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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अपने ही विभाग के IAS अधिकारी के सामने बौने साबित हो रहे हैं। मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि मंत्री की परवाह किए बिना सरकारी अधिकारी मनमाने ढंग से प्रदेश का पूरा काम-काज चला रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक मंत्री का बड़ा दर्द सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अपने ही विभाग के IAS अधिकारी के सामने बौने साबित हो रहे हैं। मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि मंत्री की परवाह किए बिना सरकारी अधिकारी मनमाने ढंग से प्रदेश का पूरा काम-काज चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश के नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री का दर्द नहीं है। उत्तर प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी पूरे सिस्टम पर हावी हो चुकी है। सभी विभागों के अधिकारी मंत्रियों को बिना बताए तानाशाह की तरह से काम कर रहे हैं। UP News
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का लम्बे अर्से से अपने ही विभाग के अधिकारियों के साथ अंदरूनी विवाद चल रहा है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के बीच चल रहा यह विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने UPPCL के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल को एक लम्बा पत्र लिखा है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का यह पत्र मीडिया में लीक हो गया है। ऊर्जा मंत्री के पत्र से स्पष्ट है कि ऊर्जा मंत्री अपने ही विभाग के अफसर के सामने बेहद बौने (छोटे तथा कमजोर) साबित हो रहे हैं। इसी प्रकार का हाल उत्तर प्रदेश के दूसरे मंत्रियों का ही बताया जा रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने UPPCL के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल को जो पत्र लिखा है उसमें उन्होंने बड़े-बड़े मुद्दे उठाए हैं। इन मुद्दों में 4 मुद्दे प्रमुख हैं। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने पत्र में पहला मुद्दा UPPCL से अनुभवी कर्मचारियों को निकालकर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के तहत अन्य कर्मचारियों की भर्ती करना। पत्र में उर्जा मंत्री ने कहा कि मेरे बार-बार मना करने के बाद भी कुशल कर्मचारियों की छटनी बंद नहीं की गई, जिसके परिणाम हमें भुगतने पड़ रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि 1 मई 2060 को सहारनपुर मंडल उपाध्यक्ष ने पत्र लिखकर मुझे बताया कि जिले की बेहट डिवीजन में 15 साल से काम कर रहे लाइनमैन को हटाकर किसी ओर की भर्ती की गई। इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। अनावश्यक रूप से अभियान चलाकर हजारों कुशल कर्मचारियों को निकाल देना किसी भी व्यवस्था के लिए तकनीकी, प्रशासनिक और राजनैतिक रूप से समस्या का कारण बनेगा और शायद बन चुका है। UP News
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आगे लिखा है कि गर्मी के चुनौतीपूर्ण समय में बहुतायत विद्युत कर्मियों ने निष्ठापूर्वक कार्य किया है, लेकिन कुछ कार्मेयों ने जानबूझकर और लापरवाह तरीके से काम करते हुए सरकार को बदनाम किया है। ऐसे कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, इनका ट्रासफर कर इसकी विस्तृत जानकारी मुझे दी जाए। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने पत्र में लिखा है कि मई महीने में आंधी तूफान के कारण विद्युत अवसंरचना (इलेक्ट्रिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर) बुरी तरह प्रभावित हुई है। 28-29 मई 2026 को विशेष नुकसान हुआ था, प्रदेश के उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसके लिए रिपेयरिंग और रेस्टोरेशन का कार्य युद्ध स्तर पर हो इसके लिए शनिवार 30 मई 2026 को समीक्षा बैठक आयोजित करनी थी। इसके लिए आपसे (UPPCL चेयरमैन आशीष कुमार गोयल) संपर्क करने पर पता चला कि ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में आप हेडक्वार्टर से बाहर हैं, और 31 तक बाहर ही रहेंगे। बाद में यह बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई। किसी भी उच्च अधिकारी का यह व्यवहार गैर जिम्मेदाराना और जनहित के विपरीत है। आगे से हेडक्वार्टर की सूचना मुझे देंं। UP News
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने पत्र में कहा- UPPCL ने 29 मई 2026 को 10% सरचार्ज Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS) बढ़ाने के संबंध में निर्देश जारी किए। इसकी जानकारी मुझे समाचार पत्रों और सोशल मीडिया से मिली. इस फैसले से सरकार के खिलाफ नकारात्मकता बढ़ी। ऐसे महत्वपूर्ण विषय, जिसका व्यापाक असर होता है विभाग के मंत्री की सहमति क्यों नहीं ली गई। मंत्री ने लिखा है कि इतना बड़ा फैसला मंत्री को बताए बिना करने का अर्थ है कि अब सारी हदें पार हो गई हैं। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह का खास अधिकारी माना जाता है। यही कारण है कि वें अपने विभाग के मंत्री के आदेशों की बिल्कुल भी परवाह नहीं करते हैं। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल 1995 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ और अनुभवी IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म 12 फरवरी 1973 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी प्रभावशाली रही है। उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है, जो ऊर्जा विभाग के लिए तकनीकी रूप से भी महत्वपूर्ण है. इसके अलावा, उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से अर्थशास्त्र में MA और PHD की मानद उपाधि प्राप्त की हुई है। डॉ. आशीष कुमार गोयल के पास लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में MSC की डिग्री भी है। अपने लंबे प्रशासनिक कैरियर में उन्होंने विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। प्रयागराज में मंडलायुक्त के रूप में वर्ष 2019 के कुंभ मेले को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में उनकी भूमिका की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई थी। UP News
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