
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को पकड़ा है, जिसने पूरे सिस्टम को अपने नकली रसूख से महीनों तक नचाया। डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और मर्सिडीज जैसी लग्ज़री गाड़ियों में नीली–लाल बत्ती लगवाकर यह ठग खुद को ‘IAS अफसर’ बताता और पूरे उत्तर प्रदेश में वीआईपी अंदाज में घूमता रहा। असलियत में यह कोई बड़ा अधिकारी नहीं, बल्कि गौतमबुद्ध नगर का रहने वाला फर्जी IAS सौरभ त्रिपाठी है, जिसने जालसाज़ी के दम पर उत्तर प्रदेश की राजधानी तक को गुमराह कर दिया। यह जालसाज युवक फर्जी दस्तावेज़ों, नकली सरकारी पास और झूठी पहचान के दम पर उत्तर प्रदेश की नौकरशाही को गुमराह करता रहा और खुद को ‘IAS’ बताकर सरकारी कार्यक्रमों तक में शामिल होता रहा। UP News
सोचिए, यूपी की सड़कों पर कोई लग्जरी कार रुके और उसमें बैठा शख्स पुलिस को धमकाए कि मैं IAS हूं, मुख्यमंत्री तक शिकायत कर दूंगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऐसा ही हुआ, लेकिन इस बार खेल उल्टा पड़ गया। वजीरगंज पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो उस युवक का नकली चेहरा सामने आ गया। नाम था सौरभ त्रिपाठी—गौतमबुद्ध नगर का रहने वाला एक जालसाज़, जो डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और मर्सिडीज में ड्राइवर और नीली बत्ती लगवाकर महीनों तक पूरे उत्तर प्रदेश में रौब गालता रहा। गाड़ियों से निकले फर्जी पास, नकली दस्तावेज़ और वीआईपी सामान ने उसकी चालाकी का पूरा भंडाफोड़ कर दिया। UP News
उत्तर प्रदेश की नौकरशाही को महीनों तक बेवकूफ बनाने वाले इस जालसाज ने सिर्फ लग्ज़री गाड़ियों का ही सहारा नहीं लिया, बल्कि सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में IAS अधिकारी बनकर घुस बैठा। अफसरों पर दबाव डालकर फैसले पलटवाने की कोशिश करता और रौब ऐसा झाड़ता कि कई अधिकारी उसकी दबंगई के सामने खामोश रह जाते। फर्जी IAS सौरभ त्रिपाठी की यह चालाकी यूपी में जालसाज़ी का सबसे चौंकाने वाला चेहरा बन गई।
उत्तर प्रदेश में जालसाज़ी की कहानी भी किसी वेब सीरीज़ से कम नहीं। फर्जी IAS सौरभ त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर खुद को “IAS, Uttar Pradesh Government” लिखकर पेश किया, सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीरें चिपकाईं और दिखावा ऐसा किया मानो पूरा सिस्टम उसी के इशारों पर चले। बीटेक करने के बाद एनजीओ बनाई, नेताओं से मेलजोल बढ़ाया और धीरे-धीरे अफसरशाही में घुसपैठ कर ली। रौब ऐसा कि अफसरों को खुलेआम धमकाता—“फैसला बदलो, वरना सीएम तक खबर पहुंच जाएगी।” यही नहीं, कई बार होटलों की बैठकों में भी जालसाज़ी का नाटक करके फैसलों को पलटवाने की कोशिश की। UP News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी IAS की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब बड़े जालसाज़ी नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस आयुक्त विभूति श्रीवास्तव ने साफ किया है कि शक है, सौरभ त्रिपाठी अकेला नहीं बल्कि किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल उसकी लग्ज़री गाड़ियां ज़ब्त कर ली गई हैं और सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट करा दिए गए हैं, ताकि उसकी नकली IAS वाली पहचान का खेल हमेशा के लिए खत्म हो जाए। UP News