उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, एक दर्जन जाति होंगी सम्मानित
भारत
चेतना मंच
01 Sep 2025 03:11 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े फैसले के द्वारा प्रदेश में रहने वाली एक दर्जन जातियों को बड़ा लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला जिन जातियों को लाभ देने वाला बनेगा उन जातियों को अब तक पर्याप्त सम्मान नहीं मिल पाया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रदेश सरकार के बड़े फैसले की घोषणाा की है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला कल्याणकारी फैसले के रूप में सामने आया है। UP News
उत्तर प्रदेश में रहने वाली इन खास जातियों पर फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला क्या है? इस विषय में जानकारी देने से पहले आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कम से कम 36 जाति के लोग रहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि प्रदेश सरकार हर जाति तथा धर्म का पूरा सम्मान करती है तथा उनका पूरा ध्यान रखती है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस दावे के बावजूद प्रदेश की कुछ खास जातियां अपना अधिकार तथा सम्मान पाने से वंचित रह गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन खास जातियों पर खास फोकस करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश की जिन खास जातियों पर फोकस किया जा रहा है उन जातियों को विमुक्त तथा घुमंतू जाति कहा जाता है।
उत्तर प्रदेश में मौजूद है सपेरा से लेकर जोगी तक की जाति
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में घुमंतू तथा विमुक्त जाति की श्रेणी में एक दर्जन जाति शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की घुमंतू जातियों में नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड, कालबेलिया, सपेरा तथा जोगी जैसी जातियां शामिल हैं। इन जातियों के लोग अलग-अलग कारणों से अपने मकान अथवा दुकान बनाकर एक स्थान पर नहीं रहते हैं। इन जातियों के नागरिक घूम-घूमकर अपनी गुजर-बसर करते हैं। यही कारण है कि इन जातियों को घुमंतू जाति कहा जाता है। जब भारत में अंग्रेजों का राजा था तो भारत की घुमंतू जातियों ने अंग्रेजों को भारत से भगाने के लिए बड़े-बड़े युद्ध लड़े थे। इसी कारण अंग्रेजों ने घुमंतू जातियों को क्रिमनल ट्राइब्स (अपराधी जातियां) जातियां घोषित कर दिया था। भारत के प्रसिद्ध गुर्जर समाज को भी अंग्रेजों ने क्रिमिनल ट्राइब्स की श्रेणी में रखा था। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार ने कर लिया खास जातियों के लिए खास बोर्ड बनाने का फैसला
बात उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े फैसले की करें तो उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए एक खास बोर्ड बनाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस बड़े फैसले की घोषणा की है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 31 अगस्त 2025 को विमुक्त व घुमंतू जातियों के कल्याणार्थ आयोजित विमुक्त जाति दिवस समारोह में शिरकत करते हुए एक बड़ी घोषणा की। UP News
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार घुमंतू और विमुक्त जातियों के कल्याण के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन करेगी। साथ ही इन जातियों के लोगों को कॉलोनी और मकान उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त जाति दिवस पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जातियां देश की वह वीर जातियां हैं जिन्होंने विदेशी हमलों के समय योद्धा के रूप में संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन जातियों ने कभी मुगलों के खिलाफ तो कभी अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ लड़ाई लड़ी। UP News
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया घुमंतू जातियों का इतिहास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंग्रेजों ने इनके पराक्रम से भयभीत होकर वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया और इन जातियों को जन्म से ही अपराधी घोषित कर दिया। स्वतंत्रता के बाद भी 1952 तक यह कलंक इन पर लगा रहा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त 1952 को इन जातियों को इससे मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि विमुक्त जाति दिवस उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब इन समुदायों को आजादी के मायने समझ आए। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार पूरी ईमानदारी से विमुक्त और घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में शिक्षा और आवास की दिशा में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। UP News
उन्होंने बताया कि 9 जनपदों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, दो आवासीय आश्रम पद्धति विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं, जबकि 101 आवासीय विद्यालय पहले से चल रहे हैं। यहां छात्रों को रहने, खाने से लेकर यूनिफॉर्म तक की व्यवस्था सरकार कर रही है। इसके अलावा 264 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में विमुक्त जातियों के बच्चों के लिए भी विशेष सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने वनटांगिया समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने उन्हें राजस्व गांव का दर्जा दिया, मताधिकार का अधिकार दिया, उनके लिए घर, स्कूल और अस्पताल बनवाए। इसी तरह मुसहर, कोल, थारू, गौड़, चेरो और सहरिया जैसी जातियों के लिए भी योजनाएं संचालित की गईं। कुम्हार, निषाद और राजभर समाज को भी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार देगी जमीन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब विमुक्त और घुमंतू जातियों को भी जमीन के पट्टे और मतदान की सुविधा दी जाएगी। इस संबंध में उन्होंने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से मंच से ही कहा कि घुमंतू जातियों के लिए बोर्ड का गठन किया जाए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जैसे शामली और वनटांगिया का मॉडल बना, उसी तरह घुमंतू जातियों के लिए भी योजनाएं लागू होंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की पुलिस भर्ती में घुमंतू जातियों से जुड़े कई युवक-युवतियों का चयन हुआ है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों को समान अवसर दे रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, मंत्री असीम अरुण, नरेन्द्र कश्यप, संजीव गौड़, बैजनाथ रावत, बेचन राम, जीत सिंह खरवार, विश्वनाथ प्रसाद, वाईपी सिंह, भगवान नाथ, डॉ. शोभा चौधरी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। UP News