बजट आने के बाद देश-प्रदेश के वित्त विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और नीति विश्लेषकों ने इस पर विस्तार से अपनी राय रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की दिशा में आगे ले जाने की मजबूत नींव रखता है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया वित्तीय वर्ष 2026 का बजट न केवल राज्य के अब तक के सबसे बड़े बजटों में शामिल है, बल्कि इसे विकासोन्मुख, निवेश समर्थक और भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया गया दस्तावेज़ माना जा रहा है। बजट आने के बाद देश-प्रदेश के वित्त विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और नीति विश्लेषकों ने इस पर विस्तार से अपनी राय रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की दिशा में आगे ले जाने की मजबूत नींव रखता है।
वित्त विशेषज्ञों के अनुसार बजट का सबसे मजबूत पक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाएं, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट विस्तार और स्मार्ट सिटी योजनाओं के लिए भारी आवंटन को विशेषज्ञों ने रोजगार सृजन और निजी निवेश को आकर्षित करने वाला कदम बताया है। आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि बेहतर सड़क, परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से उद्योगों की लागत घटेगी, जिससे उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। इससे आने वाले वर्षों में राज्य की जीडीपी में तेज़ वृद्धि देखने को मिल सकती है।
वित्त विशेषज्ञों ने बजट में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर किए गए प्रावधानों की भी सराहना की है। कृषि अवसंरचना, आधुनिक सिंचाई परियोजनाएं, ग्रामीण सड़कों और मंडी सुधार पर खर्च को विशेषज्ञों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया है। उनका मानना है कि यदि बजट प्रावधानों का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन हुआ, तो इससे किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों के लिए संतुलित आवंटन किया गया है। नए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को विशेषज्ञों ने मानव संसाधन विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। शिक्षा क्षेत्र में स्कूलों के आधुनिकीकरण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस को विशेषज्ञों ने भविष्य की कार्यबल तैयार करने के लिए जरूरी बताया।
वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने का प्रयास साफ दिखाई देता है। बढ़ते खर्च के बावजूद सरकार ने आय के स्रोतों को मजबूत करने और अनावश्यक सब्सिडी पर नियंत्रण की दिशा में संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार राजस्व संग्रह और व्यय प्रबंधन में संतुलन बनाए रखती है, तो राज्य की वित्तीय सेहत और मजबूत होगी।
हालांकि अधिकतर वित्त विशेषज्ञ बजट को सकारात्मक मान रहे हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि घोषणाओं के साथ-साथ क्रियान्वयन सबसे बड़ी चुनौती रहेगा। उनका मानना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा, शहरी-ग्रामीण असमानता को कम करने और छोटे कारोबारियों को और अधिक राहत देने की मांग भी कुछ विशेषज्ञों ने उठाई है।
वित्त विशेषज्ञों की सामूहिक राय में उत्तर प्रदेश का बजट 2026 विकास, निवेश और सामाजिक संतुलन का प्रयास करता हुआ दस्तावेज़ है। यदि बजट प्रावधानों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। UP News