सरकार का लक्ष्य है कि अगले 10 वर्षों में 10 लाख से अधिक नए उद्यमों को इस योजना से लाभान्वित किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा इजाफा हो सके।

UP News : उत्तर प्रदेश ने 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ)-2025 में मानो अपना ‘विजय झंडा’ फहरा दिया। प्रगति मैदान में सजा उत्तर प्रदेश पवेलियन इस बार सिर्फ देखने लायक नहीं रहा, बल्कि लाखों आगंतुकों की पहली पसंद बन गया। नतीजा यह रहा कि उत्तर प्रदेश के स्टॉलों पर जमकर भीड़ उमड़ी, करोड़ों रुपये की सीधी बिक्री हुई और व्यापारिक पूछताछ ने नए कारोबार की संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए। समापन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हैंडलूम और वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने पवेलियन का निरीक्षण कर उद्यमियों, कारीगरों और महिला समूहों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में निवेश, उद्यमिता और पारंपरिक शिल्प—तीनों मोर्चों पर भरोसेमंद ब्रांड के रूप में उभर रहा है।
इस वर्ष मेले की थीम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ रही, जिसमें उत्तर प्रदेश पवेलियन मेले का प्रमुख आकर्षण बना रहा। देश-विदेश से आए आगंतुकों, सरकारी प्रतिनिधियों और कॉरपोरेट जगत की प्रमुख हस्तियों ने बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश मंडप का भ्रमण किया। उत्तर प्रदेश पवेलियन के माध्यम से राज्य की विविध सांस्कृतिक और आर्थिक तस्वीर को एक ही छत के नीचे पेश किया गया। लखनऊ की चिकनकारी, वाराणसी की रेशमी साड़ियाँ, सहारनपुर की नक्काशीदार लकड़ी, फिरोजाबाद का ग्लास वर्क, भदोही-मिर्जापुर की कालीनें, खुर्जा की सिरेमिक्स और अलीगढ़ के मेटल उत्पादों ने उत्तर प्रदेश की बहुरंगी शिल्प परंपरा को जीवंत रूप में सामने रखा।
उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी)’ योजना इस बार भी पवेलियन की जान बनी रही। ओडीओपी गैलरी में राज्य के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया गया, जिससे छोटे-बड़े उद्यमियों को नए खरीदार और नए बाजार मिले। मंत्री श्री राकेश सचान ने ओडीओपी से जुड़े हुनरमंदों, कारीगरों और महिला समूहों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गांव-कस्बों में छिपे कौशल को वैश्विक बाजार से जोड़ने में यह पहल मील का पत्थर साबित हो रही है।
मेले के दौरान उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगभग 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन स्टॉलों से लगभग 5 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बिक्री दर्ज हुई, जबकि व्यापारिक पूछताछ (ट्रेड इन्क्वायरी) का आंकड़ा इससे कहीं अधिक तक पहुंचा। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए यह मेला सिर्फ बिक्री का मंच नहीं, बल्कि भविष्य के दीर्घकालिक व्यवसायिक संबंधों और निवेश संभावनाओं का भी बड़ा अवसर है।
समारोह में संबोधित करते हुए मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों, सुशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण राज्य देश का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। उन्होंने रेलवे फ्रेट कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, सांस्कृतिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट नेटवर्क, सड़कों और जल-मार्गों के विस्तार जैसे आधारभूत ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश को उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य बना दिया है।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज एमएसएमई की ताकत पर खड़ा एक सशक्त आर्थिक इंजन बन चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 90 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयाँ सक्रिय हैं, जिनमें ज्यादातर माइक्रो उद्यम शामिल हैं। सरकार ने इन्हीं इकाइयों को अपनी आर्थिक रणनीति का केंद्र बनाते हुए नीतियाँ तैयार की हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई अधिनियम-2020 और एमएसएमई नीति-2022 के तहत उद्यमों को स्टाम्प शुल्क में रियायत, पूंजीगत एवं ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन के लिए सहायता तथा ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इन प्रावधानों ने उत्तर प्रदेश के छोटे-मझोले उद्योगों को न सिर्फ सहारा दिया है, बल्कि उन्हें तेज रफ्तार भी दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा)’ को भी मेले में विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपना स्वयं का उद्यम शुरू कर सकें। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 10 वर्षों में 10 लाख से अधिक नए उद्यमों को इस योजना से लाभान्वित किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा इजाफा हो सके।
उत्तर प्रदेश पवेलियन में राज्य सरकार के सूचना विभाग, पर्यटन विभाग, यूपीसीडा, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने भी अपने-अपने सेक्टर की उपलब्धियों और परियोजनाओं की झलक पेश की। इन स्टॉलों के माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश में उभरते औद्योगिक शहरों, एक्सप्रेसवे कॉरिडोर, नए निवेश क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आईआईटीएफ-2025 में बेहतर प्रस्तुति और समग्र प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन श्रेणी में कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश पवेलियन के डिजाइन, थीम, सहभागिता और समग्र प्रभाव को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है। समापन समारोह में मंत्री श्री राकेश सचान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और भागीदारों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए तथा सभी उद्यमियों, कारीगरों, महिला समूहों, स्टार्ट-अप्स और भागीदार संस्थाओं को बधाई दी। UP News