इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में रोडमैप को अंतिम रूप देने पर मंथन हुआ, जबकि जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने उत्तर प्रदेश के लिए जिला-स्तर तक लागू होने वाली विस्तृत कार्ययोजना पेश की।

UP News : उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश सरकार ने संकेत दिए हैं कि मई-जून 2026 में जनगणना का पहला चरण शुरू किया जाएगा। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में रोडमैप को अंतिम रूप देने पर मंथन हुआ, जबकि जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने उत्तर प्रदेश के लिए जिला-स्तर तक लागू होने वाली विस्तृत कार्ययोजना पेश की।
उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 को दो चरणों में अंजाम देने की तैयारी है और प्रशासन इसे “मिशन मोड” में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। पहला चरण मई-जून 2026 में होगा, जिसमें हाउस-लिस्टिंग के जरिए घर-घर की सूची तैयार की जाएगी और मकानों की गणना की जाएगी। दूसरा और सबसे अहम चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जब हर व्यक्ति का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसी चरण में जाति संबंधी जानकारी जुटाने की तैयारी भी है, जिसे प्रशासनिक तंत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। करीब 25.70 करोड़ की अनुमानित आबादी वाले उत्तर प्रदेश में यह कवायद अपने आप में अब तक के सबसे बड़े प्रशासनिक ऑपरेशनों में गिनी जा रही है। योजना के मुताबिक इसे सफल बनाने के लिए 6 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती होगी। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि दोनों चरणों से पहले सभी कर्मियों को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डेटा कलेक्शन में एकरूपता रहे और त्रुटियों की गुंजाइश न्यूनतम हो।
इस बार उत्तर प्रदेश में जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर है। इसके लिए एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए डेटा कलेक्शन और रीयल-टाइम ट्रांसमिशन की व्यवस्था रखी गई है। साथ ही सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) पोर्टल के माध्यम से निगरानी को राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत/वार्ड स्तर तक मजबूत किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा की सटीकता भी बेहतर होगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जनगणना-2027 की तैयारियों में कोई ढिलाई न रहे और हर विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा में काम पूरा करे। इसी के तहत एक अहम फैसला यह भी लिया गया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश में गणना के दौरान सीमा-विवाद, क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम या रिकॉर्ड में असंगति जैसी स्थितियां पैदा न हों। जनगणना के दायरे में उत्तर प्रदेश के 18 मंडल, 75 जनपद, हजारों तहसीलें, नगर निकाय और 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें आएंगी। प्रशासन मान रहा है कि इतनी विशाल व्यवस्था में यह काम चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन डिजिटल सिस्टम, प्रशिक्षित स्टाफ और कड़ी मॉनिटरिंग के जरिए इसे एक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और एकरूप प्रक्रिया के रूप में पूरा किया जा सकता है। UP News