प्राथमिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित हायर कार्डियक सेंटर SGPGI में बेहतर इलाज की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए शिफ्ट किया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक चर्चाओं में रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। देर रात उन्हें उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से रेफर कर राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (SGPGI) पहुंचाया गया, जहां कार्डियोलॉजी विभाग में उनका इलाज जारी है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उनकी स्थिति को देखते हुए चार वरिष्ठ चिकित्सकों की विशेष टीम लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी संभावित जोखिम को टालने के लिए जरूरी जांचें एहतियातन दोबारा कराई जा रही हैं। SGPGI में अगली चिकित्सा रणनीति अब रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तय की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को लेकर स्वास्थ्य और न्यायिक घटनाक्रम एक साथ तेज हो गए हैं। 6 जनवरी 2026 की देर रात देवरिया जिला कारागार में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी,सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित हायर कार्डियक सेंटर SGPGI में बेहतर इलाज की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए शिफ्ट किया गया। इधर, इलाज के साथ कानूनी प्रक्रिया भी उत्तर प्रदेश में जारी रही। रिमांड रद्द कराने की मांग को लेकर दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम मंजू कुमारी ने इसे खारिज कर दिया, जिससे अमिताभ ठाकुर की न्यायिक हिरासत 21 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले 6 जनवरी को ही उनकी जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई थी।
जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 6 जनवरी की रात उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार में अमिताभ ठाकुर ने करीब 9:30 बजे भोजन किया और उसके बाद देर रात तक पढ़ने-लिखने में जुटे रहे। लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के साथ उनकी हालत बिगड़ गई। हालात बिगड़ते देख जेल प्रशासन ने तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई और उन्हें जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में शुरुआती जांच के दौरान डॉक्टरों ने हृदय से जुड़ी समस्या की आशंका जताई। हालांकि एक जांच रिपोर्ट में हार्ट अटैक की स्पष्ट पुष्टि न होने की बात भी सामने आई, लेकिन चिकित्सकों के मुताबिक ईसीजी समेत कुछ रिपोर्ट्स चिंताजनक रहीं। इसी वजह से बेहतर इलाज के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सुपरस्पेशियलिटी संस्थान SGPGI रेफर करने का फैसला लिया गया। मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ दिनों से हृदय संबंधी नियमित दवाएं समय पर न ले पाने की स्थिति भी बिगड़ने की एक वजह हो सकती है। फिलहाल लखनऊ SGPGI में विशेषज्ञों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आगे का उपचार-प्लान जांच रिपोर्ट्स के आधार पर तय किया जा रहा है। UP News