मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक, काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा से लेकर मथुरा की भक्ति-परंपरा तक और गोरखपुर से वाराणसी तक उत्तर प्रदेश में आज संस्कृति, विश्वास और विकास की त्रिवेणी नई गति के साथ प्रवाहित हो रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मिली मान्यता को “देश-प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण मील का पत्थर” बताते हुए प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। इस संदेश को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसी एक पर्व की प्रशंसा भर नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा, लोक-आस्था और सांस्कृतिक चेतना की वैश्विक स्वीकृति है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब दीपों की यह दिव्य परंपरा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होती है, तो वह उत्तर प्रदेश की उस सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देती है, जिसने सदियों से ‘आस्था और उत्सव’ को लोकजीवन की धड़कन बनाए रखा है। उन्होंने इसे यूपी की सांस्कृतिक यात्रा का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि आज प्रदेश की वही परंपरा दुनिया के सामने सम्मान और गौरव के रूप में चमक रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के आगमन की स्मृति में दीपों से जगमगाती अयोध्या की परंपरा आज भी मन को उल्लास और श्रद्धा से भर देती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या धाम में दीपोत्सव को नए कलेवर और भव्यता के साथ शुरू किया, जो अब प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बनकर दुनिया तक अपनी रोशनी पहुँचा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण पूरा होना केवल आस्था की विजय नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का निर्णायक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक, काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा से लेकर मथुरा की भक्ति-परंपरा तक और गोरखपुर से वाराणसी तक उत्तर प्रदेश में आज संस्कृति, विश्वास और विकास की त्रिवेणी नई गति के साथ प्रवाहित हो रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में प्रयागराज को आस्था और अनुशासन की “राजधानी” बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महाकुंभ, कांवड़ यात्रा जैसे विराट धार्मिक आयोजनों का संचालन अब पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संगमनगरी प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ जल्द होने जा रहा है और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के साथ देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पावन अवसर में सहभागी बनें और संगम की आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करें। योगी ने यह भी स्मरण कराया कि इसी वर्ष संपन्न महाकुंभ में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने दुनिया के सामने नए कीर्तिमान रखे और उत्तर प्रदेश की आयोजन क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक शक्ति का संदेश वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
पत्र के समापन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस गौरवपूर्ण सांस्कृतिक पुनर्जागरण के सहभागी बनें। अपनी परंपराओं को सिर्फ निभाएं नहीं, बल्कि उन्हें नई पीढ़ी की चेतना का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली को मिली वैश्विक मान्यता उत्तर प्रदेश की पहचान को विश्व मंच पर और मजबूत करती है, क्योंकि यह वही भूमि है जहां अयोध्या की दीप-परंपरा, काशी की आस्था और प्रयागराज का संगम मिलकर भारतीय संस्कृति को दिशा देते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह सम्मान हर उत्तर प्रदेश वासी के लिए आत्मगौरव का अवसर है। UP News