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प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक भैंस के दूध के कारण करीब 30 लोगों में दहशत फैल गई। सभी लोगों को एहतियात के तौर पर अस्पताल जाकर एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवाना पड़ा।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक भैंस के दूध के कारण करीब 30 लोगों में दहशत फैल गई। सभी लोगों को एहतियात के तौर पर अस्पताल जाकर एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, उरुवा क्षेत्र के बेसहनी गांव में रहने वाले एक किसान की भैंस को करीब दो महीने पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इस घटना की जानकारी समय पर किसी को नहीं हो सकी, और भैंस का दूध लगातार इस्तेमाल होता रहा। UP News
करीब दो महीने बाद भैंस के व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिला। उसने चारा खाना बंद कर दिया और असामान्य व्यवहार करने लगी। जब पशु चिकित्सक को दिखाया गया, तो जांच में रैबीज संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने साफ कहा कि इस स्थिति में भैंस को बचाना संभव नहीं है। कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई। UP News
भैंस की मौत के बाद जब यह जानकारी सामने आई कि उसका दूध पिछले दो महीनों से लोग इस्तेमाल कर रहे थे, तो इलाके में हड़कंप मच गया। करीब 30 लोगों जिनमें पशुपालक का परिवार और दूध लेने वाले ग्राहक शामिल हैं ने एहतियात के तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी-रैबीज टीका लगवाया।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमित जानवर का कच्चा दूध पीना खतरनाक हो सकता है। हालांकि, उबालकर या चाय में इस्तेमाल करने से संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी कि जिन लोगों ने कच्चा दूध इस्तेमाल किया है, वे तुरंत टीकाकरण करवाएं। घटना के बाद पीएचसी टीम ने गांव में जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को रैबीज के खतरे और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। UP News
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