सतुआ बाबा गए, अब ‘फटीचर बाबा’ छा गए! बैनर पढ़ते ही रुक जा रही भीड़
सेक्टर-6 के संगम लोअर मार्ग पर उनके शिविर के बाहर लगा बैनर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। लोग किसी चमत्कार की तलाश में नहीं ठहरते वे बस उस नाम को पढ़ते हैं, हल्की-सी मुस्कान आती है और फिर जिज्ञासा उन्हें कदम बढ़ाकर शिविर के भीतर तक खींच ले जाती है।

UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी प्रयागराज में संगम की रेती पर सजा माघ मेला इस बार सिर्फ साधु-संतों की साधना और सत्संग के लिए नहीं, बल्कि अनूठे नामों वाले शिविरों की वजह से भी सुर्खियों में है। सतुआ बाबा के बाद अब जिस नाम ने सोशल मीडिया से लेकर श्रद्धालुओं की बातचीत तक जगह बना ली है, वह नाम है फटीचर बाबा। सेक्टर-6 के संगम लोअर मार्ग पर उनके शिविर के बाहर लगा बैनर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। लोग किसी चमत्कार की तलाश में नहीं ठहरते वे बस उस नाम को पढ़ते हैं, हल्की-सी मुस्कान आती है और फिर जिज्ञासा उन्हें कदम बढ़ाकर शिविर के भीतर तक खींच ले जाती है।
बैनर पढ़ते ही रुक जा रहे लोग
मेले में दिनभर स्नान-दान के बाद जब श्रद्धालु अलग-अलग अखाड़ों और साधुओं के शिविरों की ओर बढ़ते हैं, तो सेक्टर-6 में यह शिविर भीड़ को रोक लेता है। बाहर लिखा संदेश फटीचर बाबा का राम-राम देखकर कई लोग मोबाइल निकालकर फोटो लेने लगते हैं, तो कुछ सीधे अंदर जाकर बाबा के बारे में जानने लगते हैं। देखते ही देखते यह शिविर वायरल स्पॉट जैसा बन गया है, जहां श्रद्धा के साथ उत्सुकता भी साथ चलती है। शिविर के भीतर पहुंचने पर सामने आती है एक सादी-सी दुनिया, जहां दिखावा नहीं, बस राम नाम की धुन है। जानकारी के मुताबिक फटीचर बाबा महाराष्ट्र के मलाड ईस्ट से प्रयागराज पहुंचे हैं। बाबा का कहना है कि उनका गुरु-मंत्र सिर्फ राम-राम है । उनके कई भक्त राम नाम वाले वस्त्र पहनते हैं और कुछ ने तो अपने शरीर पर भी राम-राम लिखवा रखा है।
24 घंटे चल रहा राम नाम का जाप
इस शिविर की खास बात यह है कि यहां दिन-रात राम नाम का जाप चलता रहता है। बाबा बताते हैं कि यह नाम उन्हें ईश्वर की देन जैसा मिला, इसलिए अब इसी नाम में उन्हें अपनापन लगता है। फटीचर बाबा का दावा है कि जो लोग नियमित रूप से राम नाम जपते हैं, उनके जीवन की बाधाएं और कष्ट कम होते हैं। वह अधिकतर समय अपने शिविर में ही रहते हैं और बाहर बहुत कम निकलते हैं। फिर भी जहां भी बात होती है, बाबा का संदेश वही रहता है राम नाम में ही कल्याण है। बाबा यह भी कहते हैं कि अगर लगातार जप संभव न हो, तो कम से कम “राम भरोसे” रहना सीखिए।
माघी पूर्णिमा तक प्रयागराज में रहेंगे
