
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से शुरू हुए इस मामले में एक ही नाम और पहचान वाले व्यक्ति ने सरकारी नौकरी का फायदा उठाकर लाखों रुपये कमाए। अर्पित सिंह नाम के इस शख्स का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम सभी रिकॉर्ड में समान पाया गया, लेकिन इसके बावजूद वह छह अलग-अलग जिलों में एक ही समय पर नियुक्त था। फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली—उत्तर प्रदेश के ये छह जिले अब इस फर्जीवाड़े की चर्चा में हैं। मानव संसाधन पोर्टल पर जब अर्पित सिंह का रिकॉर्ड जांचा गया, तो पता चला कि एक ही पहचान के छह कर्मचारी इन जिलों में काम कर रहे थे। चार का स्थायी पता भी समान पाया गया, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। UP News
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से शुरू हुए इस मामले में अर्पित सिंह नाम के शख्स का नाम पिछले 9 सालों से एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर दर्ज था। सरकारी रिकॉर्ड में उनकी तैनाती हाथरस में बताई गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि वे मुरसान और अन्य पांच जिलों में भी नौकरी कर रहे थे। मानव संसाधन पोर्टल पर जब उनका डेटा खंगाला गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली में छह अलग-अलग “अर्पित सिंह” काम कर रहा था।
यह मामला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में प्रणालीगत गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन छह कर्मचारियों का नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि सभी समान थे। इसमें से चार का स्थायी पता भी एक जैसा पाया गया। यह स्थिति साफ़ दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों के रिकॉर्ड में गंभीर धांधली हुई है।
वेतन की बात करें तो एक अर्पित सिंह प्रति माह 69,595 रुपये ले रहा था। एक वर्ष में सिर्फ एक जिले से ही 8,35,140 रुपये की सैलरी ली गई। 9 सालों में केवल एक जिले से 75,16,260 रुपये का भुगतान हो चुका है। अगर छह जिलों के अर्पित सिंहों के वेतन जोड़ें, तो लगभग 4.5 करोड़ रुपये सिर्फ छः व्यक्तियों ने विभाग से हासिल कर लिए। फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की है। उन्होंने बताया कि नियम-कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है, लेकिन अब सवाल यह है कि यह जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित रहेगी या प्रणाली की जड़ों तक पहुँच कर बदलाव करेगी। UP News