विज्ञापन
UP Cabinet Expansion : मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ के मंत्रिमंडर का आज विस्तार हो गया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के पल-पल की कवरेज आप यहां पढ़ सकते हैं : -

UP Cabinet Expansion : पउत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज एक अहम दिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ के मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो गया है। 6 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं जबकि दो राज्य मंत्रियों को प्रमोशन मिला । बनाया गया है । पूरी डिटेल यहां पढ़ें : -
किनको मिला प्रमोशन
पीटीआई के मुताबिक राज्य मंत्री अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया
अजीत पाल हुए प्रमोट
कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक।
2017 के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।
योगी सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के राज्य मंत्री थे। अब उन्हें प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बनाया गया।
सोमेंद्र तोमर हुए प्रमोट
राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री
मेरठ दक्षिण सीट से लगातार दूसरी बार विधायक बने।
बीजेपी का मजबूत गुर्जर चेहरा माना जाता है।
क्यों हुआ प्रमोशन : किसान आंदोलन के बाद वेस्ट यूपी में युवाओं और गुर्जर समाज के बीच बीजेपी की फिर से पैठ बनाई।
6 नए चेहरों को क्या पद मिला?
पीटीआई के मुताबिक भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे कैबिनेट मंत्री बने। कृष्ण पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया।
कैलाश राजपूत ने ली मंत्री पद की शपथ
कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट विधायक
लोधी समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
सुरेंद्र दिलेर ने मंत्री पद की शपथ
अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
मूल रूप से जाटव समाज से आते हैं।
दादा किशन लाल दिलेर हाथरस लोकसभा सीट से चार बार सांसद और छह बार विधायक रहे।
पिता स्व. रवीर सिंह दिलेर हाथरस सीट से बीजेपी के सांसद रहे। एक बार विधायक भी रहे।
क्यों मंत्री बनाया गया : अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित खैर सीट पर बीजेपी की पकड़ मजबूत बनाने में दिलेर की अहम भूमिका रही है। बीजेपी सिर्फ गैर-जाटव दलितों ही नहीं, बल्कि जाटव समाज को भी महत्व देती है। दिलेर को मंत्री बनाकर बीजेपी यही संदेश देना चाहती है।
हंसराज विश्वकर्मा ने ली मंत्री पद की शपथ
वाराणसी क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं।
बीजेपी के प्रमुख ओबीसी नेताओं शामिल।
विश्वकर्मा समाज में उनकी अच्छी पकड़।
पूर्वांचल के वाराणसी, चंदौली, भदोही और आसपास के जिलों में उनका प्रभाव माना जात है।
मंत्री बनाने के कारण : गैर-यादव पिछड़ा वर्ग को बीजेपी से जोड़ने की कोशिश। पूर्वांचल के ओबीसी वर्ग, विशेषकर विश्वकर्मा समुदाय को साधना।
भूपेंद्र चौधरी ने ली मंत्रीपद की शपथ
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं।
जाट समुदाय में भाजपा का बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं।
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में थे पंचायतीराज मंत्री।
मंत्री बनाने की वजह : लोकसभा चुनाव में पश्चिम यूपी में बीजेपी वैसी जीत नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। चौधरी को मंत्री बना पार्टी जाट समुदाय को दोबारा मजबूत संदेश देना चाहती है।
कृष्णा पासवान ने ली मंत्रीपद की शपथ
दलित समाज, विशेषकर पासवान समुदाय में प्रभाव रखने वाली नेता मानी जाती हैं। पूर्वांचल और मध्य यूपी में पासवान वोट बैंक को साधने के लिए उन्हं मंत्री बनाने की वजह हो सकती है।
क्यों बनाया मंत्री : भाजपा 2027 से पहले हर उस सामाजिक समूह को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, जहां विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
मनोज पांडे्य ने ली मंत्रीपद की शपथ
रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट से विधायक।
समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण चेहरे रहे हैं।
अखिलेश यादव सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को खुलकर समर्थन दिया और सपा से दूरी बनाई।
क्यों बनाया गया मंत्री : मनोज पांडेय को कैबिनेट में शामिल करना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत पार्टी ब्राह्मण मतदाताओं के बीच अपना संदेश मजबूत करना चाहती है। रायबरेली और अमेठी जैसे परंपरागत गांधी परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी उनका असर माना जाता है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा मनोज पांडेय के जरिये सपा के पारंपरिक ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में है।
'यह प्रक्रिया चलती रहती है'
लखनऊ: मंत्रिमंडल विस्तार पर उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने कहा, "यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है; अभी हमने बंगाल में इतिहास रचा है। हम चाहते हैं कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भी फिर से इतिहास रचा जाए। BJP का काम हर किसी को सम्मान देना और सबको साथ लेकर चलना है। यह प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है... समाजवादी पार्टी एक डूबता हुआ जहाज़ है।"
'OBC और दलित समुदायों को प्राथमिकता'
लखनऊ : कैबिनेट विस्तार पर, यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "...यह विस्तार सही समय पर हुआ है, और हम इसका स्वागत करते हैं। नए मंत्री शपथ ले रहे हैं। उन्हें हमारी बधाई। इस विस्तार में OBC और दलित समुदाय को प्राथमिकता दी गई है, जो बीजेपी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमेशा की तरह, पार्टी उत्तर प्रदेश के सामाजिक समीकरणों में संतुलन बनाने का काम करती है..."
यूपी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश का तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट पर विस्तार तंज कसा है। उन्होंने एक लंबी पोस्ट एक्स पर लिखे और बीजेपी से कई तीखे सवाल पूछे।
अखिलेश ने लिखा, "समाचार : उप्र में मंत्रिमंडल का विस्तार -जनता के विचार और सवाल:
… और हां जनता ये भी पूछ रही है कि आख़िरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल में ये सरकार कुछ न कर सकी। ये भी केवल वही करेंगे जो भाजपा सरकार ने किया है :
भ्रष्टाचार और अत्याचार!
पीडीए पर वार-ही-वार!
महंगाई-बेकारी की मार!
ये जीना कर देंगे दुश्वार!
जातीय समीकरणों का ध्यान, सपा के बागी विधायकों को मौका
यह मंत्रिमंडल विस्तार 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले हो रहा है इसलिए जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण चेहरा रहे मनोज पांडेय नाम नए मंत्रियों में शामिल हो सकता है। खास बात यह है कि सपा की बागी विधायक पूजा पाल भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकती हैं।
बीजेपी विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री पद देने की प्रबल संभावनाएं हैं। पार्टी ओबीसी और दलित के साथ ही महिला समीकरण को भी दुरुस्त करना चाहती है।
जाट समाज से पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को जगह मिल सकती है। ऐसा कर बीजेपी पिछड़े समाज और पश्चिमी यूपी के समीकरण को साधने की कोशिश करेगी।
ये नेता बन सकते हैं मंत्री
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सपा के बागी विधायक व पूर्व मंत्री मनोज पांडेय और पूजा पाल, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा के नाम तय माने जा रहे हैं।
विज्ञापन