हाल ही में 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश के इस अनोखे संविधान पार्क का उद्घाटन हुआ है। यह अनोखा संविधान पार्क कचरे को रिसाइकिल करके बनाया गया है। यह अनोखा पार्क उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में एक मिसाल पेश करेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में एक अनोखा संविधान पार्क बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत नगर में बनाया गया यह संविधान पार्क पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर्षण का केन्द्र बन गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से यह अनोखा पार्क बागपत जिले की बड़ौत नगर पालिका के प्रांगण में स्थापित किया गया है। हाल ही में 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश के इस अनोखे संविधान पार्क का उद्घाटन हुआ है। यह अनोखा संविधान पार्क कचरे को रिसाइकिल करके बनाया गया है। यह अनोखा पार्क उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में एक मिसाल पेश करेगा।
उत्तर प्रदेश में स्थापित हुआ यह अनोखा संविधान पार्क सिर्फ हरियाली या टहलने की जगह नहीं, बल्कि एक ओपन क्लासरूम और स्ट्रीट लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया गया है। न्याय, समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे संविधान के मूल आदर्शों को प्रतीकों, बोर्डों और संरचनाओं के माध्यम से इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि हर आयु वर्ग का व्यक्ति सहजता से उनसे जुड़ सके। बच्चों के लिए यह पार्क सीखने का आनंददायक माध्यम बन गया है, जहां पढ़ाई बोझ नहीं, अनुभव बन जाती है। संविधान पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 600 किलोग्राम की संविधान की किताब की विराट प्रतिकृति है। 11 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी यह प्रतिकृति न केवल आकार में भव्य है, बल्कि अपने संदेश में भी अत्यंत प्रभावशाली है। संविधान की मूल प्रस्तावना की प्रतिकृति बड़ौत नगर पालिका में स्थापित की गई है। इसका लोकार्पण राज्य मंत्री केपी मलिक और जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किया है।
उत्तर प्रदेश में स्थापित किया गया यह अनोखा संविधान पार्क पूरी तरह रिसाइकल्ड मटीरियल से निर्मित किया गया है। यह पार्क प्रतिकृति पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार विकास का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दिखाती है कि कचरा भी नवाचार और संदेश का माध्यम बन सकता है। बागपत जिले की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि पार्क में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चरखा आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी आंदोलन की भावना को जीवंत करता है। वहीं बागपत के प्राचीन नाम ‘व्याघप्रस्थ’ की थीम पर विकसित वाटर कियोस्क स्थानीय संस्कृति और इतिहास से जुड़ाव को दर्शाता है। बदलते शहरी परिवेश में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने का यह संदेश पार्क को खास बनाता है।
उत्तर प्रदेश में स्थापित किये गये इस संविधान पार्क में अधिकारों और कर्तव्यों से जुड़े बोर्ड, बुक प्वाइंट, लाइब्रेरी और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। यहां आने वाला व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय होता है, बल्कि मानसिक और बौद्धिक रूप से भी समृद्ध होता है। यही कारण है कि यह पार्क युवाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, बागपत का संविधान पार्क बेहतर सेहत के साथ-साथ नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की समझ देता है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ संस्कार, आधुनिकता के साथ संविधान और सेहत के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ा गया है। संविधान पार्क आज केवल बागपत की पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है। UP News