बात यहीं नहीं रुकी, परिजनों के दबाव पर कराई गई मेडिकल जांच में भी यह स्पष्ट हो गया कि वह पिता बनने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने इसे अपने साथ हुई ‘धोखाधड़ी’ मानते हुए पूरे मामले को लेकर सख्त रुख अपना लिया और नवविवाहिता ने खुलकर तलाक की मांग कर दी।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से वैवाहिक जीवन की बुनियाद हिला देने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र की एक नवविवाहिता ने फेरे लेने के सिर्फ तीसरे दिन ही पति से तलाक की ठान ली। आरोप है कि सुहागरात पर दूल्हे ने खुद यह राज खोल दिया कि वह शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है और वैवाहिक संबंध बनाने में असमर्थ है। बात यहीं नहीं रुकी, परिजनों के दबाव पर कराई गई मेडिकल जांच में भी यह स्पष्ट हो गया कि वह पिता बनने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने इसे अपने साथ हुई ‘धोखाधड़ी’ मानते हुए पूरे मामले को लेकर सख्त रुख अपना लिया और नवविवाहिता ने खुलकर तलाक की मांग कर दी।
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी 28 नवंबर को गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GIDA) में तैनात एक इंजीनियर से धूमधाम से हुई थी। अगले ही दिन परंपरानुसार विदाई की रस्म भी पूरी कर दी गई। लेकिन नवविवाहिता का आरोप है कि सुहागरात के दौरान ही दूल्हे ने उससे स्वीकार किया कि वह वैवाहिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं है। यह सुनते ही दुल्हन के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब उसने यह बात उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित अपने परिजनों को बताई तो पूरा परिवार मानो अंदर से बिखर गया और खुद को गंभीर मानसिक आघात झेलता हुआ महसूस करने लगा।
उत्तर प्रदेश में प्रचलित परंपरा के तहत 1 दिसंबर को दुल्हन के पिता बेटी की कुशलक्षेम जानने ससुराल पहुंचे। वहीं, बेटी ने उन्हें निजी तौर पर पूरी कहानी बताई। इसके बाद दुल्हन के पिता ने तत्काल फैसला लेते हुए बेटी को अपने साथ मायके ले जाने का निर्णय किया। परिवार का आरोप है कि यदि दूल्हे की शारीरिक स्थिति पहले बता दी जाती, तो यह रिश्ता कभी नहीं होता। मामला तूल पकड़ने पर 3 दिसंबर को बेलियापुर में दोनों परिवारों की बैठक हुई। रिश्तेदारों की मौजूदगी में दुल्हन पक्ष ने दूल्हे के परिवार पर आरोप लगाया कि उन्होंने लड़के की शारीरिक अक्षमता की बात छिपाकर धोखे से शादी कराई। दुल्हन के परिवार के मुताबिक, आपसी सहमति से दूल्हे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया, जहां रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि वह शारीरिक रूप से असमर्थ है और प्राकृतिक रूप से पिता नहीं बन सकता। इसी दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि यह दूल्हा इससे पहले भी शादी कर चुका था और पहली पत्नी भी लगभग एक महीने के भीतर ही इसी वजह से ससुराल छोड़कर लौट गई थी।
बताया जा रहा है कि दूल्हा करीब 25 वर्ष का है और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र में रहने वाले एक संपन्न किसान परिवार का इकलौता बेटा है। सरकारी औद्योगिक क्षेत्र GIDA में इंजीनियर की नौकरी और संपन्न परिवार का टैग होने के कारण रिश्ता रिश्तेदारों के माध्यम से तय किया गया था। दुल्हन पक्ष का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जहां जागरूकता की बातें की जाती हैं, वहां इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारी छुपाना सिर्फ सामाजिक नहीं बल्कि नैतिक धोखा भी है। मामले की भनक लगने पर सहजनवां थाना पुलिस भी बीच में आई। दोनों पक्षों की शिकायत और बातचीत के आधार पर पुलिस की मौजूदगी में सुलह–समझौते की प्रक्रिया शुरू हुई। सहजनवां थाना प्रभारी महेश चौबे के अनुसार, नवविवाहिता पक्ष ने शिकायत दी थी, जिसके बाद दोनों परिवारों को बुलाकर बातचीत कराई गई। बातचीत के बाद दूल्हे के परिवार ने एक महीने के भीतर शादी में हुए कुल लगभग 7 लाख रुपये के खर्च और दिए गए सभी उपहार वापस करने पर सहमति जताई। रिश्तेदारों की मौजूदगी में यह समझौता लिखित रूप से कर लिया गया। UP News