ईरान युद्ध के कारण उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को हुआ बड़ा नुकसान

उत्तर प्रदेश के व्यापारियों ने आशंका जताई है कि यदि ईरान का युद्ध अधिक लम्बा खिंच गया तो बहुत सारे व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। व्यापारियों ने अपील की है कि ईरान, अमेरिका तथा इजरायल को बातचीत करके युद्ध समाप्त करने का मार्ग निकालना चाहिए।

खाड़ी तनाव से यूपी के व्यापार पर बढ़ता दबाव
खाड़ी तनाव से यूपी के व्यापार पर बढ़ता दबाव
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 11:58 AM
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UP News : ईरान के साथ चल रहे अमेरिका तथा इजरायल के युद्ध ने उत्तर प्रदेश के व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान युद्ध के कारण उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश के व्यापारियों ने आशंका जताई है कि यदि ईरान का युद्ध अधिक लम्बा खिंच गया तो बहुत सारे व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। व्यापारियों ने अपील की है कि ईरान, अमेरिका तथा इजरायल को बातचीत करके युद्ध समाप्त करने का मार्ग निकालना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के व्यापारियों के 6 हजार करोड़ रूपए लगे हैं दांव पर

ईरान युद्ध का सीधा असर उत्तर प्रदेश के निर्यात करने वाले व्यापारियों के ऊपर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश का सालाना कुल निर्यात लगभग 1.86 लाख करोड़ तक पहुंच मां चुका है, जिसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी सीमित लेकिन अहम है। निर्यातकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबा खिंचता है तो लॉजिस्टिक लागत, ऑर्डर और भुगतान चक्र प्रभावित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात को होता है। व्यापार आंकड़ों के अनुसार राज्य से यूएई को सालाना लगभग 5,000 से 6,000 करोड़ के उत्पाद भेजे जाते हैं। यह यूपी के कुल निर्यात का 5-6 प्रतिशत हिस्सा है। चर्म निर्मात परिषद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल के मुताबिक यूएई को मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा और लेदर उत्पाद (कानपुर क्लस्टर), बासमती चावल, हैंडीक्राफ्ट (मुरादाबाद पीतल उत्पाद) और इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त सऊदी, कतर, ओमान, कुवैत और बहरीन को भी यूपी से कृषि उत्पाद, मोट उत्पाद इंजीनियरिंग सामान और निर्माण सामग्री भेजी जाती है।

दो तरफा असर पड़ेगा उत्तर प्रदेश के निर्यात पर

  1. फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपर्ट एके श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिम में तनाव पदि लंबा खिंचाता है तो उत्तर प्रदेश के वित पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यकामा पड सकता है। आशंका है कि क्षेत्र में रहने पर यूपी के कुल तिर्मात में 3 से प्रतिशत अस्थायी गिरावट आ सकती है।
  2.  तनाव 1-2 महीने में सामान्य हुआ तो शिपिंग लागत 5-7 प्रतिशत बढ़ेगी। ऑर्डर अस्थायी रूप से धीमे होने पर निर्यात पर 2-3 प्रतिशत प्रभाव।
  3. तनाव 6 माह तक जारी रहा तो समुद्री बीमा व मालभाड़ा 10-20 प्रतिशत महंगा होगा। छोटे निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा घटेगी और निर्यात में 5-8 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। भुगतान चक्र 30-60 दिन तक खिंच सकता है।
  4. तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हुआ तो परिवहन लागत बढऩे से उत्पादन लागत 4-6 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। एमएसएमई सेक्टर पर गंभीर दबाव होगा। UP News

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उत्तर प्रदेश में लगेगा अनोखा मेला, होगा बहुत बड़ा काम

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर लगने वाला यह अनोखा मेला कान्क्लेव के रूप में आयोजित किया जाएगा। मार्च 2026 के दूसरे पखवाड़े में लगने वाले इस अनोखे मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 11:28 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में जल्दी ही एक अनोखा मेला लगने वाला है। यह अनोखा मेला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगेगा। उत्तर प्रदेश में लगने वाले इस अनोखे मेले में प्रदेश की बड़ी आबादी के लिए बहुत बड़ा काम होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर लगने वाला यह अनोखा मेला कान्क्लेव के रूप में आयोजित किया जाएगा। मार्च 2026 के दूसरे पखवाड़े में लगने वाले इस अनोखे मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी में लगेगा बकरी वाला मेला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 16 तथा 17 मार्च 2026 को दिन का बकरी वाला अनोखा  मेला लगेगा इस मेले का नाम गोट कान्क्लेव रखा गया है। गोट कान्क्लेव की जानकारी उत्तर प्रदेश  सरकार के प्रवक्ता ने पत्रकारों को दी है। प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 व 17 को होगा गोट कान्क्लेव को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गोट कान्क्लेव होगा। इसमें देशभर के बकरी पालन विशेषज्ञ जुटेंगे। बकरी पालन की नई तकनीक और पशुपालकों की आय वृद्धि पर मंथन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से खेती और उससे जुड़े कारोबार को बढावा दिया जा रहा है। लघु एवं सीमांत किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा दिलाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसी के तहत पशुपालन विभाग की ओर से गोट कॉन्क्लेव करने की तैयारी की गई है। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा।

