जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मेडिकल टीम की सलाह पर तुरंत रेफर की प्रक्रिया पूरी की गई।

UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से सम्बंधित है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जेल में बंद उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की तबियत अचानक से बिगड़ गई है। तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उन्हें पहले महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया है। फिलहाल उनका इलाज गोरखपुर में जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मेडिकल टीम की सलाह पर तुरंत रेफर की प्रक्रिया पूरी की गई।
उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर 10 दिसंबर से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार में बंद हैं। उनके खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया में जमीन/प्लॉट के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला चल रहा है, जिसकी कड़ी लखनऊ के तालकटोरा थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ती बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आवास विकास कॉलोनी निवासी संजय शर्मा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर पर अपने और परिवार के हित में कथित तौर पर फर्जी नाम और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप हैं। शिकायत में दावा है कि कथित रूप से पहचान पत्र, शपथ पत्र समेत दस्तावेजों के सहारे इंडस्ट्रियल एरिया में प्लॉट का आवंटन कराया गया और बाद में रजिस्ट्री कराकर कब्जा भी लिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उस वक्त जिले में एसपी पद पर रहने के दौरान अमिताभ ठाकुर को कथित अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और प्रभाव के इस्तेमाल की बात कही गई है। (ये सभी आरोप हैं; मामले का अंतिम फैसला जांच/अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।)
उत्तर प्रदेश में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के मामले ने बीते कुछ दिनों में तेजी से घटनाक्रम बदला है। 9 दिसंबर को लखनऊ पुलिस ने उन्हें शाहजहांपुर से ट्रेन में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी। 10 दिसंबर को उन्हें देवरिया लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। और इसी दिन देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देवरिया के महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल इलाज जारी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। UP News