गैस किल्लत के कारण अयोध्या में श्री राम रसोई में भोजन वितरण रोका गया
इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है।

UP News : देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। इस वजह से आम लोगों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट और सार्वजनिक कैंटीन तक कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। आॅनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहे, इसलिए लोगों को खुद एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर संसद में भी चर्चा हुई और विपक्षी दलों ने लोकसभा में हंगामा किया।
अयोध्या में भोजन सेवा पर असर
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में गैस की कमी का असर धार्मिक और सामाजिक सेवाओं पर भी पड़ा है। राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में संचालित श्री राम रसोई में फिलहाल भोजन वितरण रोक दिया गया है, क्योंकि वहां खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है।
नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में भी एलपीजी खत्म हो जाने के कारण मुख्य भोजन (मेन कोर्स) परोसना बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि गैस की सप्लाई सामान्य होने तक केवल हल्के खाद्य पदार्थ जैसे सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट ही उपलब्ध रहेंगे।
होटल और रेस्टोरेंट पर भी असर
कई शहरों के होटल और रेस्टोरेंट भी गैस की कमी से जूझ रहे हैं। मुंबई में कुछ होटलों को अपनी कैंटीन बंद करनी पड़ी है या मेनू सीमित करना पड़ा है। चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य क्षेत्रों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई न मिलने से कई रेस्टोरेंट्स ने अपने कर्मचारियों को छुट्टी दे दी। कुछ होटल मालिकों ने बताया कि गैस बचाने के लिए उन्होंने डोसे की कई किस्मों को मेनू से हटा दिया है और फिलहाल केवल सीमित व्यंजन ही बनाए जा रहे हैं।
ट्रेन में मिलने वाले खाने पर भी पड़ सकता है असर
रेलवे की कैटरिंग सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। रेलवे स्टेशनों की कैटरिंग इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे गैस की कमी को देखते हुए माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखने को भी कहा गया है।
कई शहरों में लंबी कतारें
बिहार, भोपाल और चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई हैं। सप्लाई कम होने के कारण सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठनों ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है। साथ ही उन्हें इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी गई है ताकि गैस की कमी का असर कुछ हद तक कम किया जा सके। कुल मिलाकर, एलपीजी की सप्लाई में आई कमी ने घरेलू उपयोग के साथ-साथ होटल, कैंटीन और कैटरिंग सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है। स्थिति सामान्य होने तक लोगों और व्यवसायों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है।
UP News : देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। इस वजह से आम लोगों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट और सार्वजनिक कैंटीन तक कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। आॅनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहे, इसलिए लोगों को खुद एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर संसद में भी चर्चा हुई और विपक्षी दलों ने लोकसभा में हंगामा किया।
अयोध्या में भोजन सेवा पर असर
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में गैस की कमी का असर धार्मिक और सामाजिक सेवाओं पर भी पड़ा है। राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में संचालित श्री राम रसोई में फिलहाल भोजन वितरण रोक दिया गया है, क्योंकि वहां खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है।
नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में भी एलपीजी खत्म हो जाने के कारण मुख्य भोजन (मेन कोर्स) परोसना बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि गैस की सप्लाई सामान्य होने तक केवल हल्के खाद्य पदार्थ जैसे सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट ही उपलब्ध रहेंगे।
होटल और रेस्टोरेंट पर भी असर
कई शहरों के होटल और रेस्टोरेंट भी गैस की कमी से जूझ रहे हैं। मुंबई में कुछ होटलों को अपनी कैंटीन बंद करनी पड़ी है या मेनू सीमित करना पड़ा है। चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य क्षेत्रों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई न मिलने से कई रेस्टोरेंट्स ने अपने कर्मचारियों को छुट्टी दे दी। कुछ होटल मालिकों ने बताया कि गैस बचाने के लिए उन्होंने डोसे की कई किस्मों को मेनू से हटा दिया है और फिलहाल केवल सीमित व्यंजन ही बनाए जा रहे हैं।
ट्रेन में मिलने वाले खाने पर भी पड़ सकता है असर
रेलवे की कैटरिंग सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। रेलवे स्टेशनों की कैटरिंग इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे गैस की कमी को देखते हुए माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखने को भी कहा गया है।
कई शहरों में लंबी कतारें
बिहार, भोपाल और चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई हैं। सप्लाई कम होने के कारण सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठनों ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है। साथ ही उन्हें इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी गई है ताकि गैस की कमी का असर कुछ हद तक कम किया जा सके। कुल मिलाकर, एलपीजी की सप्लाई में आई कमी ने घरेलू उपयोग के साथ-साथ होटल, कैंटीन और कैटरिंग सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है। स्थिति सामान्य होने तक लोगों और व्यवसायों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है।