आयोजित किया जा चुका है मछली वाला मेला

इससे पहले हाल ही में उत्तर प्रदेश में मछली वाला मेला आयोजित किया गया था। जिस प्रकार बकरी वाले मेले का नाम गोट कान्क्लेव रखा गया है। उसी प्रकार मछली वाले मेले का नाम मीन महोत्सव रखा गया था। इस मीन महोत्सव में 30 बड़ी-बड़ी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश  के मत्स्य सेक्टर में 1400 करोड़ रूपए का निवेश करने की बड़ी घोषणा की है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 27 तथा 28 फरवरी 2026 को मीन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में शामिल होने वाली 30 से ज्यादा कंपनियों ने उत्तर प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में 1400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश करने के प्रस्ताव दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग जल्दी ही इन सभी प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का काम करेगा।

इन बड़ी कंपनियों ने की मीन महोत्सव में निवेश की घोषणा

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मीन महोत्सव में जिन कंपनियों ने मत्स्य क्षेत्र में निवेश की घोषणा की है उनमें से औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड वाराणसी में 300 करोड़ रुपये निवेश करेगी। प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहती हैं। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दीपक श्रीनिवास के अनुसार उनकी कंपनी फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। जिसमें 150 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्लांट 2028 तक तैयार हो जाएगा। इससे पहले दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी विभाग को 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने बताया कि परियोजनाओं को जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है, इसके लिए विभाग निवेशकों को आवश्यक सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराएगा। माना जा रहा है कि मीन महोत्सव राज्य में मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने में मददगार साबित होगा। इस प्रकार गोट कान्क्लेव के दौरान बकरी पालन के क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा हो सकती है। UP News


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रामपुर में सपा का बड़ा फेरबदल, पूर्व बसपा नेता को सौंपा अहम रोल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्व बसपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नियुक्ति के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा रामपुर में नेतृत्व और रणनीति का नया संतुलन तैयार कर रही है?

सपा ने संगठन में किया बड़ा बदलाव
सपा ने संगठन में किया बड़ा बदलाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Mar 2026 10:12 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ये बड़ा फेरबदल उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने किया है।समाजवादी पार्टी ने अपने प्रमुख नेता आजम खान की सीट पर बड़ा फेरबदल किया है। लंबे समय तक आजम खान का अभेद्य गढ़ मानी जाने वाली रामपुर सीट पर अब संगठन का नया मैसेज साफ दिखने लगा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्व बसपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नियुक्ति के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा रामपुर में नेतृत्व और रणनीति का नया संतुलन तैयार कर रही है?

आजम के गढ़ में अखिलेश का नया दांव

आजम खान के जेल में होने के बीच रामपुर में सपा के फैसलों को लेकर पहले भी अलग-अलग संकेत सामने आते रहे हैं। अब संगठन स्तर पर किए गए इस बदलाव को कई लोग अखिलेश यादव की नई रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। सपा के भीतर चर्चा यह भी है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब रामपुर की राजनीति में नेतृत्व और संगठनात्मक दिशा को लेकर नए सिरे से मोर्चाबंदी हो रही है। बीते लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट चयन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर मतभेदों की बातें सामने आई थीं। अब प्रदेश सचिव की नियुक्ति को उसी राजनीतिक सिलसिले में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

जिम्मेदारी संभालते ही 2027 की तैयारी का संदेश

सुरेंद्र सिंह सागर ने जिम्मेदारी मिलते ही पार्टी की लाइन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दलित हितों और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती देगी। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उनका जोर संगठन विस्तार, कार्यकर्ता जोड़ने और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर रहा जो यूपी की सियासत में सपा की मुख्य रणनीति का केंद्र माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद मीडिया से बातचीत में सागर ने आजम खान के प्रति सम्मान जताते हुए उन्हें पार्टी का वरिष्ठ और बड़ा चेहरा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी और समर्थक वर्ग आजम खान के लिए चिंतित हैं और कानूनी स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे ताकि वे जल्द बाहर आ सकें। हालांकि, सागर ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनकी प्राथमिकता संगठन को विस्तार देना और चुनावी तैयारी को मजबूत करना है। सुरेंद्र सिंह सागर ने बसपा के मौजूदा राजनीतिक रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांशीराम के सिद्धांतों की राजनीति अब सपा आगे बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग वर्गों में बदलाव की भावना है और 2027 में सपा को इसका लाभ मिल सकता है। सागर ने यह भी संकेत दिए कि कुछ सामाजिक समूहों में भाजपा को लेकर असंतोष है और ऐसे मतदाता सपा के संपर्क में आ रहे हैं। UP News

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