प्रदेश में प्रशासनिक सेवा को मजबूती देते हुए 37 नए एसडीएम (एसडीएम) नियुक्त किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा पीसीएस 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद यह नियुक्तियां सामने आई हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा को मजबूती देते हुए 37 नए एसडीएम (एसडीएम) नियुक्त किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा पीसीएस 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद यह नियुक्तियां सामने आई हैं। एसडीएम का पद राज्य प्रशासन में बेहद अहम और प्रभावशाली माना जाता है।
एसडीएम यानी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट एक प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो किसी जिले के उपखंड (सब डिवीजन) का जिम्मा संभालता है। यह पद जिला प्रशासन की रीढ़ माना जाता है। तहसील स्तर की व्यवस्थाओं की निगरानी करता है, डीएम और तहसीलदार के बीच समन्वय स्थापित करता है। कई बार ट्रेनिंग के दौरान यूपीएससी से चयनित अधिकारी भी इस पद पर तैनात किए जाते हैं।
एक एसडीएम के पास कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं:
* कानून-व्यवस्था बनाए रखना
* राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों की निगरानी
* चुनाव संबंधी कार्यों का संचालन
* प्रशासनिक निर्णय और जांच। यानी यह पद प्रशासनिक और न्यायिक दोनों तरह की जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है।
उत्तर प्रदेश में एसडीएम को लेवल-10 के तहत वेतन दिया जाता है:
* बेसिक सैलरी: 56,100 प्रति माह
* अधिकतम सैलरी: 1,77,500 तक
* पे स्केल: 9300 से 34800 (पुराना ढांचा)
* ग्रेड पे: 5400
इसके अलावा कई भत्ते अलग से मिलते हैं, जिससे कुल सैलरी और बढ़ जाती है।
एसडीएम को कई सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं:
* सरकारी आवास
* आधिकारिक वाहन
* स्टाफ/सर्वेंट अलाउंस
* टेलीफोन और इंटरनेट सुविधा
* फ्री मेडिकल सुविधा
* रिटायरमेंट के बाद पेंशन लाभ
* प्रशासन में मजबूत पकड़
* समाज में प्रतिष्ठित और प्रभावशाली भूमिका
* करियर ग्रोथ के बेहतर अवसर होते हैं। यही वजह है कि हर साल हजारों अभ्यर्थी इस पद के लिए व उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में शामिल होते हैं।