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Famous Temples in Uttar Pradesh: पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या का राम मंदिर देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बने इस भव्य मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

UP Famous Temples: उत्तर प्रदेश को सिर्फ देश का सबसे बड़ा राज्य ही नहीं बल्कि आस्था और आध्यात्म का भी केंद्र माना जाता है। यहां ऐसे कई मंदिर हैं जिनकी पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। भगवान राम की नगरी अयोध्या से लेकर भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और बाबा विश्वनाथ की काशी तक उत्तर प्रदेश का हर धार्मिक स्थल अपनी अलग पहचान और महत्व रखता है। अगर आप धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं या उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद खास है।
पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या का राम मंदिर देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बने इस भव्य मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की भव्यता और धार्मिक महत्व इसे उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की पहचान बना चुका है। अयोध्या आने वाले श्रद्धालु राम मंदिर के साथ हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट भी जरूर जाते हैं।
अयोध्या पहुंचना अब पहले से काफी आसान हो गया है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अयोध्या) है जहां देश के कई बड़े शहरों से उड़ानें उपलब्ध हैं। रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे से राम मंदिर तक टैक्सी, ऑटो और बस की सुविधा आसानी से मिल जाती है।
वाराणसी स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। माना जाता है कि यहां दर्शन करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर परिसर और भी भव्य हो गया है जिसके चलते श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गंगा किनारे स्थित यह मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है। वहीं रेल यात्री वाराणसी जंक्शन या बनारस रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। रेलवे स्टेशन से मंदिर तक ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा आसानी से उपलब्ध रहते हैं।
मथुरा और वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर देश के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में गिने जाते हैं। विशेष अवसरों पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। जन्माष्टमी और होली के दौरान यहां का माहौल देखने लायक होता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन मंदिरों में दर्शन कर खुद को धन्य महसूस करते हैं।
मथुरा और वृंदावन दिल्ली-आगरा मार्ग पर स्थित हैं। श्रद्धालु मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से पहुंच सकते हैं। वहीं निकटतम हवाई अड्डे आगरा और दिल्ली में स्थित हैं। मथुरा रेलवे स्टेशन से वृंदावन और बांके बिहारी मंदिर के लिए नियमित बस, ऑटो और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।
मिर्जापुर स्थित विंध्याचल धाम शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। नवरात्रि के दौरान यहां लाखों भक्त पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
विंध्याचल धाम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित है। श्रद्धालु सीधे विंध्याचल रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। वाराणसी से इसकी दूरी लगभग 70 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है।
वाराणसी का संकटमोचन मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। माना जाता है कि यहां दर्शन करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है। मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
संकटमोचन हनुमान मंदिर वाराणसी शहर में स्थित है। वाराणसी रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे से यहां तक टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध है। काशी विश्वनाथ दर्शन करने आने वाले अधिकांश श्रद्धालु संकटमोचन मंदिर भी अवश्य जाते हैं।
वृंदावन का प्रेम मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और आकर्षक रोशनी के लिए प्रसिद्ध है। शाम के समय मंदिर का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है। यह मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक मंदिर की सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
वृंदावन का प्रेम मंदिर देश के सबसे लोकप्रिय धार्मिक और पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। मथुरा जंक्शन से इसकी दूरी करीब 12 किलोमीटर है। रेलवे स्टेशन से ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा के माध्यम से आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है। शाम के समय यहां की रोशनी और संगीतमय फव्वारे का दृश्य बेहद आकर्षक होता है।
उत्तर प्रदेश में कई ऐसे धार्मिक स्थल भी हैं जो अपनी पौराणिक मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध हैं। सीतापुर का नैमिषारण्य और बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र हैं। इन मंदिरों से जुड़ी धार्मिक कथाएं और मान्यताएं इन्हें और भी खास बनाती हैं।
नैमिषारण्य सीतापुर जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। लखनऊ से इसकी दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। सड़क मार्ग के अलावा रेल मार्ग से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन नैमिषारण्य और सीतापुर हैं।
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