उत्तर प्रदेश सरकर ने प्रदेश के नागरिकों के हित में बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में लिया है। बृहस्पतिवार 29 जनवरी 2026 को हुई उत्तर प्रदेश सरकर की कैबिनेट की बैठक के बाद इस बड़े फैसले की सार्वजनिक घोषणा कर दी गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकर ने एक बार फिर बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकर के बड़े फैसले से प्रदेश के लाखों नागरिकों को फायदा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकर ने प्रदेश के नागरिकों के हित में बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में लिया है। बृहस्पतिवार 29 जनवरी 2026 को हुई उत्तर प्रदेश सरकर की कैबिनेट की बैठक के बाद इस बड़े फैसले की सार्वजनिक घोषणा कर दी गई है।
बृहस्पतिवार 29 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में 32 प्रस्ताव रखे गए थे। 32 में से 30 प्रस्ताव कैबिनेट ने पास कर दिए हैं। इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के बेसिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए था। उत्तर प्रदेश सरकर ने कैबिनेट की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी बेसिक तथा माध्यमिक स्कूलों के अध्यापकों तथा कर्मचारियों को बीमार होने पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकर के इस बड़े फैसले का फायदा प्रदेश के 15 लाख शिक्षकों तथा कर्मचारियों को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकर की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकर के बड़े फैसले की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकर ने बेसिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले अध्यापकों तथा कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से 15 लाख अध्यापकों तथा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इस योजना के ऊपर सरकार 359 करोड़ रूपए सालाना खर्च करेगी। उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के 4,34,426 शिक्षक, सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के 13,380 शिक्षक, परिषद के तहत स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों के 4,72,735 शिक्षक, 1,42,929 'शिक्षा मित्र', उच्च प्राथमिक स्कूलों के 24,717 प्रशिक्षक, 7,479 वार्डन और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत 97,344 रसोइया और 2,00,581 विशेष शिक्षक लाभान्वित होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाली समितियां कैशलेस सुविधा देने से पहले लाभार्थियों का सत्यापन करेंगी। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के लिए भी इसी तरह की कैशलेस मेडिकल योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक और सरकारी वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक कैशलेस इलाज के लिए पात्र होंगे। इस जानकारी को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इस योजना में मानदेय पर काम करने वाले शिक्षक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे. उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों को न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में बल्कि पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी अंतर्रोगी विभाग (आईपीडी) में इलाज की सुविधा मिलेगी। खन्ना ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत लगभग 2,97,579 शिक्षकों को इस योजना से फायदा होगा, जिस पर अनुमानित खर्च लगभग 89.25 करोड़ रुपये आएगा। UP News