उत्तर प्रदेश में आखिर चार छात्राओं को एक दिन के लिए निदेशक की जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई ? मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल में ऐसा क्या खास रहा और स्कूलों की भोजन व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे ? जानिए पूरी खबर।
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UP News : उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान के तहत बेटियों को नेतृत्व और प्रशासनिक जिम्मेदारी का अनुभव देने की पहल की गई है। लखनऊ के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, काकोरी की चार छात्राओं मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने बुधवार को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में एक दिन की निदेशक की भूमिका निभाई। इस दौरान छात्राओं ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और पोषण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया। 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह भी मौजूद रहे। छात्राओं ने विभागीय कार्यप्रणाली को समझने के साथ भोजन व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझाव दिए। उनके निर्देशों में विद्यालयों के किचन शेड की साफ-सफाई, बच्चों को ताजा और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने तथा रसोइयों को स्वच्छता और पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर रहा। UP News

मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने का कौशल विकसित करना है। इसी उद्देश्य से काकोरी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की चार छात्राओं को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में प्रशासनिक कार्यों को करीब से समझने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने निदेशक की आसंदी संभाली। उन्होंने विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्कूलों में मध्याह्न भोजन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। छात्राओं ने कहा कि बच्चों की संख्या के अनुसार पर्याप्त भोजन तैयार होना चाहिए और भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूलों में आधुनिक रसोई व्यवस्था विकसित करने और जरूरत पड़ने पर अस्वस्थ बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। UP News
छात्राओं की ओर से दिए गए निर्देशों में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की रसोई में स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई। भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को समय-समय पर स्वच्छता और पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का सुझाव भी दिया गया। मध्याह्न भोजन बच्चों के पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में रसोई की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षित तरीके से खाना तैयार करना आवश्यक है। छात्राओं ने इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया। UP News
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने चारों छात्राओं के आत्मविश्वास, प्रशासनिक सोच और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बेटियों को आगे बढ़ाना और उनमें निर्णय लेने तथा समाज को दिशा देने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का व्यावहारिक अनुभव छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और भविष्य में जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है। UP News
प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, छात्राओं के स्वच्छता और पोषण संबंधी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की तैयारी है। इसके तहत प्रदेश के विद्यालयों की रसोई में विशेष सफाई अभियान शुरू करने की बात कही गई है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है। हालांकि, अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, निगरानी व्यवस्था और अनुपालन की समयसीमा के बारे में विभागीय स्तर पर अधिक जानकारी सामने आना बाकी है। मिशन शक्ति के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बालिकाओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनुभव देने के साथ स्कूलों में बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता जैसे मुद्दों को भी सामने लाता है। अब इस पहल का वास्तविक असर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता और भोजन व्यवस्था के अनुपालन से स्पष्ट होगा। UP News
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