भारतीय रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंक के ऊपर राज्य तथा जिला स्तर की रिपोर्ट जारी की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष-2024-25 में उत्तर प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंक मुनाफे में रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में बैंक सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। सबसे अच्छी खबर उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंकों को लेकर है। उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंकों की सेहत में बड़ा सुधार हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंक के ऊपर राज्य तथा जिला स्तर की रिपोर्ट जारी की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष-2024-25 में उत्तर प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंक मुनाफे में रहे हैं।
RBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में राज्य सहकारी बैंकों का लाभ वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 73 करोड़ से बढक़र लगभग 100 करोड़ पहुंच गया। यह वृद्धि करीब 37% रही। एनपीए अनुपात भी 3.1% से घटकर 2.7% पर आ गया जो राष्ट्रीय औसत 4.8% से काफी बेहतर है। वसूली दर 98.4% दर्ज की गई। यह ज्यादातर बड़े राज्यों से ज्यादा है।जिला सहकारी बैंकों की उपलब्धि भी उल्लेखनीय है। प्रदेश के सभी 50 जिला सहकारी बैंक लाभ में रहे। पिछले वित्त वर्ष में करीब 7 बैंक घाटे में थे। इनका कुल लाभ 11 करोड़ से बढक़र लगभग 186 करोड़ तक पहुंच गया। एनपीए अनुपात 6.3 % से घटकर 5.8 % और वसूली दर 79.3 % से बढक़र 81.2 % हो गई। यह राष्ट्रीय औसत 76.4% से ज्यादा है। रिपोर्ट से साबित होता है कि प्राथमिक स्तर तक ऋण की गुणवत्ता और वसूली की दक्षता में सुधार हो रहा है। RBI की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष पांच लाभ अर्जक राज्यों में है। महाराष्ट्र की तुलना में लाभ जरूर कम है लेकिन वृद्धि दर लगातार मजबूत हो रही है। आरबीआई के मुताबिक यूपी की वसूली दर भारत में शीर्ष श्रेणी की है जो ग्रामीण क्रेडिट ईकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत है कि पश्चिमी और मध्य यूपी के बैंक विशेष रूप से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
RBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य स्तर के सहकारी बैंकों के मामले में उत्तर प्रदेश के राज्य स्तरीय बैंक नौवें स्थान पर रहे हैं। RBI की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के राज्य स्तरीय सहकारी बैंकों में महाराष्ट्र के सहकारी बैंक 652 करोड़ रूपए के मुनाफे के साथ पहले स्थान पर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के सहकारी बैंक 217 करोड़ रूपये के मुनाफे के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के सहकारी बैंक 224 करोड़ रूपये के मुनाफे के साथ तीसरे, 176 करोड़ के मुनाफे के साथ ओडिशा के सहकारी बैंक चौथे, 165 करोड़ रूपये के मुनाफे के साथ तमिलनाडु के बैंक पाँचवें, 94 करोड़ रूपये के मुनाफे के साथ गुजरात के सहकारी बैंक छठे, 78 करोड़ रूपये के मुनाफे के साथ राजस्थान के सहकारी बैंक 7वें, 67 करोड़ रूपए के मुनाफे के साथ कर्नाटक के सहकारी बैंक 8वें, 100 करोड़ रूपए के मुनाफे के साथ उत्तर प्रदेश के बैंक 9वें तथा 91 करोड़ रूपए के मुनाफे के साथ तेलंगाना के सहकारी बैंक 10वें स्थान पर रहे हैं। जिला स्तर के सहकारी बैंकों के मामले में उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंक 5वें स्थान पर रहे हैं।
RBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिला स्तर के सहकारी बैंकों में सुधार के मामले में 912 करोड़ रूपए के लाभ के साथ महाराष्ट्र प्रदेश नम्बर-1 पर रहा है। गुजरात प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 519 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित करके दूसरे स्थान पर, कर्नाटक प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 335 करोड़ रूपए लाभ के साथ तीसरे स्थान पर, आंध्र प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 165 करोड़ रूपए के लाभ के साथ चौथे स्थान पर तथा उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 186 करोड़ रूपए के लाभ के साथ पाँचवें स्थान पर रहे हैं। RBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि तमिलनाडु के जिला स्तरीय सहकारी बैंक 268 करोड़ रूपए के लाभ के साथ छठे स्थान पर, तेलंगाना के जिला सहकारी बैंक 116 करोड़ रूपए के लाभ के साथ सातवें, पंजाब प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 70 करोड़ रूपए के लाभ के साथ आठवें, राजस्थान प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 50 करोड़ रूपए के लाभ के साथ 9वें तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 250 करोड़ रूपए के लाभ के साथ 10वें स्थान पर रहे हैं। UP News