प्रोपर्टी की जानकारी ना देने पर चलेगा कानून का डंडा

इतना ही नहीं प्रोपर्टी की जानकारी ना देने वाले सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार का सख्त संदेश -प्रॉपर्टी विवरण नहीं तो कार्रवाई तय
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Jan 2026 02:51 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध लगातार अभियान चला रही है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के मकसद से उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को अपनी चल तथा अचल संपत्ति (प्रोपर्टी) का पूरा ब्यौरा सरकार को देना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों ने निर्देश जारी किए हैं कि अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर ना देने वालों के विरूद्ध कानून का डंडा चलाया जाएगा।

प्रोपर्टी की जानकारी नहीं तो प्रमोशन भी नहीं

उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यवस्था की है कि जो सरकारी कर्मचारी तथा अधिकारी अपनी प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देंगे उन कर्मचारियों तथा अधिकारियों का प्रमोशन बिल्कुल भी नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रोपर्टी की जानकारी ना देने वाले सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। प्रोपर्टी की जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। 

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों की तरह से ही प्रोपर्टी की जानकारी देने के मामले में प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी प्रोपर्टी की पूरी जानकारी तुरन्त उपलब्ध करा दें। ऐसा नहीं करने पर विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। साथ ही उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी जाएगी। 

हर हाल में 31 जनवरी तक देना पड़ेगा प्रोपर्टी का विवरण

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक संपदा पोर्टल पर अपनी प्रोपर्टी का पूरा विवरण हर हाल में देना होगा। निर्देशों में कहा गया है कि साल 2025 का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा एक जनवरी से शुरू हो गई है। 31 जनवरी तक इसका ब्योरा न दिया जाना नियम विपरीत माना जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा है कि एक फरवरी से होने वाली विभागीय चयन समितियों की बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी। ऐसे कार्मिक जब तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, तब तक उनकी पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं ऐसे कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन सभी अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ब्योरा नियमानुसार अपलोड कराना सुनिश्चित करें। UP News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल एक्शन मोड में

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे का काम हर हाल में 15 फरवरी 2026 तक पूरा कर दिया जाए। 15 फरवरी तक काम परा ना होने पर अधिकारियों को दंडित करने की चेतावनी भी श्री गोयल ने दे डाली है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Jan 2026 02:39 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को चिन्हित करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को खास निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बन रहे सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे का काम 15 फरवरी तक पूरा कर दिया जाए।

उत्तर प्रदेश में बन रहा है गंगा एक्सप्रेस-वे

उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे को सबसे लम्बा एक्सप्रेस-वे कहा जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे को बनाने का अधिकतर काम पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे का काम हर हाल में 15 फरवरी 2026 तक पूरा कर दिया जाए। 15 फरवरी तक काम परा ना होने पर अधिकारियों को दंडित करने की चेतावनी भी श्री गोयल ने दे डाली है।

उत्तर प्रदेश के प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक में दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने हाल ही में प्रदेश के प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (PMG) की बैठक बुलाई थी। PMG की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को खास निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बीडा एक्टिवेशन एरिया में जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति के लिए वर्क आर्डर इसी माह जारी किए जाएं तथा 60 मीटर आर्टिरियल रोड का निर्माण जल्द शुरू कराएं। फार्मा पार्क ललितपुर परियोजना में विकास कार्यों को निर्धारित मानक व गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराएं।

अनेक कामों के लिए दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी), बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा), मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर तथा फार्मा पार्क-ललितपुर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग करते हुए समय से पूरे कराए जाएं। ये परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

निवेशकों के साथ बैठक करें उत्तर प्रदेश के अधिकारी 

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने प्रदेश के अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जिन निवेशकों को भूमि आवंटित की गई है, उनके साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इन बैठकों में इकाइयों की संभावित फंक्शनल डेट तथा वर्क प्लान प्राप्त किया जाए। साथ ही, निवेशकों के साथ चर्चा में शेष औपचारिकताएं त्वरित रूप से पूरी कराकर निर्माण कार्य प्रारंभ करने पर जोर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्क प्लान के अनुरूप निरंतर मॉनीटरिंग की जाए तथा शीघ्र उत्पादन शुरू करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को केवल उपलब्ध भूमि का ही आवंटन किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। UP News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नेहा शर्मा को मिली अहम जिम्मेदारी

