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उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए बहुत चिंता की खबर है। खबर यह है कि उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। खासतौर से उत्तर प्रदेश के उन नागरिकों को सावधान रहना पड़ेगा जो लोग किसी भी रूप में दूध पीते हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए बहुत चिंता की खबर है। खबर यह है कि उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। खासतौर से उत्तर प्रदेश के उन नागरिकों को सावधान रहना पड़ेगा जो लोग किसी भी रूप में दूध पीते हैं। दूध पीने वालों को बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुछ कारोबारी मोटा मुनाफा कमाने के मकसद से डिटर्जेंट पाउडर से दूध बनाकर बेच रहे हैं। यह दूध इंसान के शरीर में जहर का काम करता है। जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर डिटर्जेंट पाउडर के अलावा यूरिया, रिफाइंड तेल और अन्य रसायनों का इस्तेमाल करके नकली दूध तैयार किया जा रहा है। UP News
हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि नकली दूध तैयार करने के लिए डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया, स्टार्च, रिफाइंड तेल और सिंथेटिक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन पदार्थों को पानी में मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार किया जाता है जो देखने में बिल्कुल असली दूध जैसा लगता है। कई बार इसमें सफेदी बढ़ाने के लिए पेंट जैसी सामग्री तक मिला दी जाती है। खाद्य विशेषज्ञों का कहना है कि डिटर्जेंट और यूरिया से बना दूध शरीर के लिए जहर की तरह काम करता है। लगातार सेवन करने से किडनी, लीवर और पेट संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार मिलावटी दूध पीने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गैस, फूड प्वाइजनिंग और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में इसका असर और भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसा दूध पीने से शरीर के अंदर विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। UP News
इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में जांच अभियान तेज कर दिया है। दूध डेयरियों और सप्लाई करने वालों के सैंपल लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर FIR दर्ज करके उन्हें जेल भेजा जाएगा। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नकली दूध की पहचान के लिए कुछ सामान्य तरीके बताए गए हैं। इन तरीकों के अनुसार दूध को हाथों के बीच रगडऩे पर यदि साबुन जैसी चिकनाहट महसूस हो तो सावधान हो जाएं, गर्म करने पर दूध का रंग पीला या अजीब गंध वाला लगे तो यह मिलावटी हो सकता है, पानी में दूध की बूंद डालने पर असली दूध धीरे-धीरे नीचे जाता है जबकि नकली दूध तुरंत फैल जाता है, अधिक झाग बनना भी डिटर्जेंट मिलावट का संकेत हो सकता है। UP News
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और गर्मियों के मौसम में दूध की मांग बढऩे के कारण नकली दूध का कारोबार तेजी पकड़ लेता है। मिठाई, खोया और डेयरी उत्पादों में भी इसी मिलावटी दूध का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद डेयरी या विक्रेता से ही दूध खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत खाद्य विभाग को दें। यह बहुत ही सावधान रहने का मामला है। UP News
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