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उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश को देश की राजनीति की धुरी भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की कुल आबादी तकरीबन 25 करोड़ के आसपास है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा चुनावी नतीजों की दिशा तय करते हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश को देश की राजनीति की धुरी भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की कुल आबादी तकरीबन 25 करोड़ के आसपास है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा चुनावी नतीजों की दिशा तय करते हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगभग हर जाति का अपना -अपना जनाधार है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में असर डालने वाले इन्ही जातीय समीकरण में दलित समाज का भी अपना एक मजबूत जनाधार है। उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत मानी जाती है, जिसमें विभिन्न उपसमुदाय शामिल हैं। इनमें जाटव समुदाय सबसे बड़ा वर्ग है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 54 प्रतिशत बताई जाती है। वहीं, पासी समुदाय इस सामाजिक संरचना में दूसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत के आसपास है। यह आंकड़ा राज्य की कुल आबादी का लगभग 3 प्रतिशत से अधिक बैठता है, जो कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाता है। UP News
पासी समुदाय का राजनीतिक प्रभाव उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से अवध और पूर्वांचल क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहां कई विधानसभा सीटों पर यह वोट बैंक चुनावी परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखता है। मध्य उत्तर प्रदेश में भी इस समुदाय की राजनीतिक उपस्थिति काफी मजबूत मानी जाती है। रायबरेली, अमेठी, लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, बस्ती, गोंडा और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में पासी मतदाता कई सीटों पर हार-जीत का संतुलन बदलने वाले प्रमुख कारक के रूप में उभरते हैं, जिससे इन क्षेत्रों की चुनावी रणनीति में इस समुदाय की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पासी-पासवान समुदाय को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक दावों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इनकी संयुक्त आबादी लगभग 1.25 करोड़ के आसपास मानी जाती है। इसी आधार पर कहा जाता है कि राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से कम से कम 100 से अधिक सीटों पर यह समुदाय किसी न किसी रूप में चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, लगभग 65 से 70 विधानसभा क्षेत्रों और 12 से 15 लोकसभा सीटों पर इनकी भूमिका को अक्सर निर्णायक माना जाता है, जहां हार-जीत का अंतर बेहद कम मार्जिन पर तय होता है। UP News
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो पिछले कुछ चुनावों विशेषकर 2017 और 2022 में पासी समुदाय का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर अधिक दिखाई दिया था। हालांकि, बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अब इस समुदाय को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ती दिख रही है। वहीं बहुजन समाज पार्टी को अब भी जाटव समुदाय के भीतर मजबूत और पारंपरिक समर्थन आधार प्राप्त है, जो उसके संगठनात्मक ढांचे की मुख्य ताकत माना जाता है। UP News
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