फटीचर बाबा फिलहाल माघी पूर्णिमा तक माघ मेले में बने रहेंगे। उनके शिविर में इसी तरह राम नाम का जाप और भक्तों का आना-जाना जारी रहेगा। प्रयागराज का माघ मेला जहां साधना, सेवा और स्नान-दान की परंपरा से जुड़ा है, वहीं ऐसे शिविर मेले को एक अलग रंग भी दे रहे हैं जहां उत्तर प्रदेश की आस्था के बीच नाम की दिलचस्पी भी लोगों को खींचकर ले आती है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी प्रयागराज में संगम की रेती पर सजा माघ मेला इस बार सिर्फ साधु-संतों की साधना और सत्संग के लिए नहीं, बल्कि अनूठे नामों वाले शिविरों की वजह से भी सुर्खियों में है। सतुआ बाबा के बाद अब जिस नाम ने सोशल मीडिया से लेकर श्रद्धालुओं की बातचीत तक जगह बना ली है, वह नाम है फटीचर बाबा। सेक्टर-6 के संगम लोअर मार्ग पर उनके शिविर के बाहर लगा बैनर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। लोग किसी चमत्कार की तलाश में नहीं ठहरते वे बस उस नाम को पढ़ते हैं, हल्की-सी मुस्कान आती है और फिर जिज्ञासा उन्हें कदम बढ़ाकर शिविर के भीतर तक खींच ले जाती है।
बैनर पढ़ते ही रुक जा रहे लोग
मेले में दिनभर स्नान-दान के बाद जब श्रद्धालु अलग-अलग अखाड़ों और साधुओं के शिविरों की ओर बढ़ते हैं, तो सेक्टर-6 में यह शिविर भीड़ को रोक लेता है। बाहर लिखा संदेश फटीचर बाबा का राम-राम देखकर कई लोग मोबाइल निकालकर फोटो लेने लगते हैं, तो कुछ सीधे अंदर जाकर बाबा के बारे में जानने लगते हैं। देखते ही देखते यह शिविर वायरल स्पॉट जैसा बन गया है, जहां श्रद्धा के साथ उत्सुकता भी साथ चलती है। शिविर के भीतर पहुंचने पर सामने आती है एक सादी-सी दुनिया, जहां दिखावा नहीं, बस राम नाम की धुन है। जानकारी के मुताबिक फटीचर बाबा महाराष्ट्र के मलाड ईस्ट से प्रयागराज पहुंचे हैं। बाबा का कहना है कि उनका गुरु-मंत्र सिर्फ राम-राम है । उनके कई भक्त राम नाम वाले वस्त्र पहनते हैं और कुछ ने तो अपने शरीर पर भी राम-राम लिखवा रखा है।
24 घंटे चल रहा राम नाम का जाप
इस शिविर की खास बात यह है कि यहां दिन-रात राम नाम का जाप चलता रहता है। बाबा बताते हैं कि यह नाम उन्हें ईश्वर की देन जैसा मिला, इसलिए अब इसी नाम में उन्हें अपनापन लगता है। फटीचर बाबा का दावा है कि जो लोग नियमित रूप से राम नाम जपते हैं, उनके जीवन की बाधाएं और कष्ट कम होते हैं। वह अधिकतर समय अपने शिविर में ही रहते हैं और बाहर बहुत कम निकलते हैं। फिर भी जहां भी बात होती है, बाबा का संदेश वही रहता है राम नाम में ही कल्याण है। बाबा यह भी कहते हैं कि अगर लगातार जप संभव न हो, तो कम से कम “राम भरोसे” रहना सीखिए।
माघी पूर्णिमा तक प्रयागराज में रहेंगे
फटीचर बाबा फिलहाल माघी पूर्णिमा तक माघ मेले में बने रहेंगे। उनके शिविर में इसी तरह राम नाम का जाप और भक्तों का आना-जाना जारी रहेगा। प्रयागराज का माघ मेला जहां साधना, सेवा और स्नान-दान की परंपरा से जुड़ा है, वहीं ऐसे शिविर मेले को एक अलग रंग भी दे रहे हैं जहां उत्तर प्रदेश की आस्था के बीच नाम की दिलचस्पी भी लोगों को खींचकर ले आती है। UP News












