उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में छह नवंबर से दीपदान मेला शुरू होगा। करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, लेकिन बाढ़ से क्षतिग्रस्त घाट, सड़कें और सीवरेज व्यवस्था अब भी चुनौती बने हैं। पढ़े पूरी खबर।

छह नवंबर से शुरू होगा पांच दिवसीय मेला, 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान; व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चुनौती
UP News:चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपदान मेले की तैयारियों के बीच बाढ़ से क्षतिग्रस्त घाटों, सड़कों और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की चुनौती बनी हुई है। छह नवंबर से शुरू होने वाले मेले में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन के सामने निर्धारित समय में सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने की चुनौती है। रामघाट पर आरती स्थल का निर्माण अधूरा है, वहीं बाढ़ में क्षतिग्रस्त घाट की सीढ़ियों, तुलसी मंदिर और सड़क की मरम्मत भी जरूरी है। बाढ़ के दौरान रामघाट की सीढ़ियों को नुकसान पहुंचा था। तुलसी मंदिर और वहां स्थापित मूर्ति भी प्रभावित हुई थी। इसके अलावा करीब 100 मीटर सड़क बह जाने से सीवरेज व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। UP News
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता फरहद हुसैन ने बताया कि सीवरेज की मोटर आदि ठीक करा दी गई है और चैंबर की सफाई भी कर ली गई है। हालांकि, मिट्टी के कारण सीवरेज लाइन चोक है। इसे साफ करने के लिए प्रयागराज से प्रेशर मशीन मंगाई गई है। लाइन दुरुस्त होने के बाद गंदे पानी की निकासी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। UP News
दीपदान मेले की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन रामघाट समेत कई स्थानों पर मरम्मत और निर्माण कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। बाढ़ के दौरान रामघाट की सीढ़ियों को नुकसान पहुंचा था। तुलसी मंदिर और वहां स्थापित मूर्ति भी प्रभावित हुई थी। इसके अलावा करीब 100 मीटर सड़क बहने से सीवरेज व्यवस्था भी बाधित हो गई थी। UP News
छह नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय दीपदान मेले में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में घाटों की मरम्मत, आरती स्थल का निर्माण, सीवरेज व्यवस्था की बहाली और आवागमन के वैकल्पिक इंतजाम समय पर पूरे करना जरूरी है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के लिए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। UP News
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