दरअसल भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली को लेकर पूरी दुनिया के सामने गर्व करने वाली बात हो गई है। इसी बड़ी बात के कारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को लेकर खास बधाई दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर के महीने में ‘‘दीपावली” की खास बधाई दी है। दीपावली का पर्व तो 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जा चुका है। फिर अचानक दिसंबर के महीने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अचानक दीपावली की खास बधाई क्यों दी है? इस सवाल का जवाब बहुत ही महत्वपूर्ण है। दरअसल भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली को लेकर पूरी दुनिया के सामने गर्व करने वाली बात हो गई है। इसी बड़ी बात के कारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को लेकर खास बधाई दी है।
आपको बता दें कि दुनिया में युनेस्को (UNESCO) नामक एक प्रसिद्ध संस्था है। UNESCO ने भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने की घोषणा की है। दीपावली भारत की संस्कृति से जुड़ा हुआ सबसे बड़ा पर्व है। UNESCO की इस सूची में दीपावली के शामिल होने से यह त्योहार विश्व स्तर पर और अधिक लोकप्रिय होगा। UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में संरक्षण से दीपावली के त्योहार को विश्वभर में पहचान और संरक्षण मिलेगा। इस नए इनस्क्रिप्शन के साथ, दीपावली विश्व सांस्कृतिक मोर्चे पर अपनी विशेष पहचान बनाएगा और विभिन्न देशों के लोग इस त्योहार के आनंद और संदेश को समझ सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलित किए जाने को गर्व का पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उस उत्सव की वैश्विक पहचान है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति व परंपरा की महत्ता को विश्वपटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है। यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहाकि अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है। ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और उत्सवों को विश्व समुदाय द्वारा अपनाया जाना सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा व्यक्त की कि अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देता रहेगा। उनके अनुसार यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन है, जो समाज को एकता और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है। UP News