योगी ने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि जो धैर्य नहीं खोता, हिम्मत नहीं तोड़ता और बिना रुके प्रयास करता रहता है, अंततः जीत उसी के हिस्से में आती है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर भी ऐसे ही जज़्बे वाले युवाओं के बूते पर बनेगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की धरती से युवाओं के लिए सफलता का ऐसा “जीत मंत्र” दिया, जिसे उन्होंने आने वाले कल का रास्ता बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में चेताया कि ड्रग्स की लत और मोबाइल का अंधा नशा, दो ऐसे खतरनाक जाल हैं जो युवाओं के भविष्य, ऊर्जा और आत्मविश्वास को भीतर ही भीतर चाट रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश हो या देश का कोई और कोना, आने वाले समय की दिशा और दशा युवा हाथों से ही तय होगी। ऐसे में जरूरी है कि यूपी का युवा नशे और फालतू मोबाइल स्क्रॉलिंग से दूरी बनाकर मेहनत, अनुशासन और तकनीक के संतुलित उपयोग को अपने जीवन का स्थायी हिस्सा बनाए, तभी “नए उत्तर प्रदेश” की तस्वीर सचमुच बदलती नजर आएगी।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के समापन कार्यक्रम में मंच संभालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारी भीड़ के बीच युवाओं की सोच को झकझोरने वाला संदेश दिया। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे, जबकि उत्तर प्रदेश की इस ज्ञानभूमि से सीएम योगी ने साफ कहा कि किसी भी इंसान की असली हार हालात नहीं, उसकी मानसिकता से शुरू होती है। उन्होंने युवाओं को समझाया कि जैसे ही दृष्टि नकारात्मक होने लगती है, पराजय उसी क्षण कदम जमा लेती है। उन्होंने संदेश दिया कि हालात और सिस्टम को कोसने के बजाय बेहतर है कि हम खुद आगे बढ़कर बदलाव की शुरुआत करें। अगर उत्तर प्रदेश का हर युवा अंधेरे पर शिकायत करने की जगह एक छोटा-सा दीपक जलाने का संकल्प ले ले, तो प्रदेश और देश की कई मुश्किलें अपने आप हल होती चली जाएंगी। योगी ने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि जो धैर्य नहीं खोता, हिम्मत नहीं तोड़ता और बिना रुके प्रयास करता रहता है, अंततः जीत उसी के हिस्से में आती है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर भी ऐसे ही जज़्बे वाले युवाओं के बूते पर बनेगी।
मंच से संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेबाक अंदाज में कहा कि आज उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की युवा पीढ़ी दो खतरनाक लतों की गिरफ्त में फँसती जा रही है – एक तरफ ड्रग्स का जहर, दूसरी तरफ मोबाइल और स्मार्टफोन की अंधी दीवानगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूपी के नौजवान समय रहते इन लतों से खुद को आज़ाद नहीं करेंगे, तो वे न केवल अपना करिअर और चरित्र खो बैठेंगे, बल्कि राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत मानी जाने वाली युवा ऊर्जा भी भीतर से खोखली हो जाएगी। योगी ने साफ शब्दों में कहा कि नशा माफिया बड़े शातिर तरीके से युवाओं की कमज़ोरियों पर नज़र रखता है – जहां भी उन्हें किसी लड़के या लड़की में मानसिक खालीपन, अकेलापन या भ्रम दिखता है, वहीं से वे पकड़ बनाने की कोशिश शुरू कर देते हैं। उन्होंने खुद को एक शिक्षक, अभिभावक और जनप्रतिनिधि बताकर कहा कि युवाओं के साथ–साथ शिक्षण संस्थानों और परिवारों को भी चौकन्ना रहना होगा। सीएम के मुताबिक देश और उत्तर प्रदेश के दुश्मन कई बार नशे, अपराध और सोशल मीडिया के ज़रिए समाज की कमजोर कड़ियों पर वार करते हैं, इसलिए यूपी के युवाओं को भीतर से इतना मजबूत बनाना होगा कि कोई भी ताकत उन्हें इस जाल में न घसीट सके। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोबाइल के अंधाधुन इस्तेमाल पर भी सख्त चिंता जताते हुए इसे युवाओं के लिए “धीमी गति से काम करने वाला ज़हर” बताया। