कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के मुताबिक यह दो लेन का ओवरब्रिज है, जिसकी कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर रखी गई है। पुल के दोनों ओर लगाए गए व्यू-कटर सिर्फ डिजाइन का हिस्सा नहीं, बल्कि सुविधा का उपाय हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर गोरखपुर को शुक्रवार को एक और बड़ी कनेक्टिविटी सौगात मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज नवनिर्मित गोरखनाथ ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम से पहले गुरुवार को पुल को धुलवाकर पूरी तरह चमकाया गया, आसपास की व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं और ओवरब्रिज को फूलों व सजावटी कपड़ों से सजाकर उद्घाटन के लिए तैयार किया गया। पुल पर लगे व्यू-कटर पर भगवा पट्टी के साथ विशेष सजावट भी की गई है, ताकि लोकार्पण के दौरान यह परियोजना सिर्फ एक नया पुल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक कनेक्टिविटी और शहरों के कायाकल्प की तस्वीर बनकर सामने आए।
उत्तर प्रदेश में शहरी कनेक्टिविटी को नई धार देने वाले इस प्रोजेक्ट पर 137.83 करोड़ रुपये की लागत आई है। रेलवे लाइन के ऊपर 76 मीटर के हिस्से में करीब 750 टन लोहे के भारी गर्डरों से बने स्ट्रक्चर ने इस ओवरब्रिज को तकनीकी रूप से भी खास बना दिया है। पुल के चालू होते ही गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर रोज़ाना सफर करने वाले हजारों लोगों को जाम और रेलवे क्रॉसिंग की झंझट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शहर का ट्रैफिक दबाव भी बंटेगा और आवाजाही पहले से तेज होगी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के मुताबिक यह दो लेन का ओवरब्रिज है, जिसकी कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर रखी गई है। पुल के दोनों ओर लगाए गए व्यू-कटर सिर्फ डिजाइन का हिस्सा नहीं, बल्कि सुविधा का उपाय हैं। इनका उद्देश्य आसपास के रिहायशी इलाकों की निजता बनाए रखना और गुजरते वाहनों से होने वाले शोर को कम करना है।
गोरखनाथ ओवरब्रिज के उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक विकसित किए जा रहे विरासत गलियारे का भ्रमण कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना 555.56 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण योजना से जुड़ी है, जिसका मुख्यमंत्री 4 नवंबर को भी निरीक्षण कर चुके हैं। उसके बाद से काम की रफ्तार तेज करने के निर्देशों के तहत निर्माण गतिविधियां बढ़ाई गईं। निरीक्षण से ठीक एक दिन पहले गुरुवार देर रात तक मलबा हटाने और सफाई का काम चलता रहा, ताकि दौरे के दौरान व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त दिखाई दे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री इस दौरान एसआईआर को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन स्तर पर किए गए कार्यों की समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। UP News