माना जा रहा है कि नेहा शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से लेकर स्टांप ड्यूटी तक की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनता के लिए सरल बनेगी साथ ही राजस्व संग्रह में भी नई तेजी देखने को मिल सकती है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ IAS नेहा शर्मा
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ IAS नेहा शर्मा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 01:18 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही योगी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई तैनाती दी गई है। इसी क्रम में 2010 बैच की वरिष्ठ आईएएस नेहा शर्मा को स्टांप एवं निबंधन विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए स्थायी महानिरीक्षक निबंधन (आईजी रजिस्ट्रेशन) नियुक्त किया गया है। अब तक वे प्रभारी आईजी के तौर पर विभाग की कमान संभाल रही थीं, लेकिन उनकी भूमिका को स्थायी करना यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने पर फोकस बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि नेहा शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से लेकर स्टांप ड्यूटी तक की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनता के लिए सरल बनेगी साथ ही राजस्व संग्रह में भी नई तेजी देखने को मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश के स्टांप-निबंधन विभाग पर सरकार का फोकस

उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-बिक्री से लेकर दस्तावेजों के पंजीकरण और स्टांप शुल्क के जरिए राजस्व जुटाने में स्टांप एवं निबंधन विभाग की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी है। लेकिन इसी विभाग में पारदर्शिता, डिजिटल सेवाओं की पहुंच और शिकायतों के तेज निस्तारण को लेकर लंबे समय से सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में नेहा शर्मा को स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि 2026 में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को मिशन मोड में सुधारा जाएगा। सूत्रों की मानें तो नेहा शर्मा की प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सरल व समयबद्ध बनाना, ऑनलाइन सिस्टम को ज्यादा मजबूत करना, फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी बढ़ाना और राजस्व लीकेज पर लगाम लगाने जैसे कदम प्रमुख रहेंगे।

नेहा शर्मा का उत्तर प्रदेश में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड

2010 बैच की आईएएस नेहा शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर की उन अफसरों में शुमार हैं, जिन्होंने फील्ड में रहकर प्रशासनिक सख्ती और निर्णय क्षमता की अलग पहचान बनाई है। रायबरेली, फिरोजाबाद, कानपुर नगर और गोंडा जैसे संवेदनशील और बड़े जिलों में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक पर मजबूत पकड़ दिखाई। खास तौर पर गोंडा में उनकी तैनाती के दौरान लिए गए कड़े फैसलों ने उन्हें उत्तर प्रदेश की चर्चित और भरोसेमंद अफसरों की सूची में ला खड़ा किया। जुलाई 2025 में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें गोंडा से हटाकर प्रभारी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाया गया था। अब नए साल 2026 की शुरुआत में इसी पद पर स्थायी तैनाती देकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके कामकाज और प्रशासनिक क्षमता पर खुलकर भरोसा जताया है। नेहा शर्मा को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी प्रशासन की समर्थक अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जिससे उनके नेतृत्व में निबंधन विभाग में ठोस सुधारों की उम्मीद की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में 21 आईएएस को प्रमोशन

नेहा शर्मा की तैनाती को उत्तर प्रदेश सरकार के एकल फैसले की तरह नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह नए साल पर हुए बड़े प्रशासनिक री-शफल का अहम हिस्सा है। इस व्यापक फेरबदल में 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई जिम्मेदारियां देकर सिस्टम को नई गति देने की कोशिश की गई है। शासन स्तर पर अपर्णा यू और एस.वी.एस. रंगाराव को प्रमुख सचिव जैसी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है, जबकि मोनिका रानी को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के पद पर स्थायी जिम्मेदारी दी गई। वहीं योगेश कुमार को आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता बनाकर सहकारिता सेक्टर की कमान मजबूत की गई है। 

नए साल में उत्तर प्रदेश में निबंधन व्यवस्था को लेकर क्या बदल सकता है?

नेहा शर्मा के स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनने के बाद उत्तर प्रदेश में स्टांप एवं निबंधन विभाग को लेकर रिफॉर्म्स की उम्मीदें और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अब फोकस सिर्फ प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में ठोस कदम दिख सकते हैं। विभागीय स्तर पर प्राथमिकता यह रहेगी कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल पेमेंट को और मजबूत किया जाए, तथा दलालों/अनियमितताओं पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से जुड़े राजस्व संग्रह को बढ़ाने की रणनीति पर भी खास ध्यान रहेगा। वहीं शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शिता के लिए फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत कर सिस्टम में भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। UP News

संबंधित खबरें