसे गद्दे पर लिटाया, रजाई ओढ़ाई और देखभाल शुरू की। धीरे-धीरे यह बात पूरे इलाके में फैल गई। नतीजा यह हुआ कि उत्तर प्रदेश के आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और वहां मेले जैसा माहौल बन गया।मंदिर में उमड़ी भीड़ अब भगवान के साथ-साथ कुत्ते को भी विशेष संकेत मानकर देख रही है। कई श्रद्धालु उसके पास प्रसाद, रुपये-पैसे रख रहे हैं और मन्नतें मांगने की बातें भी सामने आ रही हैं। मंदिर के बाहर प्रसाद और खिलौनों की दुकानें तक लग गई हैं, जिससे माहौल और ज्यादा भीड़भाड़ वाला हो गया।

परिक्रमा के बाद कुत्ते की हालत नाजुक

लगातार भूख-प्यास के चलते कुत्ते की हालत अब नाजुक बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसने दूध और रोटी तक लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आनन-फानन में पशु चिकित्सकों को बुलाया गया। पशु चिकित्सक डॉ. अश्वनी चित्रांश के अनुसार, कई दिनों से कुछ न खाने की वजह से उसके शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो गई है। इसी कमी को पूरा करने के लिए उसे ग्लूकोज और मल्टी-विटामिन की ड्रिप के साथ ‘फ्रूट थेरेपी’ दी जा रही है, ताकि शरीर में ऊर्जा लौटे और पोषण संतुलन सुधर सके। UP News

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