उन्होंने रेल लाइन और जंगल की जमीन पर ही नहीं बल्किं नदी, नाला और चकरोड़ तक का बीमा कराकर दावा राशि हड़प ली। यही नहीं, झांसी के भाजपा सांसद अनुराग शर्मा की जमीन पर रितिक तिवारी नाम के व्यक्ति ने 1.64 लाख का क्लेम ले लिया।

UP News : उत्तर प्रदेश में खास प्रकार की ठगी करने वाले ठगों ने कोहराम मचा रखा है। बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले उत्तर प्रदेश के इन ठगों ने सरकारी खजाने को लूटने का अनोखा तरीका अपनाया है। भारत सरकार की फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की आड़ में उत्तर प्रदेश के ठगों ने ठगी करने की सारी सीमा पार कर दी है। उत्तर प्रदेश के इन खास प्रकार के ठगों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तक को अपना शिकार बना डाला है।
उत्तर प्रदेश में फसल बीमा योजना का क्लेम हड़पने के नाम पर बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है। अभी तक की पड़ताल से पता चला है कि फसल बीमा योजना में करोड़ों का घपला करने वालों ने हर हथकंडा अपनाया। उन्होंने रेल लाइन और जंगल की जमीन पर ही नहीं बल्किं नदी, नाला और चकरोड़ तक का बीमा कराकर दावा राशि हड़प ली। यही नहीं, झांसी के भाजपा सांसद अनुराग शर्मा की जमीन पर रितिक तिवारी नाम के व्यक्ति ने 1.64 लाख का क्लेम ले लिया।
भारत सरकार की फसल बीमा योजना के नाम पर ठगी करने वालों का बड़ा गिरोह उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सक्रिय है। बुंदेलखंड के अलग-अलग इलाकों में फसल बीमा में हुए घपले की पड़ताल के दौरान पता चला कि इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पॉलिसी संख्या 040209240 0715089278 है। सामुदायिक सेवा केंद्र से गाटा संख्या 695 में 2.48 हेक्टेयर पर आवेदन नंबर 040209240071508927801 से नौगवां निवासी रितिक तिवारी ने बीमा कराया।रितिक ने फसल बीमा कराने के बाद जालौन के डकोर स्थित इंडियन बैंक के अपने खाते में 1.64 लाख का क्लेम ले लिया। जमीन की खतौनी से पता चला कि यह 371-12 मंगलम सिविल लाइन निवासी अनुराग शर्मा पुत्र पंडित विश्वनाथ शर्मा के नाम दर्ज है। बता दें कि अनुराग शर्मा झांसी से भाजपा सांसद हैं। अनुराग शर्मा के नाम पर नयागांव की जमीन गाटा संख्या 695 यूनिक कोड 2186770695200112 है। इसका क्षेत्रफल 0.1580 हेक्टेयर है।सांसद ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि वह किसी रितिक को नहीं जानते हैं। मामले की जांच कराएंगे।
आपको बता दें कि खेती की जमीन का विवरण एक छोटे से कागज पर दर्ज रहता है। इस सरकारी कागज को खतौनी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय ठग छोटे से कागज के द्वारा ठगी का बड़ा धंधा चला रहे हैं। आपको बता दें कि कुदरती कहर से तबाह हुई फसल से किसानों को राहत दिलाने के नाम पर शुरू हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फर्जीवाड़े का शिकार हो गई। फसल बीमा की राशि हड़पने के लिए कहीं महोचा की खतौनी का इस्तेमाल किया गया, तो कहीं एक खतौनी पर नौ-नौ बीमा करा डाले गए। तालाब और सरकारी जमीन की आराजी नंबर पर भी बीमा क्लेम ले लिया गया। झांसी में ऐसे 6000 से अधिक संदिग्ध खाते मिले हैं। इनमें कई खातों में बीमा की रकम भी भेजी जा चुकी। फर्जीवाड़ा सामने आने पर इन खातों को फ्रीज कराकर जांच कराई जा रही है। इस पूरे मामले ने कृषि विभाग में खलबली मचा दी है। खरीफ सीजन में अरहर, उड़द, मूंग एवं मूंगफली फसल की काफी नुकसान पहुंचा। बीमा कंपनी ने करीब 150 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया। फर्जीवाड़े के लिए पहले से ही सेंध लगाई जाने लगी। इसके लिए जनसुविधा केंद्र (सौरचसी) से करीब 20 हजार बीमा क्लेम भरे गए। UP News