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन अपने आप में उपयोगी साधन है, लेकिन जब वही आदत की जगह नशा बन जाए तो उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों की क्षमता लगातार घटने लगती है। घंटों स्क्रीन पर चिपके रहने से आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है, दिमाग थक कर बोझिल हो जाता है और सही–गलत का विवेक धीरे–धीरे कुंद पड़ने लगता है। सोचने की शक्ति, तर्क करने की आदत, एकाग्रता और शारीरिक ऊर्जा – सब कुछ इसकी मार झेलते हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि यूपी के छात्र–छात्राएं अपने मोबाइल उपयोग पर खुद “डिसिप्लिन” लगाएं – एकदम से छोड़ना मुश्किल हो सकता है, लेकिन रोज़ थोड़ी–थोड़ी कटौती की जा सकती है। उन्होंने सलाह दी कि दिन में सिर्फ उतना ही समय दें, जितना वाकई जरूरी हो – आधा घंटा या एक घंटा – बाकी वक्त किताबों, खेल मैदान, परिवार और रचनात्मक कामों को दें, ताकि उत्तर प्रदेश की युवा पीढ़ी तकनीक की “गुलाम यूज़र” नहीं, बल्कि संतुलित और जागरूक “स्किल्ड यूथ” बनकर सामने आए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से साफ लहजे में कहा कि जिंदगी में कामयाबी के लिए कोई “कट शॉर्ट रूट” नहीं होता, सफलता का रास्ता हमेशा पसीने, धैर्य और ईमानदारी से होकर ही गुजरता है। जो लोग शॉर्टकट पकड़ते हैं, वे अक्सर मंज़िल तो क्या, सही रास्ता भी खो बैठते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं से आग्रह किया कि अगर वे वाकई आगे बढ़ना चाहते हैं, तो टीमवर्क को अपनी ताकत बनाएं, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को स्वभाव का हिस्सा करें और अनुशासन को रोज़मर्रा की आदत। योगी ने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे खेल का मैदान हो या नौकरी, स्टार्टअप, प्रशासन या राजनीति – जहां टीम भावना और नियमों का सम्मान होता है, वहां व्यक्ति भी मजबूत होता है और समाज व उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की बुनियाद भी। अगर यूपी की नई पीढ़ी इन मूल्यों को ईमानदारी से जीना शुरू कर दे, तो प्रदेश की तस्वीर बदलने में ज़्यादा वक्त नहीं लगेगा। तकनीक पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं के उस डर को भी तोड़ा कि “मशीनें आएंगी तो नौकरियां चली जाएंगी।” उन्होंने साफ किया कि तकनीक नौकरी नहीं छीनती, बल्कि नए अवसरों के दरवाज़े खोलती है। दुनिया अब AI, IoT, ड्रोन और रोबोटिक्स के युग में है, ऐसे में जो तकनीक से भागेगा, वह पीछे छूट जाएगा, और जो तकनीक को साथी बनाकर चलेगा, वही उत्तर प्रदेश और देश का भविष्य लिखेगा। योगी ने कहा कि जहां-जहां तकनीक पहुंचती है, वहां नए काम, नए स्टार्टअप, नई इंडस्ट्री और नए स्किल की ज़रूरत पैदा होती है। इसलिए ज़रूरत इस बात की है कि यूपी के युवा खुद को मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक रूप से तैयार करें, नए कौशल सीखें, नई तकनीक अपनाएं और अपनी सोच को भी अपग्रेड करें। उन्होंने प्रदेश के शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे सिर्फ डिग्री देने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों में स्किल डेवलपमेंट, टीमवर्क और टेक्निकल एक्सपर्टाइज को प्राथमिकता दें, ताकि उत्तर प्रदेश सिर्फ “बड़ी आबादी वाला राज्य” नहीं, बल्कि “स्किल्ड, टेक–सैवी और इनोवेटिव यूपी” के रूप में देश–दुनिया के सामने खड़ा हो सके।
समारोह का माहौल उस वक्त सचमुच जोश और गर्व से भर उठा, जब मंच से उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को एक–एक कर सम्मानित किया जाने लगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने संयुक्त रूप से करीब डेढ़ सौ पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों और विभागों के माध्यम से करीब सात सौ से अधिक पुरस्कार और दिए जाने हैं, जो पूरे उत्तर प्रदेश में मेधावी और मेहनतकश युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश हैं। सम्मानित होने वालों में स्नातकोत्तर, स्नातक, हाईस्कूल और इंटर स्तर के होनहार छात्र–छात्राएं, अलग–अलग प्रतियोगिताओं के विजेता, शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षक, समर्पित कर्मचारी और संस्थानों की रीढ़ माने जाने वाले परिचारक भी शामिल रहे। यह नज़ारा इस बात का प्रतीक था कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभा चाहे किसी भी स्तर की हो, यदि वह मेहनत और निष्ठा के साथ आगे बढ़ती है तो उसे पहचान और मंच दोनों मिलते हैं। UP News