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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह लंबी कतारें, नाराज उपभोक्ताओं का हंगामा और बढ़ती कालाबाजारी के बीच अब उत्तर प्रदेश के बलिया और मिर्जापुर से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को भी सतर्क कर दिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में रसोई गैस संकट लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह लंबी कतारें, नाराज उपभोक्ताओं का हंगामा और बढ़ती कालाबाजारी के बीच अब उत्तर प्रदेश के बलिया और मिर्जापुर से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को भी सतर्क कर दिया है। दोनों जिलों में कुल 1123 गैस सिलेंडरों के गायब होने या गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद हलचल तेज हो गई है। उधर, आजमगढ़ में भी घरेलू सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल पर कार्रवाई हुई है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के जमालपुर क्षेत्र में स्थित ध्रुवी गैस एजेंसी के गोदाम से सिलेंडर चोरी का मामला सामने आया है। एजेंसी संचालक जेपी सिंह के मुताबिक गोदाम में बड़ी संख्या में भरे और खाली सिलेंडर रखे गए थे। आरोप है कि सोमवार रात अज्ञात लोग गोदाम का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वहां से 58 भरे हुए तथा 50 खाली सिलेंडर उठा ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हालांकि स्थानीय पुलिस इस पूरी घटना को शुरुआती नजर में संदिग्ध मान रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से पड़ताल की जा रही है और तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने उत्तर प्रदेश में पहले से चल रही गैस किल्लत के बीच नई चिंता पैदा कर दी है।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से और भी बड़ा मामला सामने आया है। बांसडीह स्थित रुद्र भारत गैस सर्विस के गोदाम पर हुई जांच में 1015 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडरों का रिकॉर्ड संदिग्ध मिला। जांच के दौरान भारी वित्तीय अनियमितता और धांधली की पुष्टि होने के बाद एजेंसी प्रबंधन पर शिकंजा कसा गया। मामले में एजेंसी मैनेजर राजीव कुमार पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश में एलपीजी वितरण व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडरों का हिसाब कैसे बिगड़ा और कहीं यह मामला कालाबाजारी से जुड़ा तो नहीं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भी घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला पकड़ा गया है। सठियांव क्षेत्र के एक ढाबे पर छापेमारी के दौरान टीम ने 10 घरेलू एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। अधिकारियों ने ढाबा संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया। जिला प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग और काले कारोबार पर नजर रखी जा रही है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रसोई गैस की कमी का असर अब सीधे बाजार पर दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 14 किलो वाला घरेलू सिलेंडर तय कीमत से कहीं ज्यादा दाम पर बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं से 2000 से 2200 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, मजदूरी करते हैं या दूसरे शहरों से आकर काम कर रहे हैं। ऐसे लोग अक्सर छोटे सिलेंडरों में गैस भरवाकर काम चलाते हैं, लेकिन अब वहां भी राहत नहीं है। गैस की कमी का फायदा उठाकर छोटे सिलेंडर में एक किलो गैस के लिए 200 से 250 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे गरीब तबके पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
एलपीजी संकट को नियंत्रित करने के लिए गैस कंपनियों ने बुकिंग व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत दो सिलेंडर वाले उपभोक्ता अब 35 दिन बाद ही नई बुकिंग करा सकेंगे। इससे पहले यह अवधि 30 दिन थी। यह बदलाव बुधवार से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा एक सिलेंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग अंतराल 25 दिन तय किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों और उज्ज्वला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद बुकिंग की सुविधा मिलेगी। नई व्यवस्था को सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है और अब आगे बुकिंग इसी नियम के तहत स्वीकार की जाएगी। UP